सहारनपुर में महिला की हत्या कर शव जंगल में फेंका:घर से पशुओं के लिए चारा काटने गई थी, गांव से एक किलोमीटर दूर मिला शव

Spread the love

सहारनपुर में एक महिला की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया। महिला पशुओं के लिए चारा काटने के लिए जंगल में गई थी। जब काफी देर तक महिला घर नहीं लौटी तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश की। देर रात को घर से करीब एक किलोमीटर दूर महिला का शव जंगल में पड़ा मिला। मौके पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके सैंपल उठाए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना थाना बेहट क्षेत्र के पूजनेकी में हुई है। थाना फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम फरकपुर नवादा निवासी कविता (43) पत्नी काला का शव उसके गांव से एक किलोमीटर दूर बेहट कोतवाली क्षेत्र के गांव पूजनेकी में मिला है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, कविता 22 फरवरी की दोपहर में पड़ोस में एक शादी समारोह में खाना खाने गई थीं। वहां से लौटने के बाद वह भैंसों के लिए घास लेने जंगल की ओर चली गईं। काफी समय बीतने के बाद जब वह घर नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता हुई। ग्रामीणों ने आसपास के खेतों और जंगल में तलाश शुरू की। देर शाम उनका शव जंगल में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही बेहट थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव मिलने की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। पुलिस जब शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ बेहट वैभव पांडे ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कविता साधारण परिवार से थीं और अपने पीछे छह छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना को लेकर दहशत में हैं। महिला अपने पीछे 6 बच्चे छोड़ गई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा है या हत्या। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।