पानीपत में 7 माह का मिला फीमेल भ्रूण:आवारा जानवरों ने नोचा, जन सेवा दल की टीम ने किया संस्कार

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जिस शहर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का वैश्विक नारा दिया था, उसी पानीपत शहर के फ्लोरा चौक पर मानवता को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक करीब 7 माह का विकसित फीमेल भ्रूण लावारिस हालत में मिला, जिसे न केवल उसकी कलयुगी मां ने जन्म देकर फेंक दिया, बल्कि क्रूरता की हद तब पार हो गई, जब आवारा जानवर उस मासूम भ्रूण को नोचते हुए पाए गए। कलयुगी मां की करतूत ताजी घटना फ्लोरा चौक की है, जहां शनिवार को राहगीरों ने एक विकसित भ्रूण का शव पड़ा देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी भयावह थी कि आवारा कुत्ते उस शव को क्षत-विक्षत कर रहे थे। एक मां द्वारा अपनी कोख में पल रहे करीब 7 महीने के इस फीमेल भ्रूण को इस तरह लावारिस फेंकने की घटना ने पूरे इलाके में रोष और शोक की लहर पैदा कर दी है। भ्रूण का शरीर काफी हद तक विकसित हो चुका था, जिसे देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंख नम थी। जन सेवा दल ने संभाली जिम्मेदारी घटना की सूचना मिलते ही समाज सेवा में अग्रणी जन सेवा दल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जन सेवा दल के सदस्यों ने क्षत-विक्षत शव को जानवरों से बचाकर अपने कब्जे में लिया। चमन लाल गुलाटी (सदस्य, जन सेवा दल) ने भारी मन से बताया यह अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। यह करीब 7 महीने का फीमेल भ्रूण है। जिस शहर से बेटियों को बचाने का संदेश दिया गया, वहां आज भी कोख को इस तरह सड़कों पर फेंकने की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची। हम भ्रूण के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल ले आए हैं। पोस्टमार्टम के बाद, जन सेवा दल पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस ने अज्ञात कलयुगी मां और परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस फ्लोरा चौक और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस विकसित भ्रूण को वहां कौन और किस समय फेंक कर गया। पुलिस आसपास के निजी और सरकारी अस्पतालों के प्रसव रिकॉर्ड, अल्ट्रासाउंड सेंटर्स और अवैध गर्भपात संबंधी डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।