403 में से 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद:सपा को 135 सीटें; NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान

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यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर एप के सबसे बड़े सर्वे में फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। यूपी की 403 सीटों में 256 पर भाजपा पहली पसंद बनी। 135 सीटों पर सपा मजबूत दिख रही। सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा की सहयोगी पार्टियों को होता दिख रहा। ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा अपनी सभी 6 सीटों पर पिछड़ती दिख रही है। सर्वे में सिर्फ सपा की सीटें बढ़ रहीं
सर्वे में आए नतीजों की तुलना अगर सभी पार्टियों के मौजूदा सीटों से करें, तो भाजपा को 2 का नुकसान होता दिख रहा है। फिलहाल भाजपा के पास 258 सीटें हैं। सबसे ज्यादा फायदा समाजवादी पार्टी को होता दिख रहा है। सपा की इस समय 107 सीटें है। भास्कर सर्वे में 135 सीटों पर सपा पहली पसंद बनी है। इस तरह उसे 28 सीटों का फायदा होता दिख रहा है। अब क्षेत्रवार पार्टियों को हुआ नफा-नुकसान समझिए…
यूपी को हमने 5 क्षेत्रों में बांटकर सर्वे के नतीजों को देखा। पूर्वांचल में 133, अवध में 82, पश्चिम में 79, ब्रज में 56 और बुंदेलखंड में 53 सीटें हैं। भाजपा को पूर्वांचल और पश्चिम यूपी में फायदा हुआ है। जबकि अवध, ब्रज और बुंदेलखंड में नुकसान हुआ। इसी तरह सपा की पश्चिमी यूपी में सीटें घटी हैं। पूर्वांचल, अवध, ब्रज और बुंदेलखंड में उसकी सीटें बढ़ती दिख रही हैं। 41 मंत्रियों की सीटों पर कौन-सी पार्टी पहली पसंद
मंत्रिमंडल में सीएम सहित 54 मंत्री हैं। इनमें 41 विधायक और 13 एमएलसी हैं। सर्वे में मंत्रियों की 41 सीटों में से 32 पर लोगों ने भाजपा को पहली पसंद बताया। बाकी 9 सीटों में से 8 सीटों पर समाजवादी पार्टी पहली पसंद है। 1 सीट पर भाजपा की सहयोगी आरएलडी को लोगों ने पसंद किया। ये 9 सीटें सहयोगी दल की हैं, लेकिन यहां भाजपा को पसंद किया
सर्वे में भाजपा के सहयोगी दलों की 9 सीटों पर चौंकाने वाला नतीजा सामने आया। अपना दल (एस) की कब्जे वाली बिंदकी, नानपारा, विश्वनाथगंज और शोहरतगढ़ में भाजपा पहली पसंद बनी है। इसी तरह आरएलडी की कब्जे वाली 3 सीटें मुजफ्फरनगर की खतौली, शामली की थानाभवन और बागपत की सिवालखास पर भी लोगों ने भाजपा को पहली पसंद बताया है। सुभासपा की कब्जे वाली दो सीटों बस्ती की महादेव और मऊ में भाजपा पहली पसंद की पार्टी बनकर आई है। मऊ में मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी विधायक है। पहली पसंद का फॉर्मूला- विधानसभा सीट पर जिस पार्टी को सर्वाधिक लोगों ने चुना, वह पार्टी उस सीट पर पहली पसंद मानी गई है। भाजपा के विधायक वाली 60 सीटों पर सपा-कांग्रेस पहली पसंद
भाजपा के 257 और सहयोगी दलों के 33 विधायक हैं। इस तरह NDA के कुल 290 विधायकों की सीटों में 75 पर समाजवादी पार्टी नंबर- 1 बनकर सामने आई है। भाजपा की 257 सीटों में से 59 पर सपा और 1 पर कांग्रेस पहली पसंद बनी। इसी तरह सपा के मौजूदा 105 विधायकों की सीटों में से 47 पर भाजपा पहली पसंद बनी। मुस्लिम विधायकों वाली 31 सीटों में 15 पर भाजपा पहली पसंद
इस समय 31 मुस्लिम विधायक हैं। इनमें सपा के 27, आरएलडी के 2, अपना दल (एस) और सुभासपा के एक-एक विधायक हैं। भास्कर सर्वे में इन 31 सीटों में से 15 पर भाजपा और 16 पर सपा पहली पसंद बनी। खास बात यह है कि आरएलडी की थानाभवन, सिवालखास और सुभासपा की मऊ सीटों पर मुस्लिम विधायक हैं। लेकिन, यहां भाजपा पहली पसंद बनी। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला की स्वार सीट पर उपचुनाव में अपना दल (एस) ने जीता था। सर्वे में इस पर सपा पहली पसंद बनी है। पहली बार के विधायकों की सीटों पर भाजपा को बढ़त
यूपी में अभी पहली बार जीतने वाले 137 विधायक हैं। सबसे अधिक भाजपा के 74, सपा के 41, अपना दल (एस) के 10, निषाद पार्टी के 5, आरएलडी के 3 और कांग्रेस के 1 विधायक हैं। दैनिक भास्कर सर्वे में जनता ने इन 137 सीटों में 86 पर भाजपा को पहली पंसद बताया। सपा को 46 सीटों पर, अपना दल (एस) और आरएलडी को 2-2 और निषाद पार्टी को 1 सीट पर पसंद किया। महिला विधायकों की सीटों पर कम उलटफेर
यूपी में मौजूदा समय में 51 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा की 30, सपा की 15, अपना दल (एस) की 4, आरएलडी औऔर कांग्रेस की एक-एक महिला विधायक हैं। भास्कर सर्वे रिजल्ट में महिलाओं की 51 सीटों में 31 पर भाजपा, 18 पर सपा और अपना दल (एस) व कांग्रेस एक-एक सीट पर पहली पसंद बनी हैं।
………………… भास्कर सर्वे के नतीजों में कल देखिए…यूपी के 403 विधानसभा क्षेत्रों का सीटवार रिजल्ट इसमें आपको यह मिलेगा- ————————– यह खबर भी पढ़ें – लोग चाहते हैं-UP के 354 विधायकों को टिकट न मिले, भास्कर के सबसे बड़े सर्वे के नतीजे, 88% भाजपा, 91% सपा विधायकों से लोग नाखुश यूपी में विधायकों को लेकर दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे के चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। मौजूदा 400 में से 354 यानी 88.5% विधायकों को लोग 2027 के चुनाव में दोबारा उम्मीदवार देखना नहीं चाहते। पार्टीवाइज देखें तो लोग चाहते हैं कि भाजपा के 257 विधायकों में 226, यानी 88% को दोबारा टिकट न मिले। सपा के 105 विधायकों में से 96, यानी 91% से लोग नाराज हैं। भाजपा के सहयोगी दलों के 33 में से 30 विधायक लोगों को पसंद नहीं आए। पढ़िए पूरी खबर…