सीएम ने 602 गोशालाओं को दी ₹68.34 करोड़ की सौगात:सोनीपत की धर्मार्थ गोशाला में कार्यक्रम; आमजन से मांगा सहयोग

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सोनीपत जिले के गांव भटगांव में आयोजित राज्यस्तरीय गोशाला चारा अनुदान वितरण समारोह का आयोजन प्रदेशभर की गोशालाओं के लिए बड़ी सौगात लेकर आया। धर्मार्थ गोशाला भट्टगांव परिसर में कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। समारोह में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मंत्री रणबीर गंगवा, मंत्री अरविंद शर्मा, सोनीपत विधायक निखिल मदान, गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा तथा पूर्व मेयर राजीव जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि मंच पर मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया और गोसेवा से जुड़े संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया। सीएम ने सभी प्रदेश वासियों को होली के पर्व की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 602 पंजीकृत गोशालाओं के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपए की चारा अनुदान राशि जारी कर गोसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। 602 गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ की सौगात सीएम नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में घोषणा की, कि प्रदेश की 602 पंजीकृत गोशालाओं के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपए की चारा अनुदान राशि जारी की गई। उन्होंने कहा कि गोमाता की सेवा केवल आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। सरकार गोशालाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सोनीपत की 27 गोशालाओं को ₹5.60 करोड़ दिए सीएम सैनी ने बताया कि सोनीपत जिले की 27 पंजीकृत गोशालाओं के लिए 5 करोड़ 60 लाख रुपए की अनुदान राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा 11 वर्षों में प्रदेश की गोशालाओं को 525 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की सहायता दी जा चुकी है, जो सरकार की दीर्घकालिक नीति और समर्पण को दर्शाता है। 2014 के बाद गोवंश की संख्या बढ़ी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2014 तक प्रदेश में 215 पंजीकृत गोशालाएं थी, जिनमें लगभग 1 लाख 75 हजार गोवंश था। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 697 पंजीकृत गोशालाओं तक पहुंच चुकी है, जहां लगभग 4 लाख बेसहारा गोवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। यह वृद्धि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। 2026-27 तक सभी होगी सौर ऊर्जा आधारित उन्होंने बताया कि प्रदेश की 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक सभी पंजीकृत गोशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित करना है। साथ ही गोशालाओं को मात्र 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पशु डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी लगाई गोवंश के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं में पशु डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त मोबाइल पशु चिकित्सालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि बीमार या घायल गोवंश का समय पर उपचार हो सके। दो गो-अभ्यारण्यों की स्थापना मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसहारा गोवंश के पुनर्वास के लिए प्रदेश में दो गो-अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है, जहां हजारों गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा सकता है। इससे सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की समस्या में भी कमी आएगी। मिशन के तहत देसी नस्लों को प्रोत्साहन देसी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणा, साहिवाल और बेलाही नस्ल की गायों के गोपालकों को 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को बढ़ावा मिल रहा है। गो-वध पर सख्त कानून लागू सीएम ने कहा कि सरकार ने हरियाणा गो-वध संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम-2015 लागू कर गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की है। इस कानून के तहत गोहत्या और अवैध तस्करी पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। समाज से सहयोग का आह्वान अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने सामाजिक और धार्मिक संगठनों, पंचायतों तथा युवाओं से आह्वान किया कि वे गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से गोशालाएं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार गोसेवा के कार्य में निरंतर समर्पित भाव से कार्य करती रहेगी।