राज्यसभा चुनाव के बाद सिरसा में सियासी हलचल तेज:MLA सेतिया बोले-किसी ने धमकी नहीं दी, ना ही कोई प्रलोभन, सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट

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हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद सिरसा की सियासी हलचल कम होने का नाम नहीं ले रही। अब कांग्रेस विधायक ही आपस में क्रॉस वोटिंग मामले में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कुछ विधायक, गोकुल सेतिया का नाम लेकर भी कह रहे हैं कि उनको बीजेपी की ओर से धमकी मिली थी। इस पर सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है, जिसमें लिखा- मुझे किसी से धमकी नहीं दी गई और न ही कोई प्रलोभन। इस बारे में दैनिक भास्कर ऐप ने सिरसा विधायक गोकुल सेतिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने कि, मुझे कोई धमकी नहीं मिली है और न ही प्रलोभन मिला है। अपनी ही पार्टी के एक विधायक का मीडिया पर इंटरव्यू देखा था, जिसमें कहा है कि विधायक गोकुल सेतिया को डराया- धमकाया गया है और धमकी मिली है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। ऐसे बेवजह बयानबाजी करना गलत है, उनको ऐसा नहीं कहना है। ऐसे में विधायक सेतिया ने एक तरह से पूर्ण रूप से अंकुश लगा दिया है। मगर, अभी भी कुछ विधायकों की बयानबाजी चल रही है। रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह के ताजा बयान में भी विरोधाभास है। विधायक जरनैल सिंह का कहना था कि सभी विधायक मुख्यमंत्री से चोरी-चुपके मिलने जाते हैं और काम करवाते हैं। सीएम की सभी तारीफ करते हैं। फर्जी नाम फैलाने पर बैठे थे धरने पर विधायक गोकुल सेतिया के अनुसार, उनका नाम भी कैंसिल वोट डालने वालों की सूची में लिखकर भ्रामक सूचना फैला दी थी। इससे लोगों ने कमेंट कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, उन्होंने पार्टी को पूरी ईमानदारी से वोट डाला, इसके बावजूद झूठ फैलाया गया, वो सहन नहीं था। इसलिए उस दिन चंडीगढ़ में पार्टी मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठना पड़ा और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने खुद क्लीन चिट दी। जिन विधायकों ने क्रॉस वोट डाला, वो मीटिंग में ही नहीं आए वहीं, एक अन्य विधायक ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में बताया, जिन विधायकों ने पार्टी के खिलाफ क्रॉस वोट डाला है। उस वक्त पार्टी प्रभारी ने उनको देख लिया और कुछ देर बाद बाकी विधायकों को बता दिया था कि इन लोगों ने क्रॉस वोट डाला है। मतदान के बाद सभी विधायकों को एक जगह मीटिंग में बुलाया था। वहां पर ये पांच विधायक नहीं आए और न ही फोन किया। तभी इनके नाम उजागर किए गए हैं। पार्टी कार्यक्रमों में न आने पर जा सकती है सदस्यता अब इन क्रॉस वोट करने वाले विधायकों पर गाज गिरना बाकी है। अगर आगे भी ये पार्टी के कार्यक्रम में नहीं आते हैं तो इनकी पार्टी सदस्यता जा सकती है। अभी तक पार्टी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।