यूपी की 3 सीटों पर उपचुनाव 10 अप्रैल के बाद:SIR लिस्ट नहीं आने से हुई देरी; सपा बोली- भाजपा डर गई

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यूपी की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 10 अप्रैल के बाद हो सकते हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, SIR के बीच उपचुनाव नहीं कराए जा सकते। इसलिए फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद ही चुनाव हो सकते हैं। दरअसल, चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान किया था। लेकिन, यूपी के उपचुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की थी। इससे चर्चा शुरू हो गई कि 3 सीटों के उपचुनाव टल गए हैं। जानकार कहते हैं कि आयोग के सामने 2 ऑप्शन हैं- पहला- 10 अप्रैल को आयोग SIR लिस्ट जारी करने के बाद चुनाव की तारीखें घोषित कर दे। दूसरा- चुनाव टल जाएं और 2027 के विधानसभा चुनाव में 3 रिक्त सीटें भरी जाएं। बता दें कि घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। फरीदपुर सीट पर BJP अपने मौजूदा विधायक डॉ. श्याम बिहारी के बेटे को टिकट देने का संकेत दे चुकी है। वहीं, सपा भी घोसी और दुद्धी सीटों पर सहानभूति कार्ड खेलते हुए विधायकों के परिवार के सदस्यों को ही कैंडिडेट बनाने की तैयारी कर रही है। दोनों सीटों पर सपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। क्या आयोग चुनाव टाल सकता है? 3 सीटों पर भाजपा और सपा के कौन से चेहरे दावेदारी कर रहे? भाजपा और सपा की 3 सीटों पर तैयारी क्या है? इस रिपोर्ट में पढ़ें… पहले उपचुनाव के नियम जानिए भारत निर्वाचन आयोग की नियमावली के तहत सीट खाली होने के 6 महीने में उपचुनाव करा लेना चाहिए। इसकी 2 शर्तें होती हैं- 1. विधानसभा सीट पर कार्यकाल 6 महीने से ज्यादा का बचा है, तो उपचुनाव कराए जाते हैं। 2. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा- 151 के मुताबिक, सीट खासी होने पर आयोग को 6 महीने के अंदर उपचुनाव कराने चाहिए। अब भाजपा, सपा की तैयारियां पढ़िए BJP नेता बंगाल चुनाव में व्यस्त
पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद संगठन BJP नेताओं को वहां प्रचार के लिए भेजने की तैयारी कर रहा है। इनमें CM योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के भी नाम शामिल हैं। पार्टी का निचला कैडर क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहा है। संभावित दावेदारों को भी संकेत दे दिया गया है कि वो लोगों के बीच पहुंचें और सियासी पकड़ मजबूत करें। सपा नेता एक्टिव, उपचुनाव जल्दी चाह रहे
दूसरी तरफ, सपा के नेता तीनों सीटों पर उपचुनाव जल्दी करवाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि 3 सीटों का उपचुनाव यूपी में 2027 के विधानसभा से पहले सेमीफाइनल की तरह होगा। चुनाव के नतीजे भले ही विधानसभा चुनाव पर ज्यादा असर नहीं डालेंगे। लेकिन, माहौल बनाने और बिगाड़ने के लिए भूमिका जरूर निभाएंगे। सपा नेताओं को अंदाजा है कि सवर्ण वोटर में भाजपा को लेकर नाराजगी है। 3 सीटों के चुनाव में सपा से फैक्टर को टेस्ट भी करना चाहती है। बसपा एक्टिव नहीं, अगर कैंडिडेट उतारे तो नुकसान सपा को
चुनाव से पहले माना जा रहा है कि उपचुनाव में सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। बसपा अगर मैदान में उतरती है, तो भाजपा के मुकाबले सपा को ज्यादा नुकसान कर सकती है। इस वक्त तीनों सीटों पर बसपा का कैडर एक्टिव नहीं दिख रहा। अब भाजपा, सपा नेताओं की बात BJP प्रदेश प्रवक्ता बोले- तीनों सीटों पर जीत पक्की
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हीरो बाजपेयी कहते हैं- भारत निर्वाचन आयोग उपचुनाव की तारीख तय करता है। भाजपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। ये तय है कि दुद्धी और घोसी समेत तीनों सीटों पर भाजपा के कैंडिडेट ही जीतेंगे। जमीन पर हमारे कार्यकर्ता लोगों के बीच एक्टिव हैं। वे लगातार लोगों तक पहुंचकर भाजपा के शासन में हुए कामों के बारे में बता रहे हैं। सपा के नेता इनसिक्योर हो रहे हैं। सपा राष्ट्रीय प्रवक्ता बोले- BJP वालों को हार का डर सता रहा
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई कहते हैं- भाजपा को अभी से हार का डर सताने लगा है। इसीलिए वह उपचुनाव नहीं कराना चाहती। दरअसल, पीडीए की बढ़ती ताकत से भाजपा परेशान है। उसे पता है कि अभी चुनाव कराया तो वह सारे साम-दाम- दंड-भेद करके भी जीत नहीं पाएंगे। यही वजह है कि 8 राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं, लेकिन यूपी में नहीं हो रहे। जबकि यहां तीन-तीन सीटें खाली हैं। 3 विधानसभा सीटों क्यों खाली हुईं, दावेदार कौन हैं? घोसी सीट सपा विधायक के निधन से खाली हुई
मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट पर सपा के सुधाकर सिंह विधायक थे। उन्होंने यह सीट 2023 में सपा विधायक दारा सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में जीती थी। बाद में दारा सिंह चौहान सपा छोड़कर भाजपा में शामिल होकर मंत्री बन गए। उनके इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में सपा के सुधाकर सिंह ने 42 हजार 759 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। सुधाकर सिंह के 20 नवंबर, 2025 को निधन के बाद फिर से यह सीट खाली हो चुकी है। सपा यहां सहानुभूति बटोरने के लिए सुधाकर सिंह के छोटे बेटे सुजीत सिंह का नाम घोषित कर चुकी है। भाजपा ने अभी कैंडिडेट डिक्लेयर नहीं किया है। दुद्धी सीट विजय सिंह गोंड के निधन से दूसरी बार उपचुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव में सोनभद्र की दुद्धी (आरक्षित सीट) से भाजपा जीती थी। लेकिन, विधायक रामदुलार गोंड को रेप केस में सजा के चलते यह सीट खाली हो गई। 2024 के उपचुनाव में विजय सिंह ने भाजपा के श्रवण गोंड को हराया था। सपा विधायक विजय सिंह गोंड का 8 जनवरी, 2026 को निधन हो गया था। सपा ने संकेत दिया है कि इस सीट से विजय सिंह गोंड के परिवार के ही सदस्य को टिकट देगी। वहीं, भाजपा उपचुनाव में विजय सिंह गोंड को चुनौती देने वाले श्रवण कुमार पर ही दांव लगाने की तैयारी में है। फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी को कार्डिएक अरेस्ट के बाद सीट खाली हुई
बरेली की फरीदपुर (सुरक्षित) सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का 2 जनवरी, 2026 को निधन हो गया था। उन्हें कार्डिएक अरेस्ट हुआ था। 26 साल का बेटा ईशान ग्वाल दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रहा है। पार्टी सहानुभूति बटोरने के लिए पत्नी या बेटे पर दांव खेल सकती है। हालांकि, वहां से एबीवीपी के अध्यक्ष जवाहर लाल और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे संजय सिंह भी दांवा ठोक रहे हैं। जबकि सपा अपने पूर्व विधायक विजय पाल सिंह को फिर से मैदान में उतार सकती है। ————————- यह खबर भी पढ़ें – अलीगढ़ सांसद बोले- मुसलमान क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे, सुबह 4 बजे से चिल्लाते हैं ​”मकान इनको, राशन इनको, सिलेंडर इनको… सब कुछ तो सरकार इन्हें दे रही है। AIIMS से लेकर जिला अस्पताल तक चले जाओ, सारी सरकारी व्यवस्थाओं का फायदा सबसे ज्यादा मुसलमान ही ले रहा। इसके बाद अब क्या हमारी छाती पर चढ़ेंगे?” यह बात अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एक यूट्यूबर को दिए इंटरव्यू में कही। सांसद ने शहर के नुमाइश मैदान में ईद की नमाज की इजाजत मांगने और नमाजियों पर पुष्प वर्षा की मांग किए जाने पर भी नाराजगी जताई। पढ़िए पूरी खबर…