हरियाणा सरकार का कर्मियों-पेंशनरों को झटका:अब LTC के बदले नहीं मिलेगी कैश पेमेंट; जनवरी 2028 से पर्यटन यात्रा करना हुआ अनिवार्य

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हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाली LTC सुविधा के स्वरूप में बड़ा बदलाव किया है। अब कर्मचारी पर्यटन के बदले एक महीने की अतिरिक्त सैलरी या पेंशन नहीं ले सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों को वास्तव में यात्रा करनी होगी। मानव संसाधन विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मानव संसाधन विभाग की तरफ से कहा गया है यह नया नियम 1 जनवरी 2028 से लागू होगा। इसके साथ ही 2009 और उसके बाद जारी वे सभी आदेश वापस ले लिए गए हैं, जिनमें कर्मचारियों को एलटीसी के बदले एक महीने का वेतन लेने की अनुमति दी गई थी। इन पर पड़ेगा असर
इस फैसले का असर प्रदेश के बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इसमें सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के नियमित कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त पेंशनभोगी, हार्मोन के माध्यम से लगे आउटसोर्स कर्मचारी, ज्यूडिशियल अधिकारी और ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी भी इस फैसले के दायरे में आएंगे। विभिन्न वैधानिक निकायों के अध्यक्ष और गैर-आधिकारिक सदस्य भी इससे प्रभावित होंगे।
2027 तक ले सकेंगे लाभ
सरकार के अनुसार कर्मचारी अभी चल रहे 2026-2029 एलटीसी ब्लॉक के दौरान 31 दिसंबर 2027 तक ही एक महीने की सैलरी या पेंशन वाली सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके बाद यह विकल्प पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके लिए उन्हें पुराने नियमों के अनुसार यात्रा का विवरण और खर्च से जुड़े दस्तावेज जमा कराने होंगे।
आदेश के मुताबिक इस बदलाव का उद्देश्य एलटीसी को उसके मूल उद्देश्य, यानी पर्यटन और यात्रा को बढ़ावा देने से जोड़ना है, ताकि कर्मचारी वास्तव में यात्रा करें और इसका लाभ उठाएं।