स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति पेड़ों की अंधाधुंध कटाई करे, जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाए या पवित्र स्थलों के आसपास छेड़छाड़ करे तो देवी नाराज़ हो जाती हैं. ग्रामीणों का विश्वास है कि इसका प्रभाव गांव की सुख-शांति, पशुधन और फसलों पर पड़ता है.
जंगल, जल और जन की रखवाली: कुमाऊं की देवियां, प्रकृति से छेड़छाड़ पर देती हैं चेतावनी
