Holi 2026 Celebration in Nainital: देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं अंचल में होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि शास्त्रीय रागों और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम है. फाल्गुन की दस्तक के साथ ही सरोवर नगरी नैनीताल की गलियां ढोलक और मंजीरे की थाप पर गूंजने लगी हैं. यहां की महिला बैठकी होली अपनी विशिष्ट गायकी, पारंपरिक कुमाऊंनी वेशभूषा और खास पहाड़ी व्यंजनों के लिए जानी जाती है. राग-रागनियों में डूबी महिलाएं न केवल राधा-कृष्ण के प्रेम का बखान करती हैं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी संस्कृति को सहेजने का काम भी कर रही हैं. जानिए क्यों खास है पहाड़ की यह बैठकी होली और क्या है इसका ‘भांग की चटनी’ और ‘आलू के गुटकों’ से रिश्ता.
कुमाऊंनी विरासत की अनूठी झलक! ढोलक-मंजीरे की थाप पर थिरकीं महिलाएं, होली के रंगों में डूबी सरोवर नगरी नैनीताल
