मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। कांग्रेस विधायक ने लिया टेस्ट, भाजपा विधायक फेल
मध्य प्रदेश विधानसभा में उस समय भाजपा की सबके सामने फजीहत हो गई, जब भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी भगवान श्रीराम की माता का नाम नहीं बता पाए। दरअसल, विधानसभा में ‘जी-राम-जी योजना’ को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे को राम भक्त और राम विरोधी होने की बातें कहने लगे। तभी कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी का टेस्ट ले लिया। उन्होंने पूछा कि भगवान राम की माता का नाम बताइए। कांग्रेस विधायक का दावा है कि भरे सदन में भाजपा विधायक ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इस पर भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह कांग्रेस विधायक को क्यों बताएं, वे कौन होते हैं पूछने वाले। उन्होंने आगे कहा कि मैंने उनसे कौरवों के नाम बताने को कहा, लेकिन वे भी नहीं बता पाए। अगर वे बता देते, तो मैं भी बता देता। अब भाजपा विधायक चाहे जो सफाई दें, लेकिन विधानसभा में हुए इस घटनाक्रम से भाजपा की किरकिरी हो गई है। कांग्रेस पूछ रही है कि क्या वोट मांगने के लिए ही भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया जाता है? क्या भाजपा नेताओं को भगवान राम के बारे में बुनियादी जानकारी भी नहीं है? उपनेता प्रतिपक्ष के इस्तीफे पर कयासबाजी का दौर
क्या कांग्रेस में एक बार फिर सेंधमारी हो रही है? क्या पार्टी से कोई बड़ा नेता कहीं जाने वाला है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि चलती विधानसभा के बीच उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कटारे के अचानक इस्तीफे से सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी के बयान ने इन कयासों को और हवा दे दी। दरअसल, विधानसभा से बाहर निकलते समय हेमंत कटारे की मुलाकात विधायक सबनानी से हुई थी। इस मुलाकात को लेकर भगवानदास सबनानी ने कहा कि हेमंत कटारे उनसे कह रहे थे कि मुझे साथ लेकर चलिए। हालांकि, वे यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि कटारे किस ओर साथ चलने की बात कर रहे थे। वहीं, कटारे के इस्तीफे को लेकर उन्होंने इसे पूरी तरह कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया। इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हेमंत कटारे के इस्तीफे पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी के परिवार का मामला है और इस पर अंदरूनी तौर पर चर्चा की जाएगी कि इस्तीफा क्यों दिया गया और इसके पीछे क्या वजह रही। वहीं, भाजपा इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी कलह और गुटबाजी का परिणाम बता रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बल्लेबाजी में आजमाए हाथ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली में आयोजित एआई समिट में शामिल हुए। इस दौरान वे गूगल के ऑडिटोरियम पहुंचे, जहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर मध्य प्रदेश की दिशा और विजन साझा किया। समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने क्रिकेट भी खेला। इधर, एआई समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत गरमा गई। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी आमने-सामने आ गए। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर देश को अपमानित करने का पाप किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिर्फ कपड़े नहीं उतारे, बल्कि कांग्रेस को ही नंगा कर दिया। इससे कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है। वह चेहरा है ‘एआई’, यानी ‘अगेंस्ट इंडिया’। वहीं, पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यह एंटी इंडिया नहीं, एंटी इंडिया तो ट्रेड डील है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप ने जिस तरह दबाव बनाकर भारत के किसानों का गला रेत दिया, ये असल में एंटी इंडिया है। इंदौर आए अजय देवगन को देखकर झूम उठे फैंस
इंदौर पहुंचे फिल्म अभिनेता अजय देवगन की एक झलक पाते ही उनके फैंस खुशी से झूम उठे। अजय देवगन शहर में एक शोरूम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उनकी एंट्री ‘सिंघम’ स्टाइल में हुई। उन्होंने अपने खास अंदाज में मौजूद लोगों का अभिवादन किया। उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस मौके पर उमड़ पड़े। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में पहुंचकर अजय देवगन ने कहा- मैं यहां आकर बहुत खुश हूं। मैं पहले भी इंदौर आता रहा हूं और आगे भी आता रहूंगा। इंदौरवासियों को मेरा बहुत-बहुत प्यार। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), शैलेष दीक्षित (इंदौर) ये भी पढ़ें –
कैलाश बोले- औकात में रहो, सीएम को मांगनी पड़ी माफी: शिवराज का नया ऐलान, अब अपना स्वागत नहीं कराएंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि अब वे किसी से न तो स्मृति-चिह्न लेंगे और न ही फूल-मालाओं से अपना स्वागत कराएंगे। इधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की नसीहत दे दी। उनके इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ तो सीएम ने माफी मांगी। पूरी खबर पढ़ें
‘राम नाम टेस्ट’ में भाजपा विधायक फेल:चलती विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष का इस्तीफा; एआई समिट में सीएम ने थामा बल्ला
