सोनीपत जिले के एक गांव में चोरों ने एक सुरंग तैयार की। देश की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड(आईओसीएल) की हाई प्रेशर पेट्रोलियम पाइपलाइन से तेल चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपियों ने पाइपलाइन के पास टीनशेड बनाकर जमीन के नीचे सुरंग तैयार की और अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से तेल चोरी का जुगाड़ कर लिया। यह पाइपलाइन दिल्ली से पानीपत होते हुए आगे उत्तरी राज्यों तक पेट्रोलियम उत्पाद पहुंचाती है। समय रहते कंपनी की मॉनिटरिंग प्रणाली ने प्रेशर ड्रॉप पकड़ लिया, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। इस संबंध में थाना खरखौदा में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। क्या है पूरा मामला इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइंस (एनआरपीएल) के प्रचालन प्रबंधक अशोक मीना ने सैदपुर चौकी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मथुरा-जालंधर पाइपलाइन की दिल्ली-पानीपत लाइन गांव जटोला, सोनीपत से होकर गुजरती है। पाइपलाइन शटडाउन के दौरान असामान्य प्रेशर ड्रॉप दर्ज किया गया। इसके बाद पीआईडी डब्लू एस (Pipeline Intrusion Detection and Warning System) और इंटेलिजेंस पिगिंग के माध्यम से संदिग्ध स्थानों की सूची तैयार की गई। लगातार निगरानी के बाद चैनेज संख्या 36.305 किमी (GPS 28.856413, 76.990813) पर चोरी की पुष्टि हुई। टीनशेड के नीचे मिली सुरंग नाहरा-नाहरी रोड से लगभग 30-40 मीटर दूर पाइपलाइन राइट ऑफ वे (ROW) के पास बने एक टीनशेड की जांच की गई। जांच में हाइड्रोलिक मशीन, गैस कटर, फावड़ा और अन्य उपकरण बरामद हुए।
टीनशेड के भीतर जमीन पर ईंटें बिछी मिलीं। ईंटें हटाने पर नीचे खुदाई कर बनाई गई सुरंग दिखाई दी, जो सीधे पाइपलाइन की ओर जा रही थी। इससे स्पष्ट हुआ कि सुनियोजित तरीके से तेल चोरी का नेटवर्क तैयार किया गया था। हाई प्रेशर पाइपलाइन से बड़ा खतरा यह पाइपलाइन अत्यधिक उच्च दबाव पर पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन करती है। अनधिकृत छेड़छाड़ से आग या विस्फोट का खतरा पैदा हो सकता था। रिसाव की स्थिति में न केवल मानव जीवन बल्कि पर्यावरण और आसपास की संपत्ति को भी भारी नुकसान हो सकता था। इस पाइपलाइन के जरिए बिजवासन (दिल्ली), पानीपत, अंबाला और जालंधर तक पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति होती है। सप्लाई बाधित होने पर दिल्ली-एनसीआर व सीमावर्ती राज्यों में ईंधन संकट उत्पन्न हो सकता था, साथ ही सेना को जाने वाले विशेष पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती थी। पुलिस की कार्रवाई डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद सैदपुर चौकी से एएसआई संदीप पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की ई-साक्ष्य वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और स्थल को कब्जे में लिया गया।
अशोक मीना द्वारा औपचारिक शिकायत देने पर थाना खरखौदा में मुकदमा नंबर 94 दर्ज किया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 3(5), 61(2), 287, 288, 303(2), 317(2), 324(5)/324(6), सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 व 4 तथा पेट्रोलियम एवं मिनरल पाइपलाइन एक्ट 1962 (संशोधित 2011) की धारा 15 व 16 के तहत दर्ज किया गया है। राष्ट्र संपत्ति से छेड़छाड़ का संगीन अपराध तेल पाइपलाइन से छेड़छाड़ न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। अज्ञात आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सुरंग बनाकर करोड़ों रुपये के पेट्रोलियम उत्पाद की चोरी का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आसपास के क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सोनीपत में चोरों ने बनाई सुरंग:टीनशेड के नीचे मिले अत्याधुनिक उपकरण; हाई प्रेशर पाइपलाइन में जुगाड़ कर तेल चोरी
