अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड के कुमाऊँ क्षेत्र में मनाई जाने वाली कुमाऊँनी होली अपनी अनोखी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है. इसकी शुरुआत बसंत पंचमी से होती है, लेकिन असली होली उस दिन से मानी जाती है जब सबसे पहले भगवान को रंग लगाया जाता है. मंदिर से शुरू होकर होली घर-घर पहुँचती है. बैठ होली और खड़ी होली इसके मुख्य रूप हैं.
एक दो दिन नहीं पहाड़ों में कई दिनों तक चलता है रंगों का त्योहार, यहां जानिए क्या कुछ होता है खास
