‘मेरी बेटी किसी लड़के से मोबाइल पर बात करती थी। मना करने पर भी नहीं मान रही थी। 13 मार्च को भी मैंने उसे मोबाइल पर बात करते देखा। जब डांटा तो जवाब देने लगी। मैंने उसे एक थप्पड़ मार दिया। तभी बेटी ने भी हाथ उठा दिया। ये मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया।’ ‘तुरंत कमरे में रखी हंसिया लेकर आया और उस पर करीब 8 से 10 वार किए। खून से लथपथ हो गई तो मैं घबरा गया। पत्नी के साथ उसे मेडिकल कालेज लेकर आया, लेकिन बेटी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मैंने पत्नी के साथ मिलकर झूठी कहानी रची और झूठी कहानी गढ़ी।’ ये बातें गोरखपुर में आरोपी पिता कमलेश भारती ने कबूल की। उसने बताया कि बेटी नेहा भारती (23) हंसिया पर गिरी नहीं थी, बल्कि मैंने उसकी हत्या की थी। इसे हादसा साबित करने की कोशिश कर रहा था। मामला पिपराइच थाना क्षेत्र का है। सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… पुलिस के मुताबिक, 13 मार्च को गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहा भारती (23) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। हंसिया से उसका गला कट गया था। परिवार के लोगों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से डॉक्टरों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पिपराइच पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। परिजनों से पूछताछ की गई। नेहा की मां मनोरमा ने बताया कि शुक्रवार सुबह बेटी मेरे साथ खेत की तरफ गई थी। वहां से सुबह करीब 11 बजे घर लौटकर आए। तभी घर पर नेहा फिसलकर गिर गई। इस दौरान जमीन पर रखे हंसिया से उसके गर्दन कट गई। हालांकि, नेहा की हालत देखकर पुलिस को शक हुआ। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर मामला और उलझ गया। पुलिस ने मामला संदिग्ध मानकर नेहा की लाश कब्जे में ले ली। 14 मार्च को पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया। इसके बाद देर शाम पिपराइच में परिजनों ने दाह संस्कार किया। इसके बाद पुलिस ने पिता कमलेश और मां मनोरमा से कड़ाई से पूछताछ शुरू की। पुलिस के सवालों में परिवार उलझ गया। जब उनसे हंसिया मांगी गई तो वो भी नहीं दे पाए। शक बढ़ने पर पुलिस ने उनके खिलाफ सबूत जुटाना शुरू किए। 15 मार्च को कमलेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस को शक कैसे हुआ? दरअसल, घटना के बाद गांव में नेहा की हत्या के चर्चाएं होने लगीं। दबी जुबान हर कोई यही कह रहा था कि पिता ने ही बेटी को मारा है। लेकिन, परिजन कुछ और ही कहानी सुना रहे थे। जब पुलिस तक यह बात पहुंची तो छानबीन शुरू की। आसपास के लोगों से पूछताछ में बाप-बेटी के रिश्तों में तल्खी की बात सामने आई। नेहा की गर्दन पर मिले हंसिए के निशान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर वह हंसिए पर खुद गिरी होती तो घाव गहरे होते, लेकिन देखकर लग रहा था कि गर्दन पर कई वार किए गए थे। इन सब के आधाी पर पुलिस ने पिता के खिलाफ सबूत जुटाना शुरू किए। इस संबध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया- पूछताछ में आरोपी पिता ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हंसिया बरामद कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कोर्ट में पेशी की तैयारी की जा रही है। कमलेश की दो बेटियां और 2 बेटे
कमलेश की दो बेटियां और 2 बेटे हैं। इसमे नेहा दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। दो भाई नेहा से छोटे हैं। इसके अलावा घर पर कमलेश की 65 साल की मां रहती हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें
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बेटी मोबाइल पर बात करती थी, पिता ने मार डाला:गोरखपुर में हंसिए से गला काटा, पत्नी से झूठी कहानी गढ़वाई
