हरियाणा कृषि विभाग का डिप्टी डायरेक्टर रिश्वत लेते पकड़ा:सोनीपत में लाइसेंस के नाम पर मांगे ₹1 लाख; रोहतक ACB ने डाली रेड

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हरियाणा के सोनीपत में ACB ने कृषि विभाग के डिप्टी डॉयरेक्टर को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डिप्टी डॉयरेक्टर ने उर्वरक लाइसेंस दिलाने के नाम पर एक लाख रुपए की डिमांड की थी। आरोपी 50 हजार रुपए पहले ही ले चुका था, जबकि 50 हजार रुपए की और मांग की जा रही थी। इससे परेशान होकर व्यक्ति ने मामले की शिकायत रोहतक ACB से कर दी। टीम ने ट्रैप बिछाकर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डिप्टी डॉयरेक्टर के खिलाफ थाना एसीबी रोहतक में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत FIR दर्ज की गई है। लाइसेंस के लिए मांगे एक लाख रुपए ACB अधिकारियों का कहना है कि सोनीपत के गांव जाटी कलां के रहने वाले राजकुमार ने डिप्टी डॉयरेक्टर डॉ. पवन शर्मा के खिलाफ शिकायत दी थी। व्यक्ति थोक उरवर्क का लाइसेंस जारी कराने के लिए डिप्टी डॉयरेक्टर के पास आया था। इसके बदले आरोपी ने उससे 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। 50 हजार रुपए ले चुका था शिकायतकर्ता का कहना है कि डिप्टी डॉयरेक्टर लाइसेंस के लिए 50 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद उसने 50 हजार रुपए की और डिमांड की। इसके बाद ही पीड़ित ने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी रोहतक की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। ACB ने ट्रैप बिछाकर पकड़ा एसीबी ने इसके बाद ट्रैप बिछाना शुरू किया। बुधवार (8 अप्रैल) को एसीबी के प्लान के अनुसार, शिकायतकर्ता राजकुमार 50 हजार रुपए लेकर डॉ. पवन के ऑफिस में पहुंचा। इसके कुछ ही देर बाद ऑफिस में अचानक एसीबी की टीम भी पहुंच गई। इंस्पेक्टर भगत सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए डॉ. पवन को रंगेहाथ पकड़ लिया। पूछताछ जारी, अन्य पहलुओं की भी जांच एसीबी अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पवन शर्मा से गहन पूछताछ की जा रही है। टीम यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के साथ इस नेटवर्क में ऑफिस का कोई अन्य अधिकारी तो शामिल नहीं था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम किया जा रहा है। रिश्वत लेने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।