लेडी टीचर ने पेपर छीनकर छात्रा के मुंह पर मारा:यमुनानगर में प्रिंसिपल ने VIDEO दिखाई, समझौते के लिए पार्क में बुलाया; पिता बोले- अपमान किया

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हरियाणा के यमुनानगर में एक निजी स्कूल में छात्रा के साथ दुर्व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया है। परिवार ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान लेडी टीचर ने उसकी बेटी का पेपर बिना वजह छीन लिया। बेटी ने विरोध किया तो पेपर को उसके चेहरे पर फेंककर मार दिया। जब मामले की शिकायत स्कूल प्रबंधन से की गई तो प्रिसिंपल ने उन्हें वीडियो दिखाई, जिसमें यह करतूत कैद है। मगर, कार्रवाई करने के बजाय समझौते के लिए पार्क में बुलाया। इतना ही नहीं, प्रबंधन के ही एक पदाधिकारी ने फोन पर जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। इस घटना के बाद बच्ची मानसिक रूप से आहत हुई और घर आकर काफी रोई। बेटी की हालत देख परिवार की ओर से पुलिस से मामले की शिकायत की गई। फिलहाल, शिकायत के आधार पर बुडिया थाना पुलिस ने एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसकी जांच डीएसपी जगाधरी को सौंपी गई है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… स्कूल बुलाकर मजाक उड़ाया, पुलिस बुलाई शिव कुमार ने आगे बताया कि 9 मार्च को वह एक गांव के बुजुर्ग के साथ स्कूल पहुंचे, जहां प्रिंसिपल ने कहा कि परीक्षा तक संबंधित टीचर स्कूल नहीं आएगी। इस दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार भी किया गया। 13 मार्च को जब उसकी पत्नी बेटी को परीक्षा दिलाने स्कूल गई, तो वहां संस्था से जुड़े राम गुप्ता मौजूद थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को प्रिंसिपल कार्यालय में बुलाकर उसकी बात सुनी, बाद में उसका मजाक उड़ाते हुए कहा कि टीचर स्कूल में ही रहेगी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मजबूर होकर डायल 112 को बुलाया। फोन पर बोले जातिसूचक शब्द, परिवार हुआ आहत शिव कुमार ने आरोप लगाया कि जब स्कूल प्रशासन से सवाल किए गए, तो उन्होंने जिम्मेदारी संस्था पर डाल दी। इसके बाद उन्होंने थाना बुड़िया में शिकायत दी कि टीचर को बुलाकर माफी मंगवाई जाए। इस बात पर 17 मार्च को फैसला होना तय हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इससे पहले 16 मार्च को संस्था से जुड़े राम गुप्ता ने फोन पर बातचीत के दौरान उसकी पत्नी और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इससे वे भी आहत हुए है। पुलिस ने केस दर्ज किया, डीएसपी को सौंपी जांच उधर, पुलिस ने राम गुप्ता के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है, जिसकी जांच डीएसपी जगाधरी को सौंपी गई है। डीएसपी का कहना है कि दोनों पक्षों को 17 मार्च को बुलाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।