यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षा 18 फरवरी, बुधवार से शुरू हो गई है। 8033 केंद्रों पर 49 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। पहले ही दिन 3 नकलची और 5 मुन्ना भाई पकड़े गए। ऐसे में सवाल उठा कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा की निगरानी कैसे हो रही है? इसका जवाब जानने भास्कर रिपोर्टर राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम पहुंचा। कंट्रोल रूम कैसे काम करता है, यह समझा और प्रभारी से बातचीत की। पता चला कि इस बार कंट्रोल रूम की क्षमता बढ़ाई गई है। पिछले साल तक जहां 53 कंप्यूटर सिस्टम से निगरानी होती थी, वहीं इस बार 70 सिस्टम लगाए गए हैं। लगभग सभी 75 जिलों के लिए डेडिकेटेड सिस्टम और एक्सपर्ट मैनपावर तैनात है। मंडलवार 6 प्रभारी तैनात हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले पढ़िए भास्कर रिपोर्टर ने कंट्रोल रूम में जो देखा… राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का फिरोजाबाद काउंटर समय: सुबह 9 बजकर 10 मिनट सिस्टम इंचार्ज कंप्यूटर पर परीक्षा केंद्र संख्या 1162 को देख रहे थे। परीक्षा कक्ष में छात्राएं हाईस्कूल का पेपर दे रही थीं। कक्ष में सिर्फ छात्राएं ही थीं। पुरुष कक्ष निरीक्षक की तैनाती थी। यह देखकर कंट्रोल रूम से केंद्र प्रभारी को ऑब्जेक्शन किया गया। कुछ देर बाद परीक्षा कक्ष में महिला कक्ष निरीक्षक को तैनात कर दिया गया। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का प्रतापगढ़ काउंटर
समय : सुबह 9 बजकर 25 मिनट एक परीक्षा केंद्र में दो छात्राएं आपस में बातचीत करती दिखीं। कक्ष निरीक्षक का ध्यान दूसरी ओर था। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सिस्टम पर यह देखकर अलर्ट जारी किया गया। उन्हें दोनों छात्राओं की ओर नजर रखने को कहा गया। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का बलरामपुर काउंटर
समय: सुबह 9 बजकर 55 मिनट परीक्षा कक्ष में कक्ष प्रभारी चलते हुए नहीं दिख रहे थे। तत्काल कंट्रोल रूम से ऑब्जेक्शन किया गया। कक्ष में घूम-घूमकर हर ओर नजर रखने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उन्होंने कक्ष में चारों ओर नजर रखना शुरू किया। मनोवैज्ञानिक दबाव न पड़ने का आदेश जारी हुआ इस बीच उप शिक्षा निदेशक और कंट्रोल रूम प्रभारी विवेक नौटियाल कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों के प्रभारियों और निरीक्षकों को हिदायत देते देखे गए। उन्होंने बच्चों से शालीनता से बात करने की हिदायत दी। कक्ष निरीक्षकों से कहा गया कि बच्चों की किसी भी गलती पर उनके साथ अप्रिय व्यवहार न किया जाए। उन्हें किसी भी तरह का तनाव या मनोवैज्ञानिक दवाब न दिया जाए। अब पढ़िए समझिए कैसे काम कर रहा है कंट्रोल रूम… राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की क्षमता में इजाफा विवेक नौटियाल कहते हैं कि पिछले साल तक हम करीब 53 कंप्यूटर लगाकर सभी 75 जिलों की मॉनिटरिंग करते थे। इस बार हमने इसकी संख्या में इजाफा करते हुए 70 वर्किंग सिस्टम लगाए हैं। लगभग सभी 75 जिलों के लिए एक डेडिकेटेड सिस्टम दिया गया। सिर्फ झांसी मंडल के झांसी और महोबा जिले को छोड़कर। इन दोनों जिलों को एक सिस्टम से कवर किया जा रहा है। सभी 70 सिस्टम पर हमने डेडिकेटेड मैन पॉवर तैनात की है। ये अपने काम में एक्सपर्ट हैं। इनकी शिफ्ट वाइज तैनाती हैं। इनके ऊपर 6 मंडल प्रभारी लगाए गए हैं। मंडल प्रभारियों को उनके मंडल की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। सभी जिलों में स्थापित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम, सचल दल या जिला विद्यालय निरीक्षक से भी किसी भी वर्किंग को लेकर ऑब्जेक्शन पर लगातार बात की जाती है। हर कक्ष में CCTV और लाइव वेबकास्टिंग हो रही है विवेक नौटियाल ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनके साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सम्पूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम की 24×7 निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। सभी 75 जिलों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही। लखनऊ से लेकर रीजनल सेंटर तक कंट्रोल सेंटर राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नके टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 और 18001806608 जारी किए हैं। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय हैं। सोशल मीडिया से निगरानी के लिए ईमेल, फेसबुक, एक्स हैंडल और व्हाट्सऐप के माध्यम से भी शिकायत और सुझाव दर्ज कराए जा रहे हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। कैमरे की निगरानी में प्रश्न पत्र खोलने के निर्देश स्ट्रांग रूम की अलमारी में रखे प्रश्न पत्र कैमरे की निगरानी में खोलने के निर्देश हैं। इस दौरान केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य और स्टेटिक मजिस्ट्रेट मौजूद रहते हैं। प्रश्न पत्रों के खोलने का समय और मौजूद अधिकारियों के हस्ताक्षर रजिस्ट्रर में दर्ज किये जाते हैं। कंट्रोल रूम से स्ट्रांग रूम पर भी नजर रखी जा रही है। इसके बाद प्रश्न पत्र कक्षा वार प्रश्न पत्र वितरित किए जा रहे हैं। साढ़े आठ बजे घंटी बजते ही कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र देने रहते हैं। 18 जिले संवेदनशील घोषित इस बार की बोर्ड परीक्षा के लिए 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर STF और LIU को पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रखा जाएगा और अति संवेदनशील केंद्रों का दिन में दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है। संवेदनशीन केंद्रों पर ज्यादा सख्ती बोर्ड परीक्षा में संवेदनशील घोषित किये केंद्रों पर ज्यादा सख्ती दिखी। इन केंद्रों पर क्षेत्रीय पुलिस का पहरा अधिक है। इन केंद्रों पर जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट कक्षाओं में जाकर परीक्षार्थियों की तलाशी कराई गई। इसके अलावा सचल दल में शामिल पांच टीमों ने इन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं। पहले दिन पकड़े गए नकलची पहले दिन हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान 3 स्टूडेंट्स को UFM यानी अफेयर मीन्स के तहत पकड़ा गया। इनमें हापुड़ में 2 और बरेली का एक छात्र शामिल हैं। 5 ऐसे मुन्ना भाइयों को पकड़ा गया हैं, जो दूसरे के नाम पर एग्जाम दे रहे थे। इनमें आगरा, फतेहपुर, कन्नौज, कौशाम्बी और इटावा शामिल हैं। इन सभी 5 लोगों के खिलाफ उनके जिलों में FIR भी दर्ज कराई गई है। इन्हें पकड़ने में कंट्रोल रूम की अहम भूमिका रही। ऐसे में ये समझना जरूरी हैं कि आखिर कैसे राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सभी 75 जिलों के 8033 परीक्षा केंद्रों की निगरानी हो रही। ————– यह खबर भी पढ़िए…
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यूपी बोर्ड परीक्षा की लखनऊ से LIVE मॉनिटरिंग:53 से बढ़कर 70 कंप्यूटर सिस्टम, CCTV से प्रदेशभर के स्ट्रॉन्ग रूम की 24×7 निगरानी
