हरियाणा के पानीपत से किडनैप हुआ 7 महीने का बच्चा यूपी से बरामद हो गया। सीआईए-2 की टीम ने 30 घंटे की कोशिशों के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस बच्चे का एक लाख रुपए में सौदा हो गया था। पुलिस ने बच्चे खरीदने वाले समेत तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। दो आरोपियों ने बच्चे का अपहरण कर उसे यूपी के एटा जिले में एक लाख रुपए में बेच दिया था। करीब 100 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों को कोर्ट से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। ताकि सौदे की रकम बरामद की जाए सके। साथ ही यह पता किया जाएगा कि गिरोह में और भी सदस्य हैं क्या। पुलिस ने बताया कि पूरी किडनैपिंग की स्क्रिप्ट यूपी के एक व्यक्ति ने रची थी। उसे बेटे की चाहत थी। उसके 21 साल की बेटी है। अब उसे बेटा चाहिए था, इसलिए सौदेबाजी की थी। पानीपत से एटा की दूरी 300 किलोमीटर से ज्यादा है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… बिस्किट का लालच देकर किया अपहरण पानीपत SP भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 9 मार्च को थाना चांदनी बाग क्षेत्र के अंबा कॉलोनी से दोपहर करीब 1 बजे बाइक सवार दो युवक झुग्गी के पास पहुंचे। उन्होंने सुंदर की 7 वर्षीय बेटी आशियाना को बिस्किट का पैकेट दिया और उसके 7 माह के भाई मानशुभ को भी बिस्किट देने के बहाने मंगवाया। जैसे ही बच्ची भाई को लेकर आई, आरोपी उसे छीनकर फरार हो गए। परिवार ढोलक बजाने राजस्थान गया था पीड़ित परिवार मूल रूप से राजस्थान के अलवर का रहने वाला है और काला आंब के पास झुग्गियों में रह रहा था। घटना के समय बच्चे के माता-पिता पास ही एक शादी समारोह में ढोलक बजाने गए थे। घर पर 7 महीने का हिमांशु अपनी 7 साल की बहन आशियाना के पास था। 100 से ज्यादा CCTV खंगाले, 30 घंटे का ऑपरेशन वारदात के बाद एसपी ने सीआईए और थाना चांदनी बाग की टीमों को अलर्ट किया। सीआईए टू प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र की टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने यूपी के एटा स्थित गांव करथला में छापेमारी की। जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। एटा और कासगंज के रहने वाले हैं आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलमान (निवासी सिद्धपुरा, कासगंज), आजाद (निवासी अमनपुरा, कासगंज) और मुकेश गुप्ता (निवासी करथला, एटा, यूपी) के रूप में हुई है। आरोपी सलमान और आजाद वर्तमान में सोनीपत के भैंसवाल गांव में रह रहे थे। बेटा न होने पर रची गई साजिश पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपी मुकेश गुप्ता की केवल एक बेटी थी। वह लंबे समय से चाहता था कि उसे बेटा हो। बेटी 21 साल की हो चुकी थी, ऐसे में बच्चा पैदा होने पर लोकलाज का डर था। इसलिए उसने सलमान को 1 लाख रुपए का लालच देकर बच्चा लाने को कहा था।
सलमान और आजाद ने 8 मार्च को पानीपत में रेकी की और अगले दिन गरीब परिवार के बच्चे को निशाना बनाया। अपहरण के तुरंत बाद आरोपी बच्चे को लेकर एटा पहुंचे और मुकेश को सौंपकर रकम ले ली।
पानीपत से किडनैप 7 माह का मासूम UP में मिला:बेटे की चाहत में अपहरण करवाया, ₹1 लाख में सौदा, 100 CCTV खंगालने पर सबूत मिला
