सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में मैथ के पेपर पर छपे सिक्योरिटी क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यू-ट्यूब की लिंक ओपन हो ही है। यह लिंक 39 साल पुराने इंग्लिश सॉन्ग ‘रिकरोल’ की है। 9 मार्च को हुए इस पेपर पर सीबीएसई ने कहा- क्यूआर स्कैन करने पर यू-ट्यूब लिंक ओपन हो रही है। लेकिन एग्जाम पेपर भी असली हैं। इस मामले में एग्जाम पेपर की सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ है। एग्जाम पेपर की ऑथेंटिसिटी सुरक्षित है और आगे की परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। एग्जाम पेपर की वायरल तस्वीर… वायरल फोटो की वजह से एग्जाम पेपर पर सवाल उठे दरअसल, कुछ छात्रों का कहना था कि उनके स्कैन करने पर सच में यूट्यूब पर गाने कि लिंक खुल रही थीं। वहीं कुछ के स्कैन करने पर सिर्फ ‘ए’ और ‘क्यू’ जैसे साधारण लैटर साइन ही खुल रहे थे। इससे कन्फ्यूजन हो गया कि वायरल स्क्रीनशॉट किसी एक-दो मामलों का है, तकनीकी गड़बड़ी है या सोशल मीडिया पर फैली फेक खबर। वहीं छात्रों और उनके माता-पिता ने एग्जाम पेपर कि ऑथेंटिसिटी पर भी सवाल उठाए। पेपर की ऑथेंटिसिटी के लिए सिक्योरिटी क्यूआर कोड लगाया जाता है क्यूआर कोड किसी डॉक्युमेंट या क्वेशन पेपर की पहचान और ऑथेंटिसिटी के लिए लगाया जाता है। इसे स्कैन करने पर आमतौर पर पेपर का सेट नंबर, सीरियल नंबर या एन्क्रिप्टेड जानकारी रखता है। इससे पता चलता है कि डॉक्युमेंट असली है या नहीं। उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। —————————————————- ये खबर भी पढ़ें… NCERT ने ज्यूडीशियरी करप्शन चैप्टर पर बिना शर्त माफी मांगी:कहा- अब किताब उपलब्ध नहीं; SC बोला था- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने किताब के ‘ज्यूडीशियरी करप्शन’ चैप्टर को लेकर बिना शर्त माफी मांगी है। इस चैप्टर को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद किताब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। CJI सूर्यकांत ने कहा था कि न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दे सकते। पूरी खबर पढ़ें…
CBSE के 12वीं के पेपर पर गाने का क्यूआर कोड:स्कैन करने पर यू-ट्यूब लिंक ओपन हो रही, CBSE बोला- गलती हुई, लेकिन पेपर सेफ
