कैथल जिले में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस पर FIR दर्ज होने का मामला और गरमा गया है। सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें हंस का समर्थन किया। साथ ही सवाल उठाया-कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कैथल की महिला एसपी के साथ कैसा व्यवहार किया था, उस पर तो कोई एक्शन नहीं लिया।
असल में कैथल एसडीएम को झुनझुना थमाने के मामले में गुहला विधायक पर केस दर्ज हुआ है। 17 फरवरी को ही चंडीगढ़ में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा था कि अगर एफआईआर रद्द न हुई तो भाजपा के सभी मंत्रियों-विधायकों के घर पर झुनझुना पहुंचाया जाएगा। इसके बाद अब सेतिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। उन्होंने इस मामले में विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण से हस्तक्षेप करने की मांग की। वीडियो में विधायक बोले-गुहला चीका से विधायक देवेंद्र हंस एसडीएम से मिलने गए थे और उनके काम नहीं हो रहे। जब काम नहीं हो रहे तो जवाबदेही चुने हुए प्रतिनिधि होती है, अफसर की नहीं होती।
बोले- हरियाणा वाले मजाक भी कर लेते हैं सेतिया ने कहा-हम हरियाणा के रहने वाले हैं, मजाक भी कर लेते हैं। इसी लहजे से झुनझुना दे दिया, काम नहीं है तो इसे बजा लो। क्या इसमें अपमान कर दिया? क्या कोई गाली-गलौज की? कुछ भी इस प्रकार का नहीं था। ऐसे तो हम भी कह दे कि एक बुजुर्ग मंत्री विज साहब ने किस प्रकार से एक महिला एसपी को किस टोन में बात करी, क्या वो ठीक था, तो सोचने की बात है। जानिए विधायक ने वीडियो में और क्या बातें कही गरीब परिवार से उठे हंसः गोकुल बोले-एक गरीब परिवार से उठकर उस व्यक्ति (देवेंद्र हंस) ने विधानसभा तक अपनी पहचान बनाई। आज उस व्यक्ति को दर्द है कि उनके हलके का काम हो। जब काम न हो, तो उस बात को रखना कोई गलत नहीं है। ये कैसा पर्चा दर्ज किया। किस प्रकार की सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का काम किया, ये बताए। प्रोटोकॉल फॉलो नहीं हो रहाः हमारे साथी पर इस प्रकार से पर्च दर्ज करके डीएससी समाज के भाई के साथ धक्का किया गया। उनका काम नहीं होता और अधिकारियों की ओर से कोई प्रोटोकॉल नहीं रखा जाता। विधानसभा स्पीकर उन पर एक्शन लेना चाहिए।
मेरे हलके में भी अफसर काम नहीं करतेःमेरी विधानसभा में भी कुछ अफसर काम नहीं करते। हम ना हटे थे और ना हटेंगे। आपकी ओर से भी उन अफसरों पर एक्शन नहीं लिया गया। उस बात का दु:ख है। हमारे अधिकारों की कौन रक्षा करेगा। विधानसभा स्पीकर से उम्मीद विधायक सेतिया बोले-आपसे (विधानसभा स्पीकर) यहीं उम्मीद करते हैं कि आप हाउस की सबसे बड़ी सीट पर बैठे हैं। एक विधायक की गरिमा होती है। अगर कोई अफसर नहीं सुनता तो उस पर एक्शन लेना चाहिए। इससे पहले थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा के साथ एपिसोड हुआ, उस पर भी पार्टी की लीडरशिप को अड़ जाना चाहिए। अगर आज भी अड़े नहीं, तो मनोबल टूटेगा। इस तरह पर्चा दर्ज होगा, तो हम अपने या पार्टी के कार्यकर्ता के हकों की रक्षा कैसे करेंगे।
