हरियाणा के झज्जर में रविवार को परशुराम भवन शिलान्यास कार्यक्रम में जमकर बवाल हुआ। भाजपा नेता एवं ब्राह्मण महासभा के जिला महासचिव संत सुरेहती और उनके बेटे के साथ मारपीट हुई। सुरेहती का कुर्ता भी फाड़ दिया। वही इस कार्यक्रम के आयोजक थे। सुरेहती ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में मौजूद बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स के भाई ईश्वर और भांजे ने मिलकर उन पर हमला किया। मारपीट के बाद संत सुरेहती गुस्से में मंच पर चढ़ गए। उन्होंने कहा- कुलदीप वत्स ने ब्राह्मण समाज का अपमान किया है। धार्मिक कार्यक्रम में गुंडे बुलाए। मंच से घोषणा करता हूं कि ब्याज समेत हिसाब होगा। सुरेहती के आरोपों पर विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि अगर मेरे भाई के खिलाफ सबूत हैं तो दें। समाज के लोगों को सामने आकर सच्चाई बतानी चाहिए। ऐसे लोग समाज के लिए नुकसानदायक हैं। पहले जानिए संत सुरेहती ने क्या आरोप लगाए… कुलदीप वत्स का झगड़ने का इतिहास
संत सुरेहती ने कहा- आज ब्राह्मण समाज का कार्यक्रम था। सही तरीके से कार्यक्रम चल रहा था। विधायक कुलदीप वत्स का इतिहास रहा है, हमेशा झगड़ा करने का। चाहे अरविंद शर्मा के साथ हो या नरेश प्रधान के साथ। चौधरियों से वत्स को डर लगता है। जानबूझकर वह समाज के सामने बोलता है। अरविंद शर्मा परशुराम भवन की आधारशिला रखकर गए थे। समाज ने बिना भेदभाव के कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स को भी बुलाया था। पूर्व विधायक को गिराने की कोशिश
सुरेहती ने कहा कि वत्स पूरी मंशा लेकर कार्यक्रम में आया था। पहले उसने पूर्व विधायक एवं प्रधान नरेश शर्मा के साथ पूरी कोशिश की, लेकिन वहां बात नहीं बनी। उसने समर्थकों ने पैर अड़ाकर उन्हें गिराने की कोशिश की। वत्स के भाई और भांजे ने धक्का दिया
उन्होंने कहा कि हम लोग स्टेज पर मौजूद थे, मैंने प्रधान से कहा कि रामकेश जीवनपुरिया की एक रागनी करवा दीजिए। तभी कुलदीप वत्स के भाई और भांजे ने आकर मुझे धक्का दे दिया। उनके साथ 20-30 गुंडे थे। पहले उन्होंने मेरे साथ झगड़ा किया, फिर मेरे साथ। मैं अब इनके खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा। मेरी सरकार से मांग है कि इन्हें गिरफ्तार करें। इंटरव्यू को लेकर रंजिश रखे हुए
संत सुरेहती ने आगे कहा कि विधायक अपने आप को यह मानता है कि मेरा कोई प्रतिद्वंदी न उठे। पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव के दौरान वोट रद्द होने पर मैंने एक इंटरव्यू दिया था। कुलदीप ने खुद कहा था कि मुझे कांग्रेस की जरूरत नहीं। मीडिया ने मुझसे भी सवाल किया था कि इस पर आप क्या समझते हैं। मैंने कह दिया था कि इसमें समझने वाली क्या बात है, कुलदीप ने खुद कहा था। इस बात से कुलदीप ने रंजिश पाली कि मेरे खिलाफ क्यों बोला। कहा- दीपेंद्र हुड्डा ने कैसे गुंडे पाल रखे
संत ने यह भी कहा कि मैं दीपेंद्र हुड्डा से पूछना चाहता हूं कि कैसे गुंडे पाल रखे हैं, जो समाज के कार्यक्रमों को खराब करता है, लड़ाई करता है। कांग्रेस पार्टी को भी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार जो करेगी, वह तो बाद की बात है। जो आदमी को मारने की धमकी देता है, जानलेवा हमला करता है, क्या वह विधायक रहने योग्य है? विवाद पर विधायक कुलदीप वत्य ने क्या कहा, जानिए…
झज्जर के सेक्टर-9 में हो रहा था कार्यक्रम सरकार की ओर से सेक्टर-9 में ब्राह्मण समाज को 1255 वर्गगज जमीन आवंटित की गई है। इसी पर परशुराम भवन बनना है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जेल एवं पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा को बुलाया गया था। वह दोपहर में कार्यक्रम में पहुंचे थे। कुछ देर बाद वह चले गए। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, खेल मंत्री गौरव गौतम, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा, पूर्व विधायक नरेश शर्मा को न्योता दिया गया था।
परशुराम भवन के शिलान्यास में BJP नेता-बेटे से मारपीट,VIDEO:झज्जर में मंच पर ही लात-घूंसे चले; कांग्रेस विधायक के भाई-भांजे पर आरोप
