Traditional Pahadi Home: क्या आपने कभी सोचा है कि बिना बिजली और बिना मशीन के पहाड़ों के पुराने घर फ्रिज की तरह ठंडे कैसे रहते थे? मिट्टी, पत्थर और लकड़ी से बने ये घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग का एक बेमिसाल नमूना थे. इनकी 18 इंच मोटी दीवारें, गोबर का लेप और ऊंची छतों के पीछे वो विज्ञान छिपा था, जो आज के कंक्रीट के जंगलों में कहीं खो गया है. जानिए क्यों हमारे पूर्वजों को गर्मियों में भी रजाई ओढ़नी पड़ती थी और क्यों आज के आलीशान बंगले उन पुराने घरों के सामने फीके हैं.
बिना AC-कूलर के भी कश्मीर जैसी ठंडक! जानिए पहाड़ों के पुराने घरों का वो विज्ञान, जो आज सबको करता है हैरान
