कासगंज में शनिवार की रात एक एक बंद घर में पांच लोगों के शव मिले। इनमें पति पति-पत्नी, 2 बेटियां और एक बेटा था। आसपास के लोगों ने बताया कि घर तीन दिनों से बंद था। शव मिलने की जानकारी तब हुई, जब एक युव का शादी कार्ड देने उनके घर गया। दरवाजा खटखटाया, नाम लेकर काफी देरतक बुलाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने आसपास के लोगों से पूछा। पता चला घर से तीन दिनों से कोई हलचल नहीं थी। शक के आधार पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा, अंदर घुसी। घर के अंदर घुसते ही पहला शव फंदे से लटकता मिला घर के मुखिया श्यामवीर (50) का। इसके बाद दूसरे कमरे में चार शव पड़े थे- पत्नी रामश्री (48) का शव बेड के नीचे था। उसके गले पर रेतने के गहरे निशान थे। जबकि दोनों बेटियों प्राची (12), आकांक्षा (10) और बेटे गिरीश के मुंह से झाग-खून निकल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, सत्यवीर ने पहले जहर खिलाकर पहले बच्चों और पत्नी की जान ली होगी, फिर खुद फंदे से लटक गया होगा। पड़ोसियों ने बताया कि सत्यवीर का बेटा गिरीश एक बड़ी बीमारी से जूझ रहा था। वह आर्थिक तंगी में झेल रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि घर के अंदर का सीन देखकर लग रहा था। कई दिनों से चूल्हा नहीं जला था। घर में कोई बर्तन नहीं थे। कुछ खास सामान भी नहीं था। सत्यवीर के चाचा गया प्रसाद ने बताया कि सत्यवीर करीब 8 साल पहले अपनी गांव नगला भोजराज छोड़कर अमांपुर में आकर रहने लगा था। यहां पेट्रोल पंप के पीछे किराए पर एक कमरा लेकर परिवार के साथ रहता था। इसमें आगे एक दुकान थी और पीछे 10X10 का एक छोटा से कमरा जिसमें वह रहता था। पड़ोसियों के मुताबिक, श्यामवीर की शादी 13 साल पहले नगला वादिक की रामश्री से हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं: बेटी प्राची सातवीं कक्षा में पढ़ती है, आकांक्षा पांचवीं में और बेटा ग्रीस चौथी कक्षा में है। श्यामवीर की बहनें सर्वेश दिल्ली में और सुनीता मरहरा भूरगमा गांव में रहती हैं। चाचा गया प्रसाद ने बताया कि सत्यवीर के बेटे गिरीश को न्यूरो की समस्या थी। सिर में किसी नस की समस्या से जूझ रहा था। इस वजह से उसके इलाज में काफी खर्चा हो रहा था। कुछ दिन पहले ही उसने पड़ोसी से एक हजार रुपये उधार लिए थे। उसने लोगों से आर्थिक मदद ली। परिवार के लोग उसका सहयोग नहीं कर रहे थे। इस बात से और भी आहत था। श्यामवीर के पिता नेमसिंह के अनुसार, उनके पास 12 बीघा जमीन थी। जिसका बंटवारा उन्होंने तीन साल पहले चारों बेटों में कर दिया था। उनके तीन बेटे अमापुर कस्बे में रहते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से उनकी बेटे श्यामवीर से बात नहीं हुई थी, क्योंकि उनके आपसी संबंध ठीक नहीं थे। श्यामवीर करीब 10 साल पहले अपने भाइयों के साथ वेल्डिंग की दुकान चलाता था, लेकिन बाद में वह अलग हो गया था। वहीं, मृतक श्यामवीर के ससुराल वालों ने उसके पिता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कभी अपने बेटे श्यामवीर की मदद नहीं की। घटना की जानकारी होने पर DIG प्रभाकर चौधरी, DM प्रणय सिंह और एसपी अंकिता शर्मा मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो रहा है कि यह आत्महत्या का मामला है। शेष जानकारी एक्सपर्ट ओपिनियन व जांच पड़ताल के बाद आएगी। लोगों से बातचीत में आर्थिक तंगी का कारण निकल कर आ रहा है। DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया कि स्थानीय लोग घटना के पीछे आर्थिक तंगी की वजह बता रहे हैं। वहीं मृतक के ससुराल वालों का आरोप है कि श्यामवीर के पिता ने कभी बेटे की मदद नहीं की। पड़ोसियों ने बताया कि श्यामवीर पहले अमापुर कस्बे में वेल्डिंग की दुकान पार्टनरशिप में चलाते थे, लेकिन अलग होने के बाद पांच-छह साल पहले उन्होंने अपने घर पर ही दुकान खोली थी। —————————————— ये खबर भी पढ़ेंः- प्रॉपर्टी के लालच में MBA पास भाई की हत्या:’दृश्यम’ मूवी की तरह घर में लाश दफनाई, पुलिस को कहानियां सुना गुमराह करता रहा झांसी में MBA पास भाई के मर्डर केस की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म जैसी निकली। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बिल्कुल ‘दृश्यम’ मूवी जैसी स्क्रिप्ट तैयार की थी। पहले उसने दावा किया कि चाय को लेकर हुए विवाद में उसने भाई तारिक की हत्या कर दी और फिर शव को दफना दिया। पढ़ें पूरी खबर…
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