मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने वल्लभ भवन में एक कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर रिजल्ट घोषित किया। इस साल 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। दोनों कक्षाओं में छात्रों की तुलना में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है। 8वीं के पासिंग स्टूडेंट्स के परसेंटेज में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का नरसिंहपुर जिला नंबर वन पर है। इंदौर का 9वां स्थान है और भोपाल टॉप टेन से बाहर है। परिणाम देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आधुनिक और आसान बनाया गया है। छात्र और अभिभावक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाने के अलावा, विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी सीधे अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अलावा, स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के जरिए अपने पूरे संस्थान का विद्यार्थीवार प्रदर्शन चेक कर सकेंगे। शहरी की तुलना में ग्रामीण स्टूडेंट ज्यादा इस साल 5वीं और 8वीं की परीक्षा में 23,68,984 छात्र शामिल हुए थे। 5वीं और 8वीं को मिलाकर कुल 16,78,567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वहीं, शहरी छात्रों की संख्या मात्र 6,90,417 रही। 5वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 9,24,783 (72.45%) और शहरी 3,51,621 (27.55%) थे। छात्र 51.58% और छात्राएं 48.42% थीं।
8वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 7,53,784 (68.99%) और शहरी 3,38,796 (31.01%) थे। छात्र 51.27% और छात्राएं 48.73% थीं। 5वीं में सबसे खराब प्रदर्शन दमोह जिले का कक्षा 5वीं के परिणाम में नरसिंहपुर 99.70% के साथ पहले स्थान पर रहा। सबसे कमजोर जिला दमोह रहा, जिसका परिणाम 87.12% है, यानी टॉप जिले से करीब 12.58% पीछे। इसी तरह जबलपुर (87.79%) भी 11.91% और सतना (89.35%) करीब 10.35% पीछे रहा। इससे साफ है कि नीचे के जिलों में परिणाम का गैप काफी बड़ा है, जो शिक्षा की गुणवत्ता और तैयारी में अंतर को दर्शाता है। साफ है कि टॉप और बॉटम जिलों के बीच 6% से 12% तक का बड़ा अंतर है। वहीं, इस सूची में इंदौर 96 प्रतिशत पास स्टूडेंट के साथ 26वें और भोपाल 95 प्रतिशत पास स्टूडेंट्स के साथ 34वें स्थान पर है। 8वीं के रिजल्ट में सबसे कमजोर सतना कक्षा 8वीं के जिला परिणामों में भी टॉप और निचले जिलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां नरसिंहपुर 99.38% के साथ पहले स्थान पर रहा, वहीं सबसे कमजोर जिला सतना रहा, जिसका परिणाम 83.79% है, यानी सतना टॉप जिले से करीब 15.59% पीछे है। इसी तरह दमोह (85.16%) 14.22% और जबलपुर (87.09%) करीब 12.29% पीछे रहा। निचले जिलों में सिवनी (88.45%), विदिशा (89.16%) और ग्वालियर (90.39%) भी 9% से 11% तक पीछे हैं, जो चिंता का विषय है। खास बात यह है कि इन जिलों में A और A+ ग्रेड पाने वाले छात्रों का प्रतिशत कुछ मामलों में बेहतर है, लेकिन कुल पास प्रतिशत कम होने से समग्र प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। बोर्ड पैटर्न पर हुई थी परीक्षा इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में मूल्यांकन का विशाल कार्य किया गया। 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। क्यों खास है इस बार का परिणाम? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर बीते वर्षों की तुलना में कठिन था, फिर भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। बोर्ड पैटर्न लागू होने के कारण अभिभावकों और शिक्षकों के बीच रिजल्ट को लेकर सुबह से ही काफी उत्सुकता देखी गई। 2025 की तुलना में अच्छा रहा रिजल्ट 2025 में करीब 22.85 लाख स्टूडेंट्स ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं दी थी। इस बार करीब 23.68 लाख (12.76 लाख + 10.92 लाख) स्टूडेंट इन परीक्षाओं में बैठे। साल 2025 में 5वीं के 92.70% स्टूडेंट पास हुए थे। साल 2026 में 95.14% बच्चे पास हुए हैं। इसी तरह 2025 में 8वीं के 90.02% बच्चे पास हुए थे। इस साल 93.83% बच्चे पास हुए हैं। सबसे अधिक सफलता दर जनरल और एसटी वर्ग जातिवार आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5 में सबसे अधिक सफलता दर एसटी वर्ग की रही, वहीं कक्षा 8वीं में जनरल वर्ग ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। हिंदी माध्यम के छात्रों की संख्या सबसे अधिक माध्यमवार परिणाम का विश्लेषण करें तो कक्षा 5 और 8 दोनों में हिंदी माध्यम के छात्रों की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन प्रतिशत के मामले में अन्य माध्यम आगे दिखाई देते हैं। कक्षा 8 में हिंदी माध्यम का परिणाम 93.14% रहा, जो कुल औसत 93.83% से कम है। वहीं अंग्रेजी माध्यम के छात्रों ने 96.11% के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। उर्दू माध्यम का परिणाम 97.76% और मराठी माध्यम का 100% रहा। इन दोनों में छात्रों की संख्या काफी कम है। कक्षा 5 में भी यही रुझान दिखा। हिंदी माध्यम का परिणाम 95.30% है, जबकि उर्दू का 96.07% और मराठी का 99.58% है। अंग्रेजी माध्यम का परिणाम 94.64% रहा, जो हिंदी से कम है। ग्रामीण इलाकों का दबदबा इस साल एमपी बोर्ड की 5वीं और 8वीं की परीक्षा में कुल 23लाख 68 हजार 984 छात्र शामिल हुए। परीक्षा परिणामों के आंकड़ों के मुताबिक, परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्रों का दबदबा साफ नजर आया। 5वीं और 8वीं को मिलाकर कुल 16 लाख 78 हजार 567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वहीं, शहरी छात्रों की संख्या मात्र 6 लाख 90 हजार 417 रही। प्रतिशत के मामले में भी ग्रामीण छात्र शहरी छात्रों से काफी आगे रहे। ये खबर भी पढ़ें… MP में 5वीं और 8वीं का रिजल्ट जारी:अगर आपके 95% से ज्यादा अंक हैं, तो अपना फोटो दैनिक भास्कर को भेजें UPSC 2025 रिजल्ट…टॉप 10 में MP के 2 कैंडिडेट UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 के फाइनल रिजल्ट जारी कर दिए हैं। 958 कैंडिडेट अलग-अलग सर्विस के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल-इंडिया एग्जाम में टॉप किया। वहीं, टॉप 5 रैंक भोपाल के ईशान भटनागर को मिलीं, जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की। पढ़ें पूरी खबर…
एमपी में 5वीं का रिजल्ट 95%, 8वीं का 94% रहा:टॉप टेन जिलों में नरसिंहपुर नंबर वन, इंदौर का स्थान 9वां; भोपाल इस लिस्ट से बाहर
