उरांव ने कहा कि गुरुजी ने जिस निष्ठा और संघर्ष के साथ झारखंड आंदोलन का नेतृत्व किया, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने आंदोलन को केवल राजनीतिक दिशा नहीं दी, बल्कि उसे सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण में बदल दिया। झारखंड की आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को सदा याद रखेंगी।
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने हमेशा गरीबों, शोषितों और वंचितों की आवाज बनें। झारखंड आंदोलन से लेकर अलग झारखंड राज्य निर्माण तक हर मोर्चे पर कुशल नेतृत्व किया। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना ने उन्हें जननायक बना दिया। उनका जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।
उरांव ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकसंतप्त परिजनों और झारखंडवासियों के प्रति अपनी संवेदना जताई।
