नरवाना में घरों पर चले ‘बुलडोजर’ पर बवाल:चंडीगढ़ पलायन कर रहे ग्रामीणों को पुलिस ने रोका; मंत्री कृष्ण बेदी पहुंचे गांव, कमेटी गठित

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जींद जिले के गांव भाना ब्राह्मण में अवैध निर्माण गिराए जाने के बाद उपजा विवाद अब सीधे सरकार के द्वार तक पहुंच गया है। रविवार को घर-बार छोड़कर चंडीगढ़ की ओर पलायन कर रहे दर्जनों परिवारों को पुलिस ने बीच रास्ते में शिमला गांव के पास रोक लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी खुद मोर्चा संभालने गांव पहुंचे हैं। फिलहाल, गांव के कम्युनिटी सेंटर में भारी गहमागहमी के बीच समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। मंत्री कृष्ण बेदी और अधिकारी पहुंचे गांव मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी मौके पर पहुंचे। उनके साथ नरवाना के डीएसपी कमलदीप राणा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी गांव में मौजूद हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत शुरू की है ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके। गांव के कम्यूनिटी सेंटर में ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। ग्रामीण बोले– कार्रवाई अन्यायपूर्ण वहीं, प्रभावित ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उनके घर तोड़ दिए गए, जिससे वे बेघर हो गए हैं।
मंत्री की मौजूदगी में बनी 11 सदस्यीय कमेटी पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की मौजूदगी में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में नरवाना के एसडीएम, तहसीलदार, बीडीपीओ, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और गांव के सरपंच को शामिल किया गया है। साथ ही एडीसी और डीआरओ स्तर के अधिकारी भी इस प्रक्रिया से जुड़े हुए हैं। अगले सप्ताह होगी अहम बैठक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले को लेकर अगले सप्ताह कमेटी की एक अहम बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी सदस्य मिलकर समाधान को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे। बैठक में प्रभावित परिवारों की स्थिति, प्रशासनिक कार्रवाई और आगे के रास्ते पर चर्चा की जाएगी। प्रशासन का दावा– निष्पक्ष समाधान की कोशिश फिलहाल गांव के कम्यूनिटी सेंटर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि इलाके में शांति और व्यवस्था बनी रहे।