भाभी का चाकू से मर्डर कर देवर ने लगाया फंदा:सोनीपत में दोनों का पोस्टमॉर्टम आज; अलमारी पर लिखा- भाभी ने भाई को मारा

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सोनीपत शहर के सेक्टर-14 स्थित एक रिहायशी मकान में मंगलवार को सामने आई दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक ही परिवार के भीतर पनपी पुरानी रंजिश ने इतना खतरनाक रूप ले लिया कि देवर ने अपनी ही बुजुर्ग भाभी की बेरहमी से चाकू गोदकर हत्या कर दी और इसके बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पुलिस, एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अहम साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने बड़े भाई की मौत के लिए भाभी और अन्य परिजनों को जिम्मेदार मानता था। जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। बुजुर्ग के बड़े भाई कि 2014 में मौत हुई थी। कमरे में बेड बॉक्स और अलमारी पर चॉक से 2 नोट लिखे मिले, जिनमें लिखा था- “मेरे भाई की हत्या भाभी, भाभी की बहन और उसके पति ने की है। पुलिस ने महिला के भाई अजित सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर किया है।
मेरठ से पहुंचे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल भाई मृतका के भाई अजित सिंह, जो मेरठ कैंट (उत्तर प्रदेश) के निवासी और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल हैं, ने थाना सेक्टर-27 में दी शिकायत में बताया कि उनके परिवार में चार भाई-बहन हैं। सबसे बड़े भाई लेफ्टिनेंट कर्नल विजय सिंह सांगवान, उसके बाद वे स्वयं, तीसरे नंबर पर बहन आशा और सबसे छोटी बहन ऊषा हैं। आशा की शादी बीर सिंह निवासी गांव कुंडल (हाल सेक्टर-14, सोनीपत) से हुई थी।
पति बीर सिंह की 2014 में हार्ट फेल से मौत शिकायत के अनुसार, आशा के पति बीर सिंह की वर्ष 2014 में हार्ट फेल होने के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद आशा अकेले मकान नंबर 1120 के ग्राउंड फ्लोर पर रह रही थी। आशा का एक बेटा योगी राणा है, जो वर्ष 2000 में विदेश पढ़ाई के लिए गया था और वर्ष 2006 के बाद से उसका परिवार से कोई संपर्क नहीं है। ऊपरी मंजिल पर रहता था आरोपी देवर बताया गया है कि आशा का देवर महावीर सिंह अपने परिवार सहित उसी मकान के प्रथम तल पर रहता था। लंबे समय से परिवार के भीतर तनाव और रंजिश की स्थिति बनी हुई थी, जो धीरे-धीरे गहरी होती चली गई। रसोई में मिला खून से लथपथ शव 17 मार्च की शाम को सूचना मिलने पर अजित सिंह अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मकान की रसोई में आशा का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। वहीं, डाइनिंग एरिया के पास महावीर सिंह का शव छत के पंखे से तार के सहारे फांसी पर लटका मिला। दीवारों और अलमारियों पर लिखे आरोप परिजनों के अनुसार, आरोपी महावीर सिंह ने घर की दीवारों और अलमारियों पर लिख रखा था कि उसके भाई बीर सिंह की मौत के लिए आशा, उसकी बहन ऊषा और उसके पति दिनेश जिम्मेदार हैं। इसी मानसिकता और रंजिश के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। पुलिस ने तोड़ा दरवाजा पुलिस के अनुसार, 17 मार्च को दोपहर करीब 3:20 बजे डायल-112 पर कुलवती (महावीर की पत्नी) की कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि घर अंदर से बंद है। सूचना मिलते ही थाना सेक्टर-27 की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। एफएसएल और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने जुटाए साक्ष्य मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया। घटनास्थल की ई-साक्ष्य एप के माध्यम से वीडियोग्राफी करवाई गई और सभी जरूरी सबूत एकत्र किए गए। मृतकों की पहचान आशा पत्नी बीर सिंह और महावीर सिंह पुत्र दलीप सिंह राणा के रूप में हुई, जो आपस में देवर-भाभी थे। हत्या और आत्महत्या का मामला दर्ज, जांच जारी अजित सिंह की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-27 सोनीपत में 17 मार्च 2026 को धारा 103(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। जांच की जिम्मेदारी एएसआई प्रदीप को सौंपी गई है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। रंजिश बनी वारदात की मुख्य वजह प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पारिवारिक विवाद और पुराने आरोप-प्रत्यारोप इस दोहरी मौत की बड़ी वजह बने हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।