रेवाड़ी में दो अफसरों के घमासान में ईओ का ट्रांसफर:जेई और अकाउंटेंट सस्पेंड, छुट्टियों का वेतन देने पर विवाद

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रेवाड़ी जिला नगर परिषद में 13 दिन पहले जेई को छुट्टियों के वेतन से देने से विवाद शुरू हुआ। पहले जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र यादव निलंबत हुए। अब ईओ सुशील कुमार भुक्कल का निलंबन। निलंबन और ईओ का ट्रांसफर हुआ। 13 दिन के विवाद में निर्णायक साबित हुए अंतिम छह में सोमवार का दिन खास रहा। जेई के वेतन विवाद से सवालों के घेरे में आए ईओ ने पत्रकार वार्ता कर इस प्रकरण में IPS पूरन की एंट्री के साथ जातीय रंग देने का प्रयास किया। जिसके बाद तीन घंटे में उनके पंचकूला मुख्यालय में ट्रांसफर के आदेश पहुंच गए। जिसे उनकी पत्रकार वार्ता से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोपों से निलंबन और ट्रांसफर तक जेई हैप्पी सैनी को अवेतनिक अवकाश का वेतन देने की जानकारी डीएमसी ब्रह्मप्रकाश मिली। ईओ सुशील कुमार, जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट अपने जवाब से डीएमसी को संतुष्ट नहीं कर पाए। तीन फरवरी को डीएमसी ने निदेशालय को पत्र लिखा। निदेशालय ने 10 फरवरी को जेई हैप्पी सैनी और अकाउंटेंट जितेंद्र यादव को निबंलित कर दिया। 12 फरवरी को दोनों के निलंबन का पत्र सामने आते ही ईओ 15 फरवरी तक अवकाश पर चले गए। फर्जी आईडी बनाने का मुद्दा भी उठा शनिवार को डिस्पैच क्लर्क हरीश कुमार को दो माह के अवकाश का वेतन जारी करने, नवंबर में बनी आईडी 3QGFDUV6 की 900 वर्ग गज जमीन को 50 वर्ग गज बनाने , अस्पतालों की फर्जी आईडी बनाने और गलत ढंग से एनओसी देने, स्कूल की सरकारी जमीन की भूमाफियाओं से मिलकर फर्जी आईडी बनाने का मामला मीडिया में आया। जिन पर संज्ञान लेते हुए डीएमसी ने रेवाड़ी नगर परिषद को अलग अलग पत्र भेजकर तथ्यों के साथ जवाब तलब किया। डीएमसी के पत्रों का जवाब देने से पहले ईओ ने ईओ ने साढ़े चार बजे अपने दफ्तर में पत्रकार वार्ता कर दी। जिसमें डीएमसी पर नगर परिषद के कर्मचारी लवकुश और कौशल कर्मचारी राहुल के साथ मारपीट करने और डाटा एंट्री ऑपरेटर को पहले निलंबित करने और फिर बहाल करने के आरोप लगाए। डीएमसी कार्यालय से 200 मेल ट्रांसफर ईओ ने आरोप लगाया कि डीएमसी कार्यालय ने शुक्रवार को एक ही दिन में 200 मेल मुझे ट्रांसफर कर दी। इससे पहले करीब दो माह से कोई मेल नहीं भेजी। जिस कारण नगर परिषद से संबंधित कई कार्यों और योजनाओं का पता नहीं चल पाया। जिससे नगर परिषद का काम प्रभावित हुआ। ईओ की पत्रकार वार्ता के बाद डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल का पत्र सामने आया। 12 फरवरी को डीएमसी को लिखे पत्र में राहुल ने कहा कि मेरे द्वारा पहले दिया गया माफीनाम पूरी तरह से सत्य है। कार्यकारी अधिकारी मुझे फोन कर और व्यक्तिगत संपर्क कर आपके खिलाफ झूठी शिकयत करने और प्रशासन के खिलाफ भड़काने का दबाव बना रहे हैं। अब नए ईओ पर रहेगी निगाह डीएमसी द्वारा सोमवार को लिखे गए पत्रों के जवाब मिलने से पहले ईओ सुशील कुमार भुक्कल का ट्रांसफर पंचकूला मुख्यालय में हो गया। अब सुशील कुमार भुककल की जगह देवेंद्र कुमार रेवाड़ी के नए ईओ होंगे। नए ईओ अब डीएमसी के पत्रों का जवाब देंगे या फिर भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई सुशील भुक्कल के ट्रांसफर के साथ दफन हो जाएंगे। निलंबन पर भी उठाए सवाल नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने पत्रकार वार्ता में डीएमसी ब्रह्मप्रकाश की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी होने के कारण डीएमसी उन्हें वैसे ही पेरशान कर रहे हैं, जैसे सुसाइड से पहले आईपीएस पूरन कुमार को किया गया था। मुझे अपना डिप्रेशन कम करने के लिए दवाई लेनी पड़ती है। ईओ ने जेई को जारी किए गए छुट्टियों का वेतन ब्याज सहित लौटा दिया। यह एक टेक्नीकल ऐरर था और इससे नगर परिषद को न तो कोई वित्तिय नुकसान हुआ और न ही कोई फ्रॉड। जिसमें जेई और एकाउंटेंट के खिलाफ कार्रवाई बनती ही नहीं थी। इसमें मेरी नहीं, बल्कि डीएमसी की जवाबदेही भी बनती है। जेई हैप्पी के मामले में हमसे गलती हुई। वैसे भी हमारे यहां कहावत है आदमी ठोकर खाकर ही होश में आता है। 14 नवंबर को रिजाइन की सोची नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने कहा कि डीएमसी की हरकतों से परेशान होकर उसने 14 नवंबर 2025 को रिजाइन करने की सोची थी। जिसके बाद डीसी ने मुझे और डीएमसी को अपने दफ्तर में बुलाया। जहां डीएमसी ने डीसी के सामने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और मुझे गले लगाया था। नगर परिषद में वर्षों से जड़ें जमाए बैठी काली भेड़ें अपनी भ्रष्टाचार की दुकान बंद होने से मुझे बदनाम करने के लिए अपना अभियान चला रही हैं। दो माह का रहा अंतराल डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने जुलाई 2025 रेवाड़ी में जिला नगर आयुक्त का कार्यभार ग्रहण किया था। डीएमसी से करीब दो माह पहले पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक गीत भुक्कल के भतीजे सुशील कुमार ने मई में रेवाड़ी ईओ का कार्यभार ग्रहण किया था। अपनी जिम्मेदारी निभाता रहूंगा डीएमसी ब्रह्मप्रकाश ने कहा कि जिला नगर आयुक्त होने के कारण नगर निकाय संस्थाओं का सही संचालन और आमजन को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है। जिसे पहले की तरह आगे भी मैं भी निभाता रहूंगा। ईओ का ट्रांसफर और जेई व अकाउंटेंट का निलंबर प्रशासनिक व सरकारी प्रक्रियां का हिस्सा हैं। मेरी इसमें कोई भूमिका नहीं है। मैंने तो केवल अपना काम किया और आगे भी करता रहूंगा।