सीतापुर में दुर्गा मंदिर को बुलडोजर से गिराया गया। 25 साल पुराने मंदिर को तोड़े जाते समय SDM हाथ जोड़े खड़ी रहीं। नायब तहसीलदार ने खुद हथौड़ी-छेनी लेकर स्थापित मूर्ति को जमीन से अलग किया। सरकारी बुलडोजर ड्राइवर ने मंदिर के ढांचे को तोड़ने से इनकार किया तो प्राइवेट ड्राइवर बुलाकर तोड़वाया गया। दरअसल, शहर कोतवाली क्षेत्र में सड़कों का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। कैप्टन मनोज पांडेय चौराहा के पास दुर्गा मंदिर है जो कि चौड़ीकरण की जद में है। प्रशासन के अनुसार, सड़क को चौड़ा करने के लिए मंदिर को हटाया जाना जरूरी है। एसडीएम ने बताया- शनिवार को मंदिर तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। मूर्ति को शहर के ही शक्ति मंदिर में रखा गया है। उधर, मंदिर तोड़े जाने से स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना था कि खरमास में मंदिर नहीं तोड़ा जाना चाहिए था। पहले 3 तस्वीरों में देखिए ढांचे को गिराने की प्रक्रिया जानिए पूरा मामला… शहर में कैप्टन मनोज पांडे चौक के चारों ओर सड़क को 150-150 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इसके लिए 3 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। चौराहे से करीब 10 मीटर दूरी पर सड़क के किनारे दुर्गा मंदिर है। सड़क चौड़ीकरण के लिए इस मंदिर को प्रशासन हटवाने का नोटिस दिया था। रविवार सुबह करीब 10 बजे ADM नीतीश कुमार, SDM दामिनी एस.दास और नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी अपनी टीम के साथ बुलडोजर लेकर पहुंचे। चौराहे पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने बुलडोजर ड्राइवर संविदा कर्मचारी सुशील को मंदिर तोड़ने को कहा तो उसने इनकार कर दिया। ड्राइवर के इनकार पर अधिकारियों ने दबाव बनाया लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। इसके बाद राजस्व टीम ने प्राइवेट ड्राइवर बुलवाया। उधर, नायब तहसीलदार महेंद्र तिवारी ने छेनी-हथौड़ी ली और स्थापित दुर्गाजी की प्रतिमा को जमीन से अलग करने लगे। एसडीएम दामिनी एस दास पास ही हाथ जोड़े खड़ी रहीं। नायब तहसीलदार ने मूर्ति निकाली और उसे पास के शक्ति मंदिर में भेजवाया। करीब 1.30 बजे बुलडोजर का प्राइवेट ड्राइवर पहुंचा। उसने बुलडोजर से मंदिर का ढांचा गिराना शुरू किया। करीब 5 मिनट में पूरा ढांचा गिरा दिया। इसके बाद ढांचे के मलबे को किनारे कर दिया गया। पुजारी और स्थानीय सहमति पर निर्णय: एडीएम ADM नीतीश सिंह ने कहा- दुर्गा मंदिर को हटाने से पहले पुजारी और स्थानीय लोगों की सहमति ली गई थी। लोगों की सहमति के बाद ही इसे हटाया गया। दो दिन में मूर्ति को नई जगह पर स्थापित कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
हालांकि, कुछ स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी भी जताई है। अखिलेश पांडेय ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। खरमास शुरू है। लेकिन खरमास में ही मूर्ति को हटा दिया गया। ———————-
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वाराणसी में गौतस्करी की मुखबिर करने पर दबंगों ने युवक की हत्या कर दी। आधी रात घर में घुसे हमलावर सानू अली को कमरे से खींचकर ले गए, फिर गांव के बाहर ले जाकर पिटाई की। हमलावर उसे अचेत होने तक लात घूसों से पीटते रहे। हमलावरों का पीछा करते हुए परिजन मौके पर पहुंचे। उसे गंभीर हालत में हेरिटेज अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान सुबह युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी भाग गए। रात में भी पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई में लापरवाही करती रही। पढ़ें पूरी खबर…
मंदिर पर बुलडोजर चलाने से डरा ड्राइवर,अफसर ने हथौड़ी उठाई:सीतापुर में दुर्गा मंदिर ढहाया गया, हाथ जोड़े खड़ी रहीं SDM
