राजपाल ने 20 चेक दिए, सभी बाउंस हुए:जिस फिल्म में पैसा लगाया वह 42 लाख कमा सकी; कर्ज न लौटाया तो दोगुनी संपत्ति कुर्क होगी

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बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव साल-2010 तक अपने करियर के पीक पर थे। धमाल, फिर हेरा-फेरी, गोलमाल, ढोल और भूलभुलैया जैसी सुपरहिट फिल्में कर चुके थे। इंडस्ट्री में उनकी डिमांड थी। 2010 में उन्होंने तय किया कि अता-पता लापता नाम की फिल्म बनाएंगे। पैसे कम थे, इसलिए एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपए उधार ले लिए। 11 करोड़ की लागत से बनी फिल्म रिलीज हुई, तो बुरी तरह से फ्लॉप हो गई। महज 42 लाख कमा सकी। बिजनेसमैन ने राजपाल से पैसा मांगा, लेकिन वो नहीं दे सके। मामला कोर्ट गया। राजपाल हर बार वक्त मांगते, चेक देते। चेक बाउंस होते चले गए। कोर्ट ने आखिर में राजपाल को जेल भेज दिया। वह 17 फरवरी को तिहाड़ जेल से 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। उन्होंने कुछ पैसा भी दे दिया है। जमानत खत्म होने के बाद उन्हें दोबारा जेल जाना होगा। पैसा नहीं देने की स्थिति में लिए गए कर्ज से दोगुना पैसे की कुर्की होगी। आज की संडे बिग स्टोरी में हम इस मामले को शुरुआत से लेकर अभी तक की स्थिति को समझेंगे। शुरुआत 2010 से करते हैं… सांसद के जरिए मुलाकात, पत्नी के इमोशनल मैसेज राजपाल यादव मूलरूप से शाहजहांपुर जिले के कुंद्रा गांव के रहने वाले हैं। लखनऊ के भारतेंदु अकादमी और फिर दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की पढ़ाई करके फिल्मों में पहुंच गए। 1999 में दिल क्या करे फिल्म से करियर की शुरुआत की। 5.1 इंच के राजपाल की कॉमेडी लोगों को भा गई। उन्हें एक के बाद एक फिल्में मिलने लगीं। शूल, जंगल, एक और एक ग्यारह, मुझसे शादी करोगी, हंगामा, गरम मसाला, वक्त, हेराफेरी, पार्टनर, भूल-भुलैया, भूतनाथ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से ज्यादातर फिल्मों में उन्होंने कॉमिक एक्टर के तौर पर काम किया। कुल मिलाकर अलग-अलग भाषाओं की 150 से ज्यादा फिल्मों में राजपाल ने काम किया है। 2010 में उन्होंने तय किया कि अब खुद से फिल्म बनानी है। उस वक्त राजपाल ने शाहजहांपुर के सपा सांसद मिथिलेश कुमार कठेरिया से मुलाकात की। दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे। राजपाल ने फिल्म अता-पता लापता के बारे में बताया। खर्च बताकर पैसे का इंतजाम करवाने की बात कही। सांसद मिथिलेश कठेरिया ने शहर के ही बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से मुलाकात करवाई। दोनों में लंबी बातचीत हुई। राजपाल ने 5 करोड़ रुपए की मांग की। माधव गोपाल ने इतना पैसा नहीं होने की बात कही। पहले दिन बिना पैसे के बात खत्म हो गई। अगले दिन से राजपाल यादव की पत्नी राधा ने माधव गोपाल को वाट्सऐप पर कई मैसेज किए। इनमें पैसा देने की बात कही गई। कई मैसेज इमोशनल थे। 4-5 दिन तक यही क्रम चलता रहा। राजपाल भी बीच-बीच में माधव गोपाल को फोन करते थे। माधव गोपाल ने दिल्ली के अपने ऑफिस में एक एग्रीमेंट साइन करवाया। तय हुआ कि फिल्म चले या न चले, सेंसर बोर्ड पास करे या न करे, एक साल बाद 5 करोड़ का 7.5 करोड़ रुपए और 50 लाख लीगल के राजपाल को देना होगा। राजपाल ने उस एग्रीमेंट पर साइन किया। खुद और राधा यादव ने पर्सनल गारंटी ली। फिल्म में तमाम नामचीन कलाकार थे फिल्म की शूटिंग 2011 में शुरू हो गई। यह कॉमिक फिल्म थी। राजपाल यादव मुख्य किरदार में थे। राधा यादव ने फिल्म प्रोड्यूस की थी। फिल्म में आशुतोष राणा, असरानी, विजय राज, यशपाल शर्मा, जाकिर हुसैन, मनोज जोशी, गोविंद नामदेव, वीरेंद्र सक्सेना जैसे एक्टर थे। फिल्म बन ही रही थी, तभी 1 साल पूरा हो गया। माधव गोपाल अग्रवाल ने राजपाल को फोन किया और पूछा कि पैसा कैसे देंगे? राजपाल ने कहा- अभी फिल्म नहीं बन पाई है। फिल्म रिलीज हो जाए, तो फिर पैसा दे दूंगा। माधव गोपाल ने राजपाल की बात मान ली और एग्रीमेंट बढ़ा दिया। इस बार राजपाल ने फिर से 7 ब्लैंक चेक सिग्नेचर करके दे दिए। एक साल पूरा होने के बाद दोबारा एग्रीमेंट हुआ। दूसरी बार जब एग्रीमेंट बढ़ा तो राजपाल ने माधव से कहा कि बिना आपकी इजाजत फिल्म नहीं रिलीज होगी। आप चाहें तो फिल्म का निगेटिव प्रिंट अपने पास रख लीजिए। माधव ने ऐसा करने से मना कर दिया। 26 अक्टूबर, 2012 को फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया। अता-पता लापता के एक गाने की रिलीजिंग में अमिताभ बच्चन को बुलाया गया। यह बात माधव को टीवी के जरिए पता चली। तब उन्हें लगा कि उनके साथ राजपाल धोखा कर रहे हैं। क्योंकि, बिना बताए ट्रेलर रिलीज कर दिया। उन्होंने दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका लगा दी। एक बार फिर से राजपाल ने विनती की, तो माधव मान गए। फिल्म 2 नवंबर ,2012 को रिलीज हो गई। पहले ही हफ्ते में धड़ाम हो गई। 11 करोड़ रुपए से बनी फिल्म देश में महज 34 लाख रुपए ही कमा पाई। फिल्म का वर्ल्ड वाइड बिजनेस 42 लाख रुपए रहा। मतलब, फिल्म 10 करोड़ से ज्यादा के घाटे में चली गई। इसके बाद माधव ने पैसा मांगा तो राजपाल की तरफ से जवाब मिला, फिल्म फ्लॉप हो गई है। आगे हम पैसा दे देंगे। 2013 में कोर्ट ने पत्नी को भी सजा सुनाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में यह केस जस्टिस मुरलीधर देख रहे थे। माधव ने उन्हें 21 अप्रैल को नई एप्लिकेशन दी। कहा कि 10 करोड़ 40 लाख में हम सेटलमेंट करने को तैयार हैं। इस पैसे पर राजपाल ने भी सहमति दिखाई थी। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में 7 नए चेक दिए। जब तय तारीखों पर चेक लगाया गया, तो सारे चेक फिर से बाउंस हो गए। 2 दिसंबर, 2013 को कोर्ट में राजपाल ने जो हलफनामा लगाया उसमें पत्नी के सिग्नेचर थे। कोर्ट की पड़ताल में वह सिग्नेचर झूठा निकला? कोर्ट ने उसी दिन राजपाल को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। राधा यादव की गोद में बच्ची थी, इसलिए उनके प्रति नरमी दिखाते हुए रजिस्ट्रार जनरल के ऑफिस में ऑफिस बंद होने तक रखने का आदेश दिया। साथ ही राजपाल के वकील को यह केस छोड़ने का आदेश दिया। फर्जी शपथपत्र बनाने वाले ओथ कमिश्नर को अवमानना की नोटिस जारी किया। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान राजपाल ने जज से कहा, ‘यह मेरी जिंदगी का पहला मामला है। प्रार्थना है कि एक मौका दिया जाए। माधव गोपाल को पैसा मिल जाएगा। मैं आज भी उन्हें पैसा देने को तैयार हूं।’ कोर्ट ने कोई दलील नहीं सुनी। हालांकि, 3 दिन तिहाड़ जेल में रहने के बाद राजपाल बाहर आ गए थे। 15 जनवरी, 2014 को इस मामले की नई तारीख लगी। माधव बोले- अपने पैसे के लिए बच्चों की तरह रोया
2014 के बाद राजपाल ने माधव से दूरी बनानी शुरू कर दी। माधव का कहना है कि राजपाल कोर्ट में आते तो शक्ति प्रदर्शन जैसा नजारा होता। राजपाल के साथ 50 से ज्यादा लोग होते थे। आरोप है कि ये लोग माधव को धमकियां देते थे। माधव पर इसका असर पड़ता और वह कई बार कोर्ट आते ही नहीं थे। दूसरी तरफ, राजपाल बार-बार वकील बदल देते। 2015 में राजपाल यादव ने तीसरा सप्लिमेंट्री एग्रीमेंट साइन किया। फिर से नए चेक दिए। नतीजा वही। इस बार भी सारे चेक बाउंस हो गए। 2016 में कोर्ट ने राजपाल को फटकार लगाई। इनके लिए कठोर शब्द का प्रयोग किया। राजपाल ने यहां माधव से कहा कि हम आपको एक बार में पैसा दे देंगे, सेटलमेंट कर लीजिए। माधव को अपना पैसा चाहिए था, इसलिए उन्होंने कोर्ट के बाहर सेटलमेंट के लिए सहमति दे दी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। कोर्ट में माधव ने जब यह पक्ष रखा तो उन्हें फटकार लगी और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जज ने कहा- जब मामला कोर्ट में है तो फिर बाहर सेटलमेंट की बात कैसे की जा सकती है? माधव कहते हैं- मैं कई बार इनसे पैसा मांगने के लिए मुंबई गया। फोन करके जाता था। लेकिन, ये कई बार मिलते ही नहीं थे। मैं इनके सामने दो बार बच्चों की तरह रोया हूं। लेकिन इन्होंने हमें पैसा नहीं दिया। 2016 में यह सुप्रीम कोर्ट चले गए। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि यह केस सुनने लायक नहीं है। इनकी फाइल इनके मुंह पर मार दी थी। फिर से ये वापस दिल्ली हाईकोर्ट में आ गए थे। राजपाल ने एक इंटरव्यू में कहा- पोते के लिए पैसा दिया
इस मुकदमे के बीच राजपाल यादव ने एक चैनल को इंटरव्यू दिया। उसमें उन्होंने कहा- मैंने कोई पैसा उधार नहीं लिया। बिजनेसमैन ने तो अपने पोते के लिए फिल्म में निवेश किया था। इस लाइन को लेकर माधव कहते हैं- मेरे परिवार में कोई भी एक्टिंग लाइन में नहीं है। न ही कोई उस वक्त जाना चाहता था। अगर हमने फिल्म में निवेश किया होता, तो एग्रीमेंट क्यों करवाया होता? राजपाल पर्सनल गारंटी क्यों लेते? वह मुझे उस वक्त ब्लैंक चेक क्यों देते? ये सब तो उधार लेने पर ही होता है। कोर्ट ने भी यह सब देखा, तभी फैसला सुनाया। राजपाल सेलिब्रिटी थे। कोर्ट में इनके प्रति शुरुआत में नरम रुख अपनाया गया। लेकिन, धीरे-धीरे हकीकत जानने के बाद कोर्ट ने इनके प्रति कड़ा रुख अपनाया। कई बार अपनी टिप्पणी में कहा, ऐसा लगता है कि राजपाल की मंशा पैसा देने की नहीं है। राजपाल हर बार कोर्ट में हाथ जोड़कर समय मांगते। आगे दे देने की बात कहते। ऐसा करते हुए साल-2025 आ गया। अक्टूबर, 2025 में पहली बार राजपाल ने 75 लाख रुपए माधव को दिए। यह पैसा 2 डिमांड ड्रॉफ्ट के जरिए दिया गया। कहा गया कि बाकी पैसे भी जल्द दे दूंगा। क्या सच में राजपाल के पास पैसा नहीं राजपाल यादव पिछले 27 साल से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। बड़ी-बड़ी फिल्में की हैं। पिछली 5 फिल्मों को ही अगर देखा जाए तो उन्होंने इनसे 7 से 8 करोड़ रुपए की कमाई की है। इसमें कटहल, ड्रीम गर्ल-2, भूल-भुलैया-3, चैंपियन और बेबी जॉन फिल्म शामिल है। कटहल, ड्रीम गर्ल और बेबी जॉन के लिए राजपाल को 1-1 करोड़ और बाकी की तीनों फिल्मों के लिए 2 से 3 करोड़ रुपए मिले हैं। राजपाल यादव ने 5 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया। मीडिया में कहा कि मेरे पास पैसा नहीं है। इसके बाद तमाम लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए। पैसा भी दिया। माधव के वकील नवनीत सिंह कहते हैं- इन्होंने कोर्ट में एक फ्रेश बेल डाली थी। कोर्ट ने सीधा कह दिया कि हम केस को मेरिट पर नहीं सुनेंगे। पैसा देने को तैयार होंगे, तभी केस सुना जाएगा। इन्होंने जेल में रहने के बाद 2 करोड़ 10 लाख रुपए दिए हैं। 75 लाख रुपए पिछले साल दिए थे। अभी कुल 6 करोड़ 15 लाख रुपए देने हैं। राजपाल ने आगे पूरा पैसा देने की बात कही है। भतीजी की शादी के लिए एप्लिकेशन दी थी। कोर्ट ने इन्हें 18 मार्च तक के लिए जमानत दी है। राजपाल अंतरिम जमानत पर बाहर आए और शाहजहांपुर पहुंचे। वह कहते हैं- जेल मेरे लिए चिंतन शिविर जैसा रहा। देश में हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही। जेल को भी आधुनिक बनाना चाहिए। जेल में स्मोकिंग जोन बनाया जाना चाहिए। हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है तो जेल और सुधार गृहों में इसके लिए अलग जगह होनी चाहिए। हम खुद धूम्रपान के शिकार हैं। छोड़ने की बहुत कोशिश कर रहे, लेकिन अभी तक पूरी तरह छोड़ नहीं पाए हैं। पैसा नहीं चुकाया तो कर्ज के दोगुना राशि के बराबर संपत्ति कुर्क क्या जेल जाने के बाद राजपाल को पैसा नहीं देना पड़ेगा? अगर पैसा नहीं दिया, तो क्या होगा? इन 2 सवालों के जवाब के लिए हमने लखनऊ हाईकोर्ट के वकील मुकेश शर्मा से बात की। उन्होंने कहा कि राजपाल ने पैसा लिया है, तो उन्हें देना ही होगा। अभी वह इसलिए जेल गए, क्योंकि तय समय पर पैसा नहीं दिया। जो चेक दिए, वो बाउंस हुए हैं। मतलब यह कि वह जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। चेक कई बार बाउंस हुए। इसका मतलब वह फ्रॉड भी कर रहे हैं। कोर्ट इस चीज को देखता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने उनके केस को नहीं सुना। मुकेश शर्मा कहते हैं- सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति इस तरह से फ्रॉड करता है तो पहले उसके खिलाफ 138 के तहत मुकदमा दर्ज होता है। फिर नोटिस दी जाती है। फिर गैर जमानती वारंट जारी होता है। सबसे आखिर में कुर्की होती है। राजपाल अगर यह पैसा नहीं चुकाते तो इसकी दोगुना कीमत की उनकी कोई संपत्ति कुर्क होगी। उसे बेचकर जिससे पैसा लिया गया है, उन्हें दिया जाएगा। उस 5 करोड़ की कीमत आज 25 करोड़ रुपए माधव गोपाल ने 2010 में 5 करोड़ रुपए राजपाल को दिए थे। वह कहते हैं- अगर बैंक के 12% को आधार बनाएं तो आज वो 5 करोड़ 24 करोड़ 70 लाख रुपए होता है। मैंने पैसा भी दिया और पूरे 16 साल परेशान रहा। अपने ही पैसे के लिए बच्चों की तरह रोया। वरिष्ठ वकीलों को केस सौंपा। इसके लिए 1 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया। राजपाल के लोगों की धमकियां सुनीं। पिछले 5 साल से तो मैं कोर्ट भी नहीं गया। मुझे कोर्ट पर भरोसा है, यहीं से न्याय मिलेगा। मुझे बस मेरा पैसा वापस चाहिए। ———————— ये खबर भी पढ़ें… क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी से तलाक लिया, बोले- कम उम्र में शादी की क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी ईशानी जौहर से तलाक ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। राहुल ने लिखा कि कम उम्र में शादी होने से वह खुद को और अपने जीवन की दिशा को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे। पिछले 15 महीने अदालतों के चक्कर लगाते हुए बीते। पढ़ें पूरी खबर