हरियाणा के गुहला-चीका से कांग्रेस MLA देवेंद्र हंस के समर्थन में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा उतर गए हैं। एक दिन पहले ही कैथल SDM की शिकायत पर विधायक पर FIR दर्ज हुई है। जिसमें अपमान करने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराएं लगाई हैं। दीपेंद्र हुड्डा ने मंगलवार को पंचकूला में प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि सरकारें कभी एक पार्टी की नहीं रहती। सरकारें बदलेंगी तो एसडीएम को अपनी कार्यशैली का जवाब देना होगा। एसडीएम की कार्यप्रणाली खराब है, उसे जवाब देना होगा। विधायक ने एसडीएम को डिमांड पत्र के साथ झुनझुना दिया था। अब उन्हीं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हो गई। सांसद ने कहा कि यह कैसा लोकतंत्र है, जहां पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। एसडीएम जनता का अपमान कर रहा है। भ्रष्टाचार की बातें सामने आ रही हैं। जिस जगह का मुद्दा था, वहां पर बिना सरकार की इजाजत के बड़ी तेजी से दुकानों का निर्माण हो रहा है। सांसद ने एसडीएम को लेकर क्या 3 बड़ी बातें कहीं
दुकानें बनाने में भ्रष्टाचार की आ रही बू: सांसद ने कहा कि एसडीएम ने पहले कहा था कि मैं जांच करवाऊंगा, लेकिन फिर भी दुकानें बनती रहीं। एसडीएम ने मौके पर जाकर भी जांच नहीं की। कहीं न कहीं भ्रष्टाचार की बू आती है इसमें। ठेकेदार को पूरी तरह से छूट दी गई। विधायक को 1 घंटे इंतजार कराया: दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब विधायक देवेंद्र हंस की आवाज अनुसनी हुई तो वे ज्ञापन देने गए थे। वे ज्ञापन देने गए तो एक घंटे इंतजार करवाया गया। इन्होंने वहां पर एसडीएम को 20 बार कॉल किए, लेकिन एक बार फोन उठाया। SDM राजनीतिक बयानबाजी कर रहेः सांसद ने कहा कि वहां एसडीएम राजनीतिक तौर पर बयानबाजी भी कर रहा है। एसडीएम ने कहा कि जनता ने गलत जनप्रतिनिधि चुन लिया है। कांग्रेस की मांगः एसडीएम का तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर हो दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अगर सरकार में लोकतंत्र की लाज है तो उक्त एसडीएम की तुरंत प्रभाव से वहां से ट्रांसफर होनी चाहिए। विधायक के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए। जिस मामले को विधायक उठा रहे थे, उसकी उच्चस्तरीय जांच करवाते हुए कार्रवाई होनी चाहिए।
अब जानिये…क्या है झुनझुना थमाने का पूरा मामला
19 जनवरी को किया था प्रदर्शन: गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस 19 जनवरी 2026 को लोगों के साथ गुहला बीडीपीओ परिसर में दुकानों के निर्माण से जुड़े मामले में एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह से बहस हुई थी। रिश्वत लेने का लगाया था आरोप: विधायक देवेंद्र हंस ने आरोप लगाया था कि सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने और दुकानों की लंबाई बढ़ाने की एवज में भारी भरकम राशि ली गई। शहर की प्राइम लोकेशन शहीद ऊधम सिंह चौक पर चीका का BDPO ऑफिस बना हुआ है। इस परिसर के पिहोवा और पटियाला रोड की तरफ दुकानें बनी हुई हैं। पहले पिहोवा रोड की तरफ बनी 8 दुकानों की लंबाई 10 फीट के आसपास थी। बिना मंजूरी दुकानों की लंबाई बढ़ाई: विधायक ने आरोप लगाया था कि दिसंबर महीने में सरकार से मंजूरी लिए बिना दुकानों की लंबाई बढ़ाई गई। निर्माण कार्य छुट्टी वाले दिन किया गया। इस संबंध में जब लोगों ने शिकायत दी तो गुहला के SDM कैप्टन प्रमेश सिंह को जांच का जिम्मा दिया गया। SDM ने अपनी जांच में निर्माण कार्य को गलत ठहराते हुए निर्माण रोकने के आदेश सुना दिए थे। SDM ने आश्वासन के बाद कार्रवाई नहीं की: देवेंद्र हंस ने कहा था कि जब वे SDM से मिलने गए तो मामले की जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार में बैठे लोग अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी जमीन को खुर्द बुर्द कर रहे हैं और जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया जाएगा।
झुनझुना देकर कहा-बजाते रहोः बहस बढ़ने पर हंस ने एसडीएम को झुनझुना थमाते हुए कहा था- पकड़ो और जाकर बजाते रहो। इस पर एसडीएम ने पुलिस के आला अधिकारियों को शिकायत दी थी। जिस पर अब विधायक समेत 5 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। गुहला डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि एसडीएम की शिकायत पर विधायक और उनके साथियों पर मानहानि, धमकी देने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
