मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। शिवराज सिंह चौहान ने लिया नया संकल्प
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि अब वे किसी से न तो स्मृति-चिह्न लेंगे और न ही फूल-मालाओं से अपना स्वागत कराएंगे। उन्होंने कहा- मैं यह तय कर रहा हूं कि भैया, अगर मेरा स्वागत करने आओ तो एक पेड़ लगाकर उसकी फोटो खींच लो और कह दो कि मामा, ये लगा दिया। मेरा स्वागत हो जाएगा। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान रोज एक पौधा लगाकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं। उनके इस संकल्प को पांच साल पूरे हो चुके हैं। इसी मौके पर उन्होंने एक नया संकल्प लिया है। अगले महीने 5 मार्च को शिवराज सिंह का जन्मदिन है। इसे लेकर उन्होंने अपील की है कि कोई भी बैनर-पोस्टर या होर्डिंग न लगाए, बल्कि उसकी जगह पौधा लगाए। स्वागत नहीं कराने के अपने नए संकल्प को लेकर शिवराज सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। अब लोग कह रहे हैं कि मामा जी का अंदाज ही निराला है। सुर्खियों में कैसे बना रहा जाता है, यह उनसे बेहतर भला कौन जानता है। नरोत्तम ने धर्म और राजनीति का मेला सजाया
राजनीतिक तौर पर भले ही पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सितारे इन दिनों गर्दिश में चल रहे हों, लेकिन धर्म-कर्म के मोर्चे पर वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्ति पीठ की स्थापना के बहाने उन्होंने धर्म के साथ-साथ राजनीति का भी एक बड़ा मेला सजा दिया है। नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में साधु-संतों, कथावाचकों और कई दिग्गज राजनेताओं ने शिरकत की। इस फेहरिस्त में पंडित धीरेंद्र शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा, कुमार विश्वास, दाती जी महाराज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा जैसे बड़े नाम शामिल रहे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस समारोह की तुलना कुंभ मेले से कर दी। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को लेकर कहा- यूपी में बाबा हैं, तो एमपी में दादा भी हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसी का एक ग्रह बलवान होता है, किसी के दो, लेकिन यहां नरोत्तम मिश्रा ने नौ ग्रहों को बलवान करने का संकल्प लिया है। वहीं, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने कहा- शरीर अमर नहीं होता, स्मृति अमर होती है। नरोत्तम भैया ने अमर होने का प्रबंध कर लिया है। वैसे राजनीतिक रूप से नरोत्तम मिश्रा की हालत अभी किसी बेरोजगार जैसी है। न तो सत्ता में और न ही संगठन में उनके पास कोई बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में लोग कह रहे हैं कि इस आयोजन के जरिए वे अपने राजनीतिक सितारों को फिर से बुलंदी पर ले जाने की कोशिश में जुटे हैं। विजयवर्गीय ने सिंघार को कहा- औकात में रहो
‘घंटा कांड’ को लेकर पहले ही विवादों में रहे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की नसीहत दे दी। इस टिप्पणी के बाद विपक्ष भड़क गया और सदन में जमकर हंगामा हुआ। मामला बढ़ता देख खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दखल देना पड़ा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से माफी मांगी। इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने शब्दों और व्यवहार पर दुख जताया, हालांकि उन्होंने औपचारिक रूप से माफी नहीं मांगी। वैसे तो इस पूरे मामले पर सदन के भीतर ही पटाक्षेप हो गया, लेकिन सदन से बाहर मीडिया से बातचीत में विजयवर्गीय का रवैया कुछ अलग ही नजर आया। उन्होंने कहा- कई बार हो जाता है यार, गुस्सा आ जाता है। यह बहुत सामान्य सी बात है। मुख्यमंत्री के माफी मांगने पर उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री कप्तान हैं, अगर उन्होंने माफी मांग ली तो क्या हो गया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब एक वरिष्ठ मंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो उनकी मानसिक स्थिति को समझा जा सकता है। इधर, कांग्रेस ने इस मामले को बड़ा मुद्दा बना लिया है। मंत्री से माफी और इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने भोपाल समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए और विजयवर्गीय के पुतले भी जलाए। इनपुट सहयोग – बृजेंद्र मिश्रा (भोपाल), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
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