‘मैं आपको (शंकराचार्य को) चुनौती देता हूं। आप दूध के धुले हैं, सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपना मेडिकल करवा लें। मैं आपको शंकराचार्य मान लूंगा। अपने शिष्य मुकुंदानंद का भी मेडिकल करवा दें। उसमें साफ आ जाएगा कि आप ब्रह्मचारी हैं या नहीं।’ यह कहना है आशुतोष महाराज का। पॉक्सो कोर्ट ने शंकराचार्य पर FIR दर्ज कराने के आदेश दिए। इसके बाद दैनिक भास्कर ने शिकायत करने वाले आशुतोष महाराज से बात की। वह कहते हैं- ये आसाराम के बाबा हैं, इन्हें जेल में रहना चाहिए। जगद्गुरु शंकराचार्य की पीठ को बदनाम न करें। खुद पर दर्ज FIR को लेकर आशुतोष महाराज ने कहा- चलो मैं मान लेता हूं कि इनके हिसाब से मैं अपराधी हूं। तो क्या इनका अपराध छिप जाएगा? क्या मेरी वजह से उनकी बटुकों को न्याय नहीं मिलेगा? अगर इन लोगों को कोई डर नहीं, तो क्यों मेरे ऊपर हमले करवा रहे? मेरी गाड़ी से सामान छीनने की कोशिश हो रही है। क्यों अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से मुझे 1 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया? हमने उनका भी स्टिंग करवा लिया है। हम न्याय मांगने आए हैं, पीछे नहीं हटेंगे… चाहे हमारी हत्या हो जाए। मैंने सारे सबूत मेल पर सेव कर दिए हैं। अगर मुझे मार भी देंगे, तो भी कोई बचेगा नहीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल- क्या आप अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य रहे हैं? महाराज- हम कभी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य नहीं रहे। एक सनातन के धर्मगुरु हमारे गुरु रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि अभियान को लेकर हमारा तो सभी संतों के पास आना-जाना होता है। अविमुक्तेश्वरानंद भी हमारे संपर्क में थे। इन्होंने हमें काफी पहले एक पत्र भी दिया था, जिसकी आवाज हम लोगों ने उठाई थी। तब हमें उनके इस तरह के किसी काम के बारे में पता नहीं था। और जो इनका शिष्य है मुकुंदानंद, वो भी हमारे काफी प्रिय रहे हैं। क्योंकि गुरु भाई का शिष्य, हमारा भतीजा शिष्य हुआ। इस नाते ये लोग हमारे संपर्क में थे। सवाल- कब आप उनसे जुड़े, शिष्य बनकर फिर दूरी क्यों बनाई? महाराज- देखिए, जब इनके कामों के बारे में पता चला, तब हम बटुकों के न्याय के लिए दर-दर भटके भी। न्याय के मंदिर में न्याय मिला है। सवाल- उनके आश्रम में शीश महल और स्वीमिंग पुल हैं, आप कैसे जानते हैं? महाराज- शीशमहल, राजमहल से भी बड़ा है। देश के अंबानी के घर से भी बड़ी सुविधाएं उनके उस कमरे में हैं। जो सुविधाएं वहां नहीं होनी चाहिएं, वो भी वहां पर हैं। इनके पास एक अलग सुविधा है। एक स्वीमिंग पूल बनाया गया है। जैसा कि मुझे बताया गया कि जब ये उसमें नहाते हैं, तो उनकी महिला सखियां उनके शरीर को हाथ से मलती हैं। सवाल- शंकराचार्य की सखियां कौन हैं? महाराज- वहां एक महिला है पूर्णिमा। उसने इनका नाम रखा है स्वामीश्री। इस बारे में एक पूर्व जज की बिटिया ने हमें बताया था। उन्होंने कुछ एविडेंस भी मुझे भेजे हैं। उनके आश्रम से जुड़ी बहनों और शिष्यों ने हमें बताया। कमरे हैं, जहां कुकर्म किया जाता है। जहां महिलाओं पर अत्याचार किया जाता है। मेरी भाषा में अत्याचार, उनकी भाषा में वो मनोरंजन और रास रचाना है। सवाल- उनके आश्रम के बारे में और आप क्या जानते हैं? महाराज- देखिए, कहीं न कहीं मुझे आभास तो हो रहा था। दाल में काला जैसा लगता था। क्योंकि जब कमरे बंद कर दिए जाते थे, तब वहां बच्चे क्यों अंदर होते थे? हर दिन 2 ही बच्चे क्यों होते थे। पहले मुकुंदानंद जाते थे, फिर बच्चे जाते थे। कई बार मैं रुका हूं। तब ये सीन तो मैंने भी देखा था कि बच्चे रोते हैं। मैंने एक-दो बार आवाज भी सुनी। कुछ शिष्य बोले कि कहीं पिटाई तो नहीं हो रही। लेकिन, कोई कुछ जान नहीं सकता। क्योंकि, उतने ऊपर कोई जा नहीं पाता। जब अगले दिन वो बच्चे नीचे आते थे, तब उनकी धोती पीछे की तरफ खून से भरी होती थी। तब तो किसी ने कुछ नहीं बताया। लेकिन, हमारे आश्रम में आने के बाद वहां से भागकर आए बच्चों ने हमें इस बारे में बताया। सवाल- ये पंचम तल क्या है, जिसका जिक्र आपने किया? महाराज- जैसे मुख्यमंत्रीजी का पंचम तल होता है। इसी प्रकार इन्होंने अपने विद्यामठ में पंचम तल बनाया हुआ है। उसमें आलीशान कमरा बनाया है। वहीं ये सारे कुकर्म होते हैं। सवाल- आप वाराणसी तक पदयात्रा करेंगे, ये कब और कहां से शुरू करेंगे? महाराज- देखिए, हम वाराणसी तक पदयात्रा करने वाले हैं। हम बटुकों के साथ जाएंगे। हम शंकराचार्य के कुकर्मों का खुलासा करेंगे। मैं तो इस यात्रा में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी बुलाना चाहता हूं। डिप्टी सीएम भी बहुत फोन पर बात करते थे। उन्हें भी इस यात्रा में आना चाहिए। अब मैं खुलासा करने जा रहा हूं, अब आप हमारे साथ आइए। सवाल- आपके खिलाफ 21 केस कैसे दर्ज हो गए? महाराज- देखिए, हिस्ट्रीशीटर 2 तरह के होते हैं। एक वो, जो अपराधी होता है। जिसके ऊपर मुकदमे लगे होते हैं। दूसरा वो मुकदमे होते हैं, जो राजनीतिक होते हैं। जैसे समाजवादी पार्टी और बसपा की सरकार में हमारे और हमारे परिवार पर लगाए गए थे। कोई मुकदमा व्यक्तिगत नहीं है। बता दूं, माता शीतला मंदिर की लड़ाई को लेकर मुकदमे लगे थे। आप कांधला में जाकर देख लीजिए कि माता शीतला के मंदिर में सरकारी रिसीवर तैनात करा रखा है। वो मंदिर सरकार के अंडर है। वहां मुझे कब्जा करना होता, तो कर लेता। जो मुकदमे बताए जा रहे, वो फर्जी हैं। ज्यादातर में हम दोषमुक्त हो चुके हैं। ये जो इन लोगों ने एक सूची बनाकर थाने की मुहर लगाकर जारी की है। उसके खिलाफ उसी थाने में मुकदमा हुआ है। सूची अगर असली होती, तो फिर पुलिसवाले मुकदमा क्यों कर लेते? सवाल- शंकराचार्य आपको गोहत्यारों के संपर्क में क्यों बता रहे? महाराज- आप सबूत दे दीजिए। मुख्यमंत्री पर भी आरोप लग जाते हैं। लेकिन, न्याय तो न्यायालय देता है। आपके ऊपर जो मुकदमा लगा है, वो न्यायालय से लगा है, थाने से नहीं लगा है। जज साहब कोई झूठे हैं क्या? उन्होंने सबूत देखे, पैन ड्राइव और सीडी देखी हैं। सवाल- क्या आपको रिश्वत के ऑफर भी मिले? महाराज- शंकराचार्य की तरफ से हमें पहले 50 लाख फिर 1 करोड़ रुपए का ऑफर दिलाया गया। हमने उनका भी स्टिंग करवा लिया है। हम पैसे के बिकाऊ नहीं हैं। सवाल- आप भी गैंगरेप का केस दर्ज है? महाराज- मैंने अपना मेडिकल कराया और कोर्ट में दाखिल किया है। ये केस बसपा सरकार में हुआ था। हाईकोर्ट ने स्टे दिया था। वो 80 साल की माताजी थीं, जिन्होंने हमारे ऊपर आरोप लगाए थे। मैं तो उस वक्त जवान लड़का था। क्या एक बुजुर्ग महिला पर अटैक कर दूंगा, आप ही बताइए। सवाल- बच्चों के साथ कब-कब शोषण हुआ? महाराज- देखिए, बच्चों की डिटेल देना, ठीक नहीं है। धारा- 22 कहती है, ये डिटेल हम नहीं दे सकते हैं। —————————— यह खबर भी पढ़ें अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का केस दर्ज होगा, प्रयागराज कोर्ट ने आदेश दिया शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण की FIR दर्ज होगी। प्रयागराज के पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को यह आदेश दिया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में 2 बच्चों को पेश करके यह आरोप लगाए थे। कोर्ट में कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज हुए थे। पढ़िए पूरी खबर…
आशुतोष महाराज की अविमुक्तेश्वरानंद को चुनौती- मेडिकल कराएं:उन्हें शंकराचार्य मान लूंगा, वो आसाराम के बाबा, जेल में रहना चाहिए
