युद्ध के बीच इजराइल में फंसे यूपी के 6000 मजदूर:सायरन बजते ही बंकर में घुस जाते हैं; मंत्री बोले- मजदूरों की सुरक्षा करेंगे

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इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात तक पहुंच गया है। आबुधाबी से एक भारतीय की मौत की खबर सामने आई है। कई भारतीयों के ऐसे भी वीडियो सामने आए, जिसमें वो भारत सरकार से मदद की गुहार लगाते दिखे। इजराइल ने हमले की शुरुआत की, इसलिए उन्हें अब खतरा भी है। देश के कई हिस्सों में बीच-बीच में हमले भी हो रहे। पिछले 2 साल में यूपी से 6 हजार से ज्यादा श्रमिक इजराइल जा चुके हैं। देश के करीब 42 हजार लोग इस वक्त इजराइल में हैं। उनकी क्या स्थिति है? वो क्या सोचते हैं? किस तरह से खुद का बचाव कर रहे? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए हमने उन्हीं लोगों से बात की… यूपी सरकार ने 2 साल पहले मजदूरों को भेजा 2024 में यूपी सरकार ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट के तहत युवाओं को विदेश भेजने का फैसला किया। इजराइल की पॉपुलेशन इमिग्रेशन एंड बॉर्डर अथॉरिटी ने लखनऊ में कैंप किया। करीब 6 हजार युवाओं को सिलेक्ट करके अपने देश ले गए। इसमें श्रमिक ज्यादा थे। सभी की सैलरी 1 लाख से ज्यादा थी। सभी इजराइल पहुंचे और वहां बिल्डिंग बनाने से लेकर सड़क बनाने के काम में जुट गए। सरकार लगातार इनकी निगरानी करती रही। जिस वक्त ये श्रमिक इजराइल पहुंचे, वहां कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति थी। इजराइल और हमास भिड़े थे। इजराइल लगातार गाजा पर हमलावर था। हालांकि, उस युद्ध में किसी भी भारतीय के साथ कोई घटना सामने नहीं आई। लेकिन, इस बार स्थिति अलग है। इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान पर हमलावर हैं। ईरान गाजा के मुकाबले मजबूत देश है और वह लगातार हमला कर रहा।
एक ही गांव के 16 लोग, बोले- सभी सुरक्षित बहराइच के शाहनवाजपुर गांव के साहबपुरवा मौजा से 16 लोग इजराइल गए हुए हैं। ये लोग इस वक्त कत्सरीन में हैं। यह इजराइल की राजधानी जेरूसलम से करीब 250 किलोमीटर दूर है। यहीं अभिनव निषाद बतौर इंजीनियर काम करते हैं। बाकी के जो और लोग हैं, वह श्रमिक के तौर पर काम करते हैं। अभिनव निषाद से हमने पूछा कि आप कब इजराइल गए और अभी क्या स्थिति है? अभिनव ने कहा- मैं यहां 5 साल से ज्यादा वक्त से हूं। बाकी लोग तो 2024 में आए थे। अभी हम लोग लेबनान-सीरिया के बॉर्डर के पास ही रहते हैं। ईरान से जो लड़ाई हो रही, उसमें इस हिस्से में किसी तरह की दिक्कत नहीं। लेकिन बीच-बीच में सायरन बजता है, तो हम सभी लोग अलर्ट हो जाते हैं। तुरंत बंकर में चले जाते हैं। अब हर फ्लैट के साथ बंकर बन रहे अभिनव बताते हैं- इजराइल का हर हिस्सा खतरे से भरा है। आप किसी बिल्डिंग में जाएंगे, पार्क में जाएंगे, सड़क पर ही रहेंगे, हर जगह आपको जमीन के नीचे बंकर मिल जाएगा। अब स्थिति यह हो गई है कि हर फ्लैट के साथ बंकर बनाया जा रहा। बंकर की जो दीवार होती है, उसकी मोटाई ढाई से 3 फीट की होती है। यहां पूरा निर्माण ही आरसीसी का होता है, कहीं भी ईंट का प्रयोग घरों के निर्माण में नहीं होता। पिछले साल जब गाजा से लड़ाई हो रही थी, तब यहां के आसमान से लगातार मिसाइल जाते हुए नजर आते थे। उस वक्त तो हर दिन ऐसी स्थिति बन जाती थी कि बंकर में जाना पड़ता था। अभी तेल अवीव और जेरूसलम के पास हमले की सूचना मिल रही है। हम लोग जहां हैं, यहां की स्थिति सामान्य है। एक ब्लास्ट हुआ, लेकिन खतरा नहीं बहराइच के ही रामअचल निषाद भी कत्सरीन में काम कर रहे हैं। यूपी सरकार की स्कीम के तहत वह इजराइल गए थे। इस वक्त के हालात पर कहते हैं- जब से युद्ध शुरू हुआ है, डर लगने लगा है। क्योंकि, इस युद्ध में ईरान लगातार अटैक कर रहा है। रोज न्यूज में देखता हूं कि कहीं दुबई, तो कहीं बहरीन में अटैक हो गया है। 3 दिन पहले एक मिसाइल भी गिरी थी, उसका वीडियो हम लोगों ने देखा। तब से सभी लोग डरे हुए हैं। रामअचल कहते हैं- हम लोग इतना नहीं डरे हैं जितना हमारे घर के लोग डरे हुए हैं। वह बीच-बीच में वीडियो कॉल करते हैं और आसपास की स्थिति को देखते हैं। मैं उनका बंकर दिखाता हूं, यह बताता हूं कि यहां अभी तक हमला जैसी स्थिति नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक है। तब जाकर वो लोग आराम से रह पाते हैं। रामअचल यहां आने की बात पर कहते हैं- अभी हमारा आने का कोई इरादा नहीं है। यहां किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी यहां आए थे। उन्होंने कुछ लोगों से मुलाकात की थी। हम लोगों की सुरक्षा की भी बात की थी। यहां के अधिकारियों ने बताया कि सभी ठीक हैं। यूपी सरकार लगातार निगरानी कर रही इजराइल में इस वक्त देश के 42 हजार से ज्यादा नागरिक रह रहे हैं। इनमें 6004 यूपी के निर्माण श्रमिक शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर पिछले 2 साल के अंदर गए हैं। यूपी सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस पूरे मामले पर कहते हैं- यूपी की सरकार सभी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट निगम और वहां के दूतावास के लगातार संपर्क में हैं। अब तक किसी भी तरह की कोई दिक्कत सामने नहीं आई है। इजराइल के तेल अवीव में भारतीय दूतावास है। अधिकारियों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर- +972-54-7520711, +972-54-2428378 हैं। इसके अलावा पीआईबीए ने भी 1-700-707-889 नंबर जारी किया है। इसका संचालन सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन कर रहा है ———————– ये खबर भी पढ़ें… ईरान-अमेरिका युद्ध से यूपी के 25 लाख लोग फंसे, होली में भी घर नहीं आ पाएंगे, जानिए क्यों खाड़ी देश जाते हैं युवा गोंडा के 27 साल के दिनेश वर्मा इन दिनों दुबई में फंसे हैं। 1 मार्च को उनका मुंबई आने का टिकट था, लेकिन क्षेत्र में जारी बमबारी के कारण एयरपोर्ट बंद हो गया। वे भारत नहीं लौट पाए। दुबई में कुक का काम करने वाले दिनेश को वापस उनके कमरे पर भेज दिया गया। वे होली और अपने भांजे विनोद वर्मा की 11 मार्च को बस्ती में होने वाली शादी में शामिल नहीं हो सकेंगे। पढ़िए पूरी खबर…