एमपी में आंधी, बारिश और ओलों से फसलें आड़ीं:उज्जैन, धार समेत 25 जिलों में नुकसान की आशंका, प्रशासन ने शुरू किया सर्वे

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साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम ने खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे बुरा असर उज्जैन संभाग में देखने को मिला है। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह आड़ी हो गई हैं। दानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू करा दिया है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 21 फरवरी- बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में धूप खिली रह सकती है। 22 फरवरी- मौसम साफ रहेगा। कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।