मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली

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मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी अपर्णा रजक कौशिक ने बताया- बरौधा तिराहे पर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आरोपी बाइक से आया और पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। शनिवार सुबह सवा सात बजे वकील राजीव सिंह (45) की उनके घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। आरोपी ने उनके सीने से सटाकर तमंचे से गोली मारी गई थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी अपने एक साथी के साथ फरार हो गया था। वारदात CCTV में कैद हो गई थी। एसपी ने उसे पकड़ने के लिए 5 टीमें लगाई थी। साथ ही उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। 15 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। साथी की तलाश जारी है। एनकाउंटर स्पॉट की तस्वीरें देखिए- वारदात CCTV में रिकॉर्ड; हमलावर की बाइक काफी देर स्टार्ट नहीं हुई… वकील की पत्नी गांव में प्रधान, परिवार शहर में रहता है मूलरूप से विंध्याचल थाना के देवरी गांव के रहने वाले राजीव सिंह उर्फ रिंकू कटरा कोतवाली में रहते थे। 2011 में यहां जमीन खरीदकर मकान बनवाया था। बच्चों की पढ़ाई की वजह से यहीं रहते थे। यहीं से कोर्ट आते-जाते थे। गांव में पत्नी प्रतिभा सिंह (40) प्रधान हैं। खुद भी 2 बार प्रधान रह चुके थे। इस वजह से गांव भी आना जाना लगा रहता था। उनके 2 बेटे ओम (18) और सार्थक (12) हैं। आरोपी भी प्रधानी का चुनाव लड़ चुका है एसपी ने बताया था कि मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर वकील के गांव देवरी का रहने वाला था। प्रधानी का चुनाव लड़ चुका था। उसकी राजीव की पत्नी प्रतिभा सिंह से चुनावी रंजिश चल रही थी। राजेंद्र कतवारू का पुरा यानी वकील के घर के पास किराए पर रहता है। उसे पहले से पता था कि राजीव मॉर्निंग वॉक के लिए हर दिन कितने बजे घर से निकलते हैं। पूरी साजिश रचकर उसने वारदात की। जांच में पता चला था कि आरोपी पर 2020 में आर्म्स एक्ट का मुकदमा हुआ था। उस मामले में राजीव सिंह ही राजेंद्र सोनकर की पैरवी कर रहे थे। परिजनों ने बताया- गांव का होने के नाते अक्सर राजीव, राजेंद्र की पैसों से भी मदद करते थे। पुलिस ने बताया- राजेंद्र सोनकर पहले भी तीन बार जेल जा चुका है। वह नशे का भी आदी है। आरोपी को राजेंद्र को भाई की तरह मानते थे मृतक वकील के पिता जटा शंकर सिंह ने बताया कि राजेंद्र को भाई की तरह मानते थे। उसके मुकदमों की पैरवी भी करते थे। कोई भी विवाद होने पर मामला सुलह समझौते के आधार पर समाप्त करा देते थे। हत्या की वजह पुरानी रंजिश है। उन्होंने बताया कि राजीव सिंह 2 बार देवरी के ग्राम प्रधान रहे। महिला सीट होने पर उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह ग्राम प्रधान हैं। 7 महीने पहले भी वकील पर ताना था तमंचा पड़ोसियों ने बताया था- राजेंद्र सोनकर ने करीब 7 महीने पहले भी राजीव सिंह पर बीच रास्ते रोककर हमला किया था। उसने बाइक की डिग्गी से तमंचा निकालकर राजीव सिंह पर तान दिया था और मारपीट की थी। राजीव सिंह ने इस मामले में कटरा कोतवाली में तहरीर भी दी थी, पर पुलिस की ओर से समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। पड़ोसी मनीष दुबे ने बताया था कि राजेंद्र सोनकर अक्सर घर पर आता था। कुछ महीने विवाद के बाद आना-जाना बंद हो गया। उसके बाद से अक्सर सुबह घर के पास टहलता दिखता था। उस पर पहले भी एक वकील की हत्या का आरोप लग चुका है। उसने अपनी नानी की हत्या कर नगर के डंगहर मोहल्ला स्थित आवास पर कब्जा कर रखा है। ———————- ये खबर भी पढ़िए- ‘बेटी को कभी डॉक्टर के पास ले जाते नहीं देखा’:मेरठ में पड़ोसियों ने बताया- बेटी की लाश के साथ रहने वाले का सच मेरठ में पिता 4 महीने तक बेटी की लाश के साथ घर में रहा। बदबू न आए, इसलिए परफ्यूम छिड़ककर रखता। आखिर में बेटी प्रियंका का सड़ा-गला कंकाल मिला। पड़ोसियों और रिश्तेदारों को शक है कि प्रियंका का पिता उदयभानु उसके इलाज के लिए बाबाओं के चक्कर लगाता था। दैनिक भास्कर टीम तेली मोहल्ले के उस घर में पहुंची और पूरी घटना को समझने का प्रयास किया। पढ़िए