PM मोदी इजराइल दौरे पर 25 और 26 फरवरी को थे, इसके ठीक बाद 28 फरवरी को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर स्ट्राइक्स कर दीं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इजराइल दौर पर होते हुए पीएम मोदी को इसकी जानकारी दी गई थी? क्या हमले के बाद इजराइल ने भारत के विदेश मंत्रालय से इसके बारे में बात की है? कहीं पीएम मोदी के दौरे को इजराइल ने कवर की तरह तो इस्तेमाल नहीं किया? इजराइल ने सबसे पहले ईरान पर प्रिएंपटिव स्ट्राइक का नाम देकर हमले किए। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इन हमलों में अमेरिकी भागेदारी की जानकारी की पुष्टि की। लेकिन एक साल में दूसरी बार इजराइल ने क्यों ईरान पर हमला किया? और इजराइल में इस युद्ध को लेकर क्या माहौल है? हमने ये सवाल भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार से पूछे। सवाल: इजराइल ने साल में दूसरी बार प्रिएंपटिव स्ट्राइक की हैं, ईरान पर हमले का अंतिम लक्ष्य क्या है? जवाब: सबसे पहले हम सामने दिख रहे खतरे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना चाहते हैं। ईरान दशकों से मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा बैलेस्टिक मिसाइल की ताकत बढ़ाने के लिए काम कर रहा है, ताकि इजराइल को खत्म कर सके। ईरान पूरे रीजन में अपने प्रॉक्सी ग्रुप को फंड, हथियार और टेक्नोलॉजी दे रहा है। ईरान 2027 तक इजराइल को खत्म करना की बात करता था। जून में हमने उस पर हमले किए थे। ईरान ने अब सहयोग करने से इनकार किया, तो हमने फिर से ऑपरेशन शुरू किया है। सवाल: अगर आप अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेते हैं और रिजीम चेंज होता है तो भविष्य में ईरान में किस तरह की सत्ता होगी? जवाब: हमें नहीं पता कि ईरान में सत्ता बदलेगी या नहीं, लेकिन हम चाहते हैं कि ये जरूर हो। कुछ हफ्ते पहले ही मौजूदा सरकार ने अपने हजारों नागरिकों को मार दिया था। सवाल: ईरान पर हमले PM मोदी के इजराइल दौरे के ठीक बाद हुए हैं, क्या पीएम मोदी को इन हमलों की जानकारी दी गई थी? जवाब: भारत हमारी स्थिति अच्छी तरह जानता है। PM मोदी इजराइल में थे, तब हमें नहीं पता था कि ऑपरेशन होने वाला है। इसकी मंजूरी 28 फरवरी की सुबह दी गई। तब तक PM मोदी दौरा पूरा करके लौट चुके थे। इजराइल के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर को फोन करके बात की थी। सवाल: विदेश मंत्री जयशंकर का इस मामले पर क्या कहना था, अगर आप बता सकें? जवाब: भारत ने अपनी स्थिति पर खुलकर बात की। भारत बातचीत और स्थिरता चाहता है। हमने कई साल ईरान से डिप्लोमेसी के तहत बातचीत की कोशिश की है। अमेरिका ने महसूस किया कि ईरान डिप्लोमेसी के जरिए वक्त बिता रहा है और शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं है। सवाल: इजराइल में लोग ईरान के नेता खामेनेई की मौत पर जश्न मना रहे हैं, आप बताइए कि इस वक्त इजराइल में कैसा माहौल है? जवाब: इजराइल खुद को सुरक्षित रखना चाहता है। इजराइल पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन से लगातार हमले हो रहे हैं। कई लोग खामेनेई की मौत पर खुशी मना रहे हैं, क्योंकि ईरान का सुप्रीम लीडर इजराइल पर हमले के ऑर्डर देता था, इजराइल के लोगों को मारता था, अब वो नहीं है। हमने ईरान में भी जश्न की फोटो देखी हैं। मुझे लगता है कि ईरान के लोग इस मौके के जरिए सत्ता बदलेंगे।
इजराइली राजदूत बोले- मोदी को पता नहीं था हमला होगा:PM का इजराइल दौरा खत्म होने के बाद ईरान पर अटैक को मंजूरी दी
