सेना की ट्रेनिंग के दौरान मेडिकल कारणों से बाहर किए गए ऑफिसर कैडेट्स को अब पूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना (ECHS) के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। यह सुविधा सिर्फ उन कैडेट्स को मिलेगी, जिन्हें ट्रेनिंग के दौरान लगी चोट या बीमारी के कारण बाहर किया गया है। ईसीएचएस में शामिल होने के लिए इन कैडेट्स को किसी तरह की एकमुश्त फीस नहीं देनी होगी। पूर्व सैनिक अधिकारियों को 1.20 लाख रुपए फीस देनी होती है। हालांकि, कैडेट्स को ईसीएचएस की सदस्यता लेनी होगी और नियमों को मानना होगा। साथ ही वे किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना के सदस्य नहीं होने चाहिए। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। आज की बाकी बड़ी खबरें… DRDO ने बनाई नौसेना के लिए नई नेवल फ्लेयर, कलवरी पनडुब्बियों में होगी तैनात रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए विशेष “नेवल फ्लेयर” विकसित किया है। यह कदम देश की पनडुब्बी युद्धक क्षमता को और मजबूत करेगा। यह फ्लेयर पुणे स्थित DRDO की हाई एनर्जी मटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) ने तैयार किया है। शुक्रवार को आयोजित समारोह में HEMRL के निदेशक ने इस सिस्टम को औपचारिक रूप से नौसेना शस्त्र निरीक्षण महानिदेशक (DGNAI) रियर एडमिरल रूपक बरुआ को सौंपा। DRDO ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि “HEMRL ने सिग्नल स्टार नेवल फ्लेयर सफलतापूर्वक विकसित किया है। इसका औपचारिक हस्तांतरण आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम है और यह भारत की अंडरवाटर वारफेयर क्षमता को मजबूती देगा।”
भास्कर अपडेट्स:रक्षा मंत्रालय का फैसला- सेना की ट्रेनिंग से बाहर हुए कैडेट्स को मुफ्त इलाज; सुप्रीम कोर्ट भी कर रहा इस मामले पर सुनवाई
