झांसी में 9 फरवरी को हुई MBA पास भाई के मर्डर केस की कहानी ‘दृश्यम’ फिल्म जैसी है। आरोपी मशारिक ने पुलिस को उलझाने के लिए एक मनगढ़त कहानी बनाई थी। बताया था कि चाय को लेकर कहासुनी होने पर भाई तारिक की हत्या की और फिर शव को दफना दिया। मगर घटनास्थल से मिले साक्ष्य और कबूलनामा मेल नहीं खाया। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपी मशारिक ने पूरा सच उगल दिया। पुलिस को बताया- “मैं पूरी प्रॉपर्टी और पैसा हड़पना चाहता था। इसलिए बड़े भाई तारिक को मारने का प्लान बनाया। इसमें मेरा साला शामिल था। वो मोहल्ले में ही रहता है। उस दिन सुबह 4 बजे उसे जगाकर लाया। थोड़ी देर बाद तारिक को जगाया और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। दो कुल्हाड़ी सिर में और एक माथे पर मारी। फिर चाकू से गर्दन रेत दी। भाई तड़प-तड़पकर मर गया। 5 फीट गहरा गड्ढ़ा खोदा और शव को दफना दिया।” 9 दिन बाद राज खुला तो पुलिस ने आरोपी मशारिक को गिरफ्तार कर कर लिया। उसकी निशानदेही पर कब्र खोदकर शव बरामद किया। पुलिस को शक है कि इसमें आरोपी की पत्नी भी शामिल है। प्रेमनगर पुलिस ने मशारिक, उसकी पत्नी मुस्कान और साले तालिब के खिलाफ हत्या की FIR दर्ज कर ली है। अभी पत्नी और साला फरार है। दोनों की तलाश की जा रही है। पूरा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा मोहल्ले का है। अब पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए… दो मंजिला आलीशान मकान बना झांसी रेलवे स्टेशन से 5 किमी दूर बिहारीपुरा मोहल्ला है। यहां के रहने वाले मिर्जा अकील बेग प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। उन्होंने 2500 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बनवाया था। 2022 में रोड एक्सीडेंट में उनकी मौत हो गई थी। उनके दो बेटे तारिक बेग और मशारिक हैं। पिता की मौत के बाद बड़े बेटे तारिक को अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी मिल रही थी। तारिक (40) MBA कर चुका था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, इसलिए उसने चपरासी की नौकरी करने से मना कर दिया। इसके बाद यह नौकरी उसके छोटे भाई मशारिक को मिल गई। मां झांसी न्यायालय में पेशकार पद से रिटायर्ड हैं। दिमागी हालत ठीक न होने के चलते वह अक्सर अपने मायके में भाइयों के पास रहती हैं। उनका मायका बिहारीपुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर पुरानी तहसील मोहल्ले में है। मशारिक ने मोहल्ले में ही रहने वाली लड़की से 9 दिसंबर 2025 को लव मैरिज की थी। ऐसे खुला हत्या का राज 9 फरवरी को घर में दोनों भाई ही मौजूद थे, जबकि मां मायके गई हुई थीं। सुबह 4 बजे आरोपी मशारिक अपने साले को बुलाकर लाया। फिर तारिक की हत्या की। घर के अंदर 5 फीट गहरा गड्ढ़ा खोदा। फिर भाई तारिक को उसमें दफना दिया। हत्या के अगले दिन मां ने फोन किया, लेकिन बड़े बेटे का मोबाइल स्विच ऑफ आया। उन्होंने छोटे बेटे से बात की तो उसने बताया कि भाई कहीं चले गए हैं। आरोपी ने चार दिन तक परिवार को गुमराह किया। जब दबाव बढ़ा तो उसने 15 फरवरी को थाने जाकर तारिक की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद परिजन बेटे की तलाश करते रहे, लेकिन आरोपी भाई उसे खोजने में रुचि नहीं ले रहा था। इस पर मामा को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को आरोपी के बर्ताव के बारे में बताया। 19 फरवरी को पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाकर पूछताछ की। सख्ती करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस आरोपी को लेकर घर पहुंची, जहां वह 3 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा। रात 12 बजे SSP और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। सख्ती बढ़ने पर आरोपी ने कब्र की जगह बताई। इसके बाद शव बाहर निकाला गया। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा… पुलिस पूछताछ में आरोपी मशारिक ने कहा- मैं अपनी पत्नी के साथ फर्स्ट फ्लोर पर रहता हूं। मां और तारिक ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। मां और मेरी पत्नी अपने-अपने मायके गई थीं। 9 फरवरी की सुबह 4 मैं पहले जगा। साले के घर गया और उसे जगाकर घर ले आया। फिर नीचे गया तो भाई सो रहा था। मैंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। मैं लगातार दरवाजा खटखटाता रहा। गुस्से में भाई ने दरवाजा खोला और गाली देने लगा और झगड़ा करने लगा। तब कुल्हाड़ी से वार किए। इससे वो गिर गया। फिर चाकू से गला रेत दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। किसी को कुछ पता न चले, इसलिए हम दोनों ने उसे घर के अंदर ही दफनाने का प्लान बनाया। 5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर लाश दफनाई, नमक डाला आरोपी ने बताया- हम दानों ने घर के पिछले हिस्से में फावड़े से 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा। तारिक के सभी कपड़े निकालकर लाश को न्यूड कर दिया। फिर 100 किलो नमक डालकर शव को उसी में दफना दिया और ऊपर ईंटें रख दीं। इसके बाद खून साफ किया और उसके कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोकर रख दिया। फिर मोबाइल ले जाकर जंगल में जला दिया और कुल्हाड़ी, चाकू व फावड़ा घर से करीब 3 किलोमीटर दूर एक नाले में फेंक दिए। आरोपी के ससुराल वाले फरार 14 फरवरी को जब तारिक के मामा मोहम्मद सलीम को भांजे के लापता होने की जानकारी मिली तो वह बहन के घर बिहारीपुरा पहुंचे। उन्होंने मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जैसे ही यह जानकारी मशारिक के ससुराल पक्ष को हुई, उन्होंने घर पर ताला लगाया और सभी लोग भाग गए। तीन दिन तक उनका घर बंद रहा। इस दौरान मशारिक परिजनों को गुमराह करता रहा। इससे मामा का शक और गहरा गया। वह पुलिस को सूचना देने जा रहे थे। इसी दौरान मशारिक ने खुद को फंसता हुआ पाया। उसने मामा से कहा- FIR में मेरा नाम मत देना, क्योंकि मैं सरकारी कर्मचारी हूं। इस बात पर उनका शक यकीन में बदल गया। पुलिस को शिकायत दी। तब मशारिक से पूछताछ हुई तो हत्या का पता चला। फिर कब्र खोदकर शव को निकाला गया। कॉल रिकॉर्ड खोलेगी राज तारिक उसके छोटे भाई मसारिक एवं पत्नी मुस्कान के कॉल रिकॉर्ड भी पुलिस खंगालने में जुटी है। इसके लिए पुलिस ने तीनों के सीडीआर निकाले हैं। पुलिस को उम्मीद है कि सीडीआर घटना के खुलासे तक लेकर जाएगी। पुलिस को शुरू से मशारिक के साले तालिब और मुस्कान की भूमिका पर शक है। दोनों भी घटना के दिन से ही घर से लापता है। उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है। पत्नी और साले की तलाश बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि मसारिक ने माना है कि हत्या में उसका साला शामिल था। तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मुस्कान एवं तालिब की तलाश की जा रही है। उन दोनों के सामने आने पर ही सही बात मालूम चल सकेगी। ये खबर भी पढ़िए… बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकली गोली:बुलंदशहर में बेटे से बोला- गोली चला, किसी को लगी तो तेरा बाप देख लेगा बुलंदशहर में हर्ष फायरिंग में चली गोली बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकल गई। वह पड़ोसी की छत पर खेल रहा था। गोली लगते ही 8 साल का मासूम गिरकर लहूलुहान हो गया। साथ खेल रहे बच्चों ने उसके घर वालों को बताया। इसके बाद बच्चे का पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल के लिए भागा। पढ़ें पूरी खबर….
MBA पास भाई की हत्या कर ‘दृश्यम’ जैसी कहानी बनाई:झांसी में प्रॉपर्टी हड़पने के लिए सिर में 3 बार कुल्हाड़ी मारी, चाकू से गला कटा
