महेंद्रगढ़ जिले के मंडी अटेली क्षेत्र के गांव नावदी में 4 साल पहले करंट लगने से दिव्यांग हुई बच्ची को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा राहत दी है। कोर्ट ने 92 प्रतिशत स्थायी दिव्यांग हुई बच्ची को 99.93 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। अटेली के गांव नावदी निवासी दिल्ली पुलिस में कार्यरत राजकुमार की बेटी अंशु (अब 10 वर्ष) 25 जनवरी 2022 को घर की छत पर खेल रही थी। उस समय वह 6 साल की थी। इसी दौरान घर के पास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से उसे करंट लग गया। हादसे में उसका दाहिना हाथ कंधे से काटना पड़ा और वह 92 प्रतिशत दिव्यांग हो गई। पहले कम मुआवजा मिला था परिजनों के अनुसार हादसे के बाद से बच्ची की पढ़ाई प्रभावित हुई है और उसे लगातार इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। अंशु के पिता राजकुमार ने पहले जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर पहले बिजली निगम ने अपनी नीति के तहत 18.92 लाख रुपए का मुआवजा दिया था, जिसे पीड़ित पक्ष ने अपर्याप्त बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी। निगम की लापरवाही से हुआ हादसा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि हादसा बिजली निगम की लापरवाही से हुआ, क्योंकि हाईटेंशन लाइन घर के बेहद नजदीक थी और जरूरी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसी खतरनाक सेवाएं संचालित करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इनका रखा ध्यान मुआवजा तय करते समय कोर्ट ने बच्ची की संभावित आय 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानते हुए 40 प्रतिशत भविष्य संभावनाएं जोड़ी और 18 के गुणक से गणना की। इसके अलावा देखभाल, इलाज, दर्द-पीड़ा, कृत्रिम अंग और जीवन सुविधाओं के नुकसान सहित विभिन्न मदों को शामिल किया गया। 30 हजार हर माह देखभाल पर होंगे खर्च कोर्ट ने निर्देश दिए कि पूरी राशि पर 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित 3 महीने में भुगतान किया जाए। इसमें से 90 प्रतिशत रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाएगी, जबकि ब्याज से हर माह 30 हजार रुपए बच्ची की देखभाल और शिक्षा पर खर्च किए जाएंगे।
महेंद्रगढ़ की बच्ची को मिलेगा ₹99.93 लाख का मुआवजा:हाईकोर्ट ने दिए आदेश, 4 साल पहले लगा था करंट; एक हाथ काटना पड़ा
