गृह मंत्रालय की बेवसाइट पर हरियाणा के 101 IPS अधिकारियों की प्रॉपर्टी का ब्यूरा सामने आया है। इसमें आईपीएस अधिकारियों ने इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) में दिया गया है। इसी के तहत हिसार और हांसी के एसपी की प्रॉपर्टी की जानकारी मिली है। हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने वर्ष 2025 का अचल संपत्ति विवरण 1 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार दाखिल किया है, जिसमें झज्जर (बादली) में प्लॉट और पंचकूला (सेक्टर-2, एमडीसी) में फ्लैट दिखाया गया है। फ्लैट की कीमत करीब 2.2 करोड़ रुपए है। इसी तरह हांसी के एसपी अमित यशवर्द्धन ने भी वर्ष 2025 का अपना अचल संपत्ति विवरण 1 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार प्रस्तुत किया है, जिसमें राजस्थान (सवाई माधोपुर) की पुश्तैनी संपत्तियां और दिल्ली (द्वारका) स्थित मकान का जिक्र है। हिसार एसपी के पास प्लॉट व फ्लैट
एसपी शशांक कुमार मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं मगर उनकी हरियाणा में करोड़ों की संपत्ति है। पहली संपत्ति हरियाणा के झज्जर जिले के बादली क्षेत्र में स्थित एक प्लॉट है, जिसे 23 जनवरी 2020 को लगभग 30 लाख रुपये में खरीदा गया था। वर्तमान अनुमानित मूल्य 40 लाख रुपये दर्शाया गया है। दूसरी प्रमुख संपत्ति पंचकूला के सेक्टर-2, एमडीसी क्षेत्र में स्थित एक फ्लैट है, जिसे वर्ष 2023 में अधिग्रहित किया गया। यह फ्लैट फिलहाल निर्माणाधीन है। दस्तावेज के अनुसार अब तक 1.6 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है और इसकी कुल अनुमानित लागत 2.2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस प्रकार उपलब्ध विवरण के आधार पर उनकी कुल अचल संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बैठता है। हांसी एसपी के पिता के नाम 25 बीघा जमीन
दूसरी ओर, हांसी एसपी अमित यशवर्द्धन ने अधिकांश संपत्तियां पारिवारिक विरासत या माता-पिता के नाम पर दर्ज बताई गई हैं। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र में एक पुश्तैनी पुराना मकान और भूमि का जिक्र है, जो उनके दिवंगत दादा से विरासत में मिली और वर्तमान में पिता के नाम दर्ज है। इसके अतिरिक्त सवाई माधोपुर में 25 बीघा कृषि भूमि उनकी माता के नाम दर्ज है, जो विरासत स्वरूप प्राप्त बताई गई है। दिल्ली के द्वारका सेक्टर-7 स्थित पालम कुंज में 200 वर्ग गज का एक मकान भी विवरण में शामिल है, जो खरीद के माध्यम से अर्जित और पिता के नाम दर्ज है। हालांकि एसपी अमित यशवर्द्धन की संपत्तियों का विवरण दिया गया है, लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड में उनकी कुल वर्तमान अनुमानित कीमत का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। अधिकांश संपत्तियां माता-पिता या एचयूएफ के नाम दर्ज हैं। इसलिए जरूरी है संपत्ति का ब्यूरा देना
सरकारी सेवा नियमों के तहत सभी क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए प्रत्येक वर्ष अपनी अचल संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जिसमें स्वयं और आश्रित परिवारजनों के नाम पर दर्ज संपत्तियों का खुलासा करना होता है। इन दोनों अधिकारियों की विवरणियां भी इसी प्रक्रिया के तहत दाखिल की गई हैं।
हिसार SP के पास पंचकूला में 2.2 करोड़ का फ्लैट:झज्जर में 40 लाख का प्लॉट, केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी प्रॉपर्टी की जानकारी
