पत्नी के बाल खींचकर घसीटा गला दबाया, फिर मौत; VIDEO:आगरा में तीन महीने पहले हुई थी शादी, परिजन तख्तियां लेकर थाने पर बैठे; लिखा- न्याय दो

Spread the love

आगरा में शादी के तीन महीने बाद महिला की मौत हो गई है। महिला के गले चोट के निशान है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पति औस उसके घर वाले कार और नगदी की मांग कर रहे थे। इसके लिए मेरी बेटी के साथ मारपीट करते थे। एक अप्रैल को मेरी बेटी की हत्या कर दी। मारपीट का सीसीटीवी भी आज सामने आया है। जिसमें उसका पति गला दबाते नजर आ रहा है। परिजनों ने इसको लेकर तहरीर भी दी है। लेकिन पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है। परिजनों ने इसको लेकर थाना एत्माद्दौला में हंगामा किया। परिजन गेट पर ही तख्तियां लेकर बैठे हैं। तख्तियों पर लिखा है- WE WANT JUSTICE, मानसी को न्याय दो। घटना बल्केश्वर के अनुराग नगर की है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला
एत्माद्दौला क्षेत्र के न्यू सीता नगर निवासी अशोक कुमार राठौर ने अपनी बेटी मानसी राठौर की शादी 11 दिसंबर 2025 को बल्केश्वर के अनुराग नगर निवासी प्रिंस उर्फ भोला के साथ किया था। शादी में करीब 25 लाख रुपये खर्च कर दहेज में आभूषण, कपड़े, बर्तन और नगदी दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। मकर संक्रांति (15 जनवरी) से पति, सास और ससुर ने कार और ढाई लाख रुपये नगद की मांग को लेकर मानसी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। बिना कार और नगदी की मांग की
31 मार्च की रात करीब 11 बजे मानसी के साथ गंभीर मारपीट की गई। अगले दिन 1 अप्रैल की सुबह 8:43 बजे उसने फोन कर अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने साफ कह दिया कि बिना कार और नगदी के वे मानसी को नहीं रखेंगे। परिजनों ने कहा- हत्या की गई
परिजनों के मुताबिक, काफी मनाने के बाद आरोपियों ने मानने की बात कही, लेकिन उसी दिन बाद में सूचना मिली कि मानसी की मौत हो गई गई है। आरोप है कि पति प्रिंस, ससुर महेश चंद और सास बवली ने मिलकर दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी जान ले ली। गला दबाते हुए सीसीटीवी भी आया सामने
परिजनों ने कहा- मानसी के साथ मारपीट का सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें मानसी अपनी जान बचाकर अपने घर के लिए भागी थी, उसे पकड़ने के लिए पीछे पति भाग रहा था, पकड़ में आने के बात उसे मारते पीटते घर ले गया। पीड़ित परिवार का आरोप है की घर ले जाने के बाद सभी ने उसे मारा, सुबह बेटी से फोन पर बात हुई तो उसने बताया कि मुझे बहुत मारा है, जब मानसी के पास उसके घर पहुंचे, उसका पूरा मुंह सूजा हुआ था, दहेज को लेकर सहमति हुई, लेकिन अगले दिन पता चला कि 1 अप्रैल को मानसी को मार दिया है। पीड़ित पिता ने थाना कमला नगर में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। परिजनों ने थाने पर किया हंगामा
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद भी पुलिस ससुरालियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के कार्यालय पर नहीं मिलने पर परिजन गेट पर ही तख्तियां लेकर बैठे हैं। अधिकारियों के आने पर ही प्रदर्शन खत्म करने की चेतावनी दी है। पीली सेना की अध्यक्ष समान खंडेलवाल ने कहा- मानसी के 3 महीने पहले शादी हुई थी, लेकिन ससुराली जनों ने उसे गला दबा कर मार दिया। गर्दन पर गला दबाने के निशान हैं, एक सीसीटीवी वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें मानसी अपने को बचाते हुए भाग रही है। पीड़ित परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है। लगातार धरना प्रदर्शन देने के बावजूद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। घरने से पहले शहीद स्मारक किया था कैंडल मार्च
मानसी की मौत के बाद दो दिन लगातार राठौर समाज ने जमकर विराध प्रदर्शन किया था। लोगों ने अनपी दुकान बंद कर के भी इसका विरोध किया था। थाने का भी घेराव किया गया। अगले दिन शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया था। लेकिन फिर भी कार्रवाई न हो सकी। ———————- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में 20 साइबर ठगों को दौड़ाकर पकड़ा: एक और ‘मिनी जामताड़ा’ का भंड़ाफोड़; 17 गाड़ियों से 70 पुलिसवाले पहुंचे यूपी में एक और ‘मिनी जामताड़ा’ का भंड़ाफोड़ हुआ है। कानपुर पुलिस 17 गाड़ियों के साथ फिल्मी स्टाइल में पहुंची। ड्रोन से रेकी करते हुए पूरे इलाके को चारो ओर से घेर लिया। फिर खेतों में बनीं झोपड़ियों में से 20 साइबर ठगों को अरेस्ट किया। इन झोपड़ियों से ही ये लोग ठगी का धंधा चलाते थे। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग देशभर में लोगों को कभी पुलिस अधिकारी बनकर तो कभी आवास योजना या बैंक लोन के नाम पर झांसा देते थे। पढ़ें पूरी खबर…