हरियाणा में सरकारी विभागों के IDFC बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के फ्रॉड केस में अब एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की एंट्री हो गई है। ED अधिकारियों ने घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को लेटर लिखकर घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। डॉक्यूमेंट मिलते ही ईडी मनी-लॉन्ड्रिंग की FIR दर्ज करेगी। ED की टीम ने फ्रॉड में अपनी पैरलल इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दी है, जिसके तहत ED के अधिकारी ACB कार्यालय में गए थे। हालांकि, आरोपियों से ED द्वारा आमने-सामने की पूछताछ नहीं हुई है। ACB की रिमांड अवधि खत्म होने के तुरंत बाद ED मामला दर्ज कर आरोपियों को अपनी हिरासत में ले सकती है। उधर, शुक्रवार को मुख्य आरोपी रिभव ऋषि से उसके वकील ने मुलाकात की। हालांकि, ACB द्वारा करीब दस मिनट ही मुलाकात करने दी गई, इस दौरान ACB के अधिकारी भी वहीं बैठे रहे। वहीं, सिंगला फैमिली की ओर से अभी वकील नहीं बुलाया गया है। रिभव ऋषि की पत्नी का नाम भी मामले में आया है, लेकिन अभी तक उससे ACB ने पूछताछ नहीं की है। 4 पाइंट में समझिए कहां तक पहुंची ACB की जांच… अब जानिए फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका… —————————– ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा में ₹590 करोड़ फ्रॉड के 4 किरदार: IDFC बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर की पत्नी व साले के नाम फर्जी कंपनी; 300 करोड़ ट्रांसफर हरियाणा के सरकारी विभागों का 590 करोड़ रुपए प्राइवेट बैंक में जमा कराने के मामले की परतें खुलने लगी हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में अभी 4 गिरफ्तारियां की हैं। इनमें से एक आरोपी स्वाती सिंगला की कंपनी के उकाउंट में 300 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए थे। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के ₹590 करोड़ फ्रॉड केस में ED की एंट्री:ACB से डॉक्यूमेंट मांगे, मनी-लॉन्ड्रिंग की FIR दर्ज करेगी; चारों आरोपियों से पूछताछ भी संभव
