राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस रद्द:कर्नाटक चुनाव में 40% कमीशन वाले विज्ञापन का मामला, हाईकोर्ट ने भाजपा नेता की याचिका खारिज की

Spread the love

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस को रद्द कर दिया। यह मामला 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘40% कमीशन’ वाले कांग्रेस के विज्ञापनों को लेकर भाजपा नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ था। ‘करप्शन रेट कार्ड’ वाले इस विज्ञापन को राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इसके बाद भाजपा नेता केशव प्रसाद ने राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान विज्ञापनों में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई समेत भाजपा नेताओं पर सरकारी ठेकों से 40% कमीशन लेने का झूठा आरोप लगाया। मामले में कर्नाटक की अदालत ने 23 फरवरी 2024 को सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और राहुल गांधी को समन जारी किया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 1 जून 2024 को सिद्धारमैया, शिवकुमार को और 7 जून 2024 को राहुल को जमानत दे दी थी। हालांकि राहुल गांधी ने समन को हाईकोर्ट में भी चुनौती दी थी। हाईकोर्ट के जस्टिस सुनील दत्त यादव की सिंगल बेंच ने आदेश पारित करते हुए कहा कि राहुल गांधी की याचिका मंजूर की जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की कार्यवाही आगे बढ़ाना कानून की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। पूरा मामला जानें… कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान कांग्रेस ने अपने अभियान में पूर्व CM बसवराज बोम्मई की तस्वीर वाले ‘PayCM’ लिखे पोस्टर लगाए थे। इसमें QR कोड शामिल था, जिसे स्कैन करने पर ’40 प्रतिशत सरकार’ वाली वेबसाइट खुलती थी। कांग्रेस का दावा था कि बीजेपी के शासन के दौरान 40 फीसदी कमीशन लिया जाता था। कांग्रेस ने दावा किया था कि BJP सरकार ने 40% कमीशन रेट को मॉडल बना दिया था। BJP की कानूनी इकाई के एक वकील विनोद कुमार ने भी अभियान को लेकर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को 28 मार्च 2024 को MP/MLA कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। वहीं कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से ’40 प्रतिशत कमीशन’ के आरोपों की जांच 6 सप्ताह के अंदर पूरी करने का आदेश भी दिया था। कर्नाटक में कांग्रेस ने 135 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी कर्नाटक में कांग्रेस ने 224 में से 135 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, BJP सिर्फ 66 सीटों पर सिमट गई थी। पिछले 34 साल में राज्य में कांग्रेस की यह सबसे बड़ी जीत थी। इससे पहले साल 1989 में कांग्रेस ने 178 सीटें जीती थीं और भाजपा को महज 4 सीटें मिली थीं। इस जीत के साथ ही अब दक्षिण के किसी भी राज्य (कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तमिलनाडु) में BJP की सरकार नहीं रह गई। पूरी खबर पढ़ें ​​​​​​​—————————————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक सरकार के सर्वे में दावा-91% ने माना चुनाव निष्पक्ष, राहुल ने वोट चोरी के आरोप लगाए थे कर्नाटक सरकार की एक एजेंसी की स्टडी में दावा किया गया है कि राज्य के 91% लोग मानते हैं कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं और EVM सटीक नतीजे देती हैं। यह रिपोर्ट कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी (KMEA) ने प्रकाशित की है। पूरी खबर पढ़ें… कर्नाटक में डेटा सेंटर ऑपरेटर ने वोटरों के नाम हटाए, हर मतदाता पर ₹80 मिले, राहुल ने वोट चोरी के आरोप लगाए थे कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर बड़ा खुलासा हुआ है। इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने वोटर्स लिस्ट में अनियमितताओं की जांच के दौरान पाया कि एक डेटा सेंटर ऑपरेटर को प्रत्येक मतदाता के नाम फर्जी तरीके से हटाने के लिए ₹80 मिले थे।​​​​​​​ पूरी खबर पढ़ें