यूपी में कल से 5 दिन बारिश-ओले का अलर्ट:ठंडी हवाएं चलेंगी, 4-5°C तक लुढ़केगा पारा; जानिए फिर क्यों बिगड़ेगा मौसम

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यूपी में मौसम फिर बिगड़ने वाला है। पिछले हफ्ते शुरू हुआ आंधी-बारिश का दौर मार्च के अंत तक जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में 26 से 30 मार्च के बीच दो अलग-अलग ​वेदर सिस्टम की संभावना जताई है। इससे गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं। ठंडी हवाएं चलेंगी। तापमान में 4°C से 5°C की गिरावट आएगी। हालांकि, आज मौसम साफ रह सकता है। 2 दिन से प्रदेश में कहीं-कहीं मामूली बारिश ही हुई है। इससे तापमान में 3°C से 5°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बांदा सबसे गर्म रहा, यहां अधिकतम तापमान 35.2°C रहा। प्रयागराज में पारा 34.6°C, वाराणसी में 34.4°C रहा। सबसे कम तापमान बिजनौर में 14°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं। इससे पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना बनेगी। 26 मार्च से पश्चिमी यूपी से बूंदाबांदी की शुरुआत होगी। इसका असर पूर्वी यूपी तक पहुंचेगा। वहीं, 29 मार्च को सक्रिय हो रहा विक्षोभ ज्यादा ताकतवर आंका जा रहा है। इससे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होगी। तापमान में बड़ी गिरावट आएगी। ठंड का एहसास होगा। 3 तस्वीरें देखिए… अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों? मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। अगले 2 से 3 दिन बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। इसका सीधा असर यूपी में दिखेगा। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं ठंड का एहसास कराएंगी। सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं पिछलों दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव ———————— ये खबर भी पढ़िए- गोरखपुर में पानी पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट बनेगा:20 मेगावाट बिजली पैदा करेगा; जमीन की जगह झील में बनाने की जरूरत क्यों योगी कैबिनेट ने 23 मार्च को गोरखपुर में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दी है। तैरने वाला ये पावर प्लांट चिलुआताल पर बनेगा। इसकी क्षमता 20 मेगावाट होगी। गोरखपुर के लोग यहां से पैदा हुई बिजली का इस्तेमाल करेंगे। अब सवाल ये है कि सोलर प्लांट तो जमीन पर भी लग सकता है, फिर इसे झील पर बनाने की क्या जरूरत है? भारी सोलर पैनल तैरते कैसे हैं? पानी और बिजली साथ होंगे, ये कितना खतरनाक हो सकता है? पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर में…