यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। दूसरे दिन भी गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर- सिद्धार्थनगर में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। एजेंसियों पर तड़के 3 बजे से ही लोग लाइन लगाने पहुंच रहे हैं। लोग घंटों इंतजार कर रहे, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वजह- सिलेंडर कम हैं और लेने वालों की संख्या ज्यादा। उन्नाव में अपनी बारी का इंतजार कर रहे अमन दीक्षित ने कहा- सिलेंडर किसी को नहीं दिया जा रहा। लोगों को भगाया जा रहा है। हमने बुकिंग की थी, फिर भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। एजेंसी की ओर से OTP आने का इंतजार करने को कहा जाता है, लेकिन जब पर्ची कटवाने जाते हैं, तो कभी पर्ची खत्म होने तो कभी सिलेंडर खत्म होने की बात कह दी जाती है। एक हफ्ते से एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं। हालांकि, अफसरों का कहना है कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त कोटा उपलब्ध है। गैस कंपनियों ने भी ग्राहकों को मैसेज भेजकर गैस की किल्लत की खबरों से इनकार किया है। उनका कहना है कि ईंधन की कमी के दावे भ्रामक और निराधार हैं। इधर, तेल कंपनियों ने घटते स्टॉक के चलते कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। एजेंसियों को फिलहाल सिर्फ घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। उन्हें कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। यूपी में 4.26 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इनमें उज्ज्वला योजना के तहत 1.87 करोड़ कनेक्शन शामिल हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 5-6 लाख सिलेंडरों की खपत होती है। तस्वीरें देखिए- गैस सिलेंडर की किल्लत से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-
यूपी में गैस किल्लत, पुलिस सुरक्षा में बंट रहे सिलेंडर:एजेंसियों के बाहर रात 3 बजे से लाइनें, बोले-एक हफ्ते से चक्कर काट रहे
