हरियाणा को इस साल आतंकवाद विरोधी दस्ता (ATS) मिल जाएगा। सीएम नायब सैनी ने गृह विभाग के द्वारा बनाए गए इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दरअसल, गृह विभाग के प्रस्ताव को सीएम सैनी के द्वारा देखने के बाद एटीएस को लेकर एक अहम मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में सीएम सैनी के द्वारा कुछ संशोधन कराए गए। मीटिंग में यह तय किया गया कि मूल प्रस्ताव में संशोधन करके गुरुग्राम में एक अलग एटीएस पुलिस स्टेशन को शामिल किया जाए। इसके अलावा एटीएस में शामिल होने वाले अधिकारी और कर्मचारियसों के लिए स्पेशल अलाउंस को बेसिक सैलरी के तहत 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। सीएम की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को फायनेंस डिपार्टमेंट (FD) के पास भेज दिया गया है। कब हुई एटीएस गठन की शुरुआत भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 2023 और 2024 में नई दिल्ली में आयोजित आतंकवाद विरोधी सम्मेलन’ में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के द्वारा एक समान अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) तैयार करने का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत 17 जनवरी 2025 को लेकर एक लेटर हरियाणा को भी भेजा गया था। इस लेटर में एक आदर्श एटीएस का स्ट्रक्चर भी दिया गया था। इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में सभी राज्यों और यूटी को जल्द से जल्द एटीएस की स्थापना करने को कहा था। इस सम्मेलन के बाद 13 जनवरी 2026 को फिर केंद्रीय मंत्री ने एक रिमाइंडर लेटर जारी किया, जिसके बाद अब हरियाणा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यहां सिलसिलेवार पढ़िए ATS के प्रपोजल में क्या क्या… 1. सरकार इसलिए बना रही है एटीएस: आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया, आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच और अभियोजन, खुफिया जानकारी जुटाना, उसका प्रसंस्करण और साझा करना और अंतर-एजेंसी परिचालन समन्वय, आतंकवाद से संबंधित डेटाबेस का रखरखाव, प्रासंगिक आंकड़ों का अनुसंधान और विश्लेषण तथा कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। 2. DGP के अधीन होगा एटीएस: एटीएस का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (DGP) करेंगे, जो सीआईडी चीफ के आदेश एवं नियंत्रण में कार्य करेंगे। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के समग्र पर्यवेक्षण के अधीन होंगे। एटीएस के भीतर कई विभाग बनाए जाएंगे। 3. एटीएस में ये बनाए जाएंगे विभाग: एटीएस के अंतर्गत 4 विभाग बनाए जाएंगे। इसमें पहला विभाग स्पेशल फोर्स का होगा। इसके तहत एटीएस के स्पेशल फोर्स आएगी। इसके अलावा दूसरे नंबर पर इंटेलीजेंस और ऑपरेशन डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। तीसरे नंबर पर एन्वेस्टिगेशन और प्रॉशिक्यूशन डिपार्टमेंट होगा। सबसे अहम बात यह है कि चौथे नंबर पर जो विभाग बनाया जाएगा उसके तहत रिसर्च, एनालिसिस और ट्रेनिंग का काम देखा जाएगा। 5वां विभाग एडमिनिस्टेशन और लॉजिस्टिक (रसद) होगा। 4. पंचकूला में होगा मुख्यालय: संशोधन प्रस्ताव में दिया गया है कि पंचकुला में मुख्यालय के साथ सीआईडी के अंतर्गत एक आतंकवाद-विरोधी दस्ता (एटीएस) स्थापित किया जाए। एटीएस के उद्देश्य, संरचना और गठन गृह मंत्रालय द्वारा अंतिम रूप दिए गए एटीएस मॉडल संरचना के अनुसार तैयार किए गए हैं। यहां पढ़ेंगे किस विभाग का क्या होगा काम… स्पेशल फोर्स: स्पेशल फोर्स सूबे का एक हाईटेक आतंकवाद-रोधी बल होगा, जो एनएसजी की तर्ज पर गठित किया जाएगा। एटीएस के प्रस्ताव में दिया गया है कि एसपी-कमांडो के पद का नाम बदलकर एसपी-स्पेशल फोर्स कर दिया जाए और इसे एडीजीपी-सीआईडी के नियंत्रण में एटीएस के हिस्से के रूप में, इसकी पूरी स्वीकृत संख्या और संसाधनों के साथ रखा जाए। न्यूवाल स्थित कमांडो कॉम्प्लेक्स और पंचकुला स्थित सीआईडी के कमांडो प्रशिक्षण केंद्र का संचालन और रखरखाव एनएसजी की तर्ज पर किया जाएगा। इंटेलीजेंस और ऑपरेशन डिपार्टमेंट : यह एटीएस की मेन ब्रांच होगी जो आतंकी घटनाओं की मॉनिटरिंग करेगी। यही ब्रांच कार्रवाई योग्य जानकारी एकत्र करेगी और समय पर हस्तक्षेप करके उन्हें रोकेगी। इस विभाग का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षकों (एसपी-एटीएस-खुफिया एवं संचालन) फर्स्ट और सेकेंड को दिया जाएगा।
एसपी-एटीएस ( आई एंड ओ)-सेकेंड का अधिकार क्षेत्र सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों पर होगा और इसका कार्यालय गुरुग्राम में स्थित होगा। राज्य के शेष भाग एसपी-एटीएस (आई एंड ओ)-1 के अधिकार क्षेत्र में आएंगे और इसका कार्यालय पंचकुला में स्थित होगा। रिसर्च, एनालिसिस एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट: इस विभाग का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (एसपी-एटीएस-मुख्यालय) करेंगे। आरएटी वर्टिकल में 2 डीएसपी, 4 इंस्पेक्टर, 4 एसएलएस, 8 एएसआई, 8 एचसी और 8 कॉन्स्टेबल होंगे। यह इकाई अनुलग्नक ‘डी’ में प्रस्तावित अतिरिक्त स्वीकृत संख्या के साथ स्थापित की जाएगी और इसमें कट्टरपंथ-विरोधी इकाई, तकनीकी खुफिया इकाई, डेटा विश्लेषण एवं अवरोधन इकाई बनाई जाएंगी। एन्वेस्टिगेशन और प्रॉशिक्यूशन डिपार्टमेंट: इस विभाग के तहत समय-समय पर कौशल एवं ज्ञानवर्धन प्रशिक्षण, चर्चाएं, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम, कार्यशालाएं आदि आयोजित करेगी। यह प्रशिक्षण नियमावली और मानक परिचालन प्रक्रियाओं (SOP) को तैयार करने के लिए उत्तरदायी होगी। यह आतंकवाद के कारणों और रोकथाम आदि पर अनुसंधान करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करेगी। एडमिनिस्टेशन और लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट: इस डिपार्टमेंट के तहत एटीएस के सभी प्रशासनिक, स्थापना, लेखा, कार्मिक, भंडार, रखरखाव, परिवहन संबंधी मामलों आदि काम किए जाएंगे। इस विभाग की जिम्मेदारी देखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी। मूल वेतन का 30% विशेष भत्ता दिया जाएगा गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित आदर्श आतंकवाद विरोधी सेवा संरचना में आतंकवाद विरोधी कार्यों के लिए उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों की सिफारिश की गई है। एटीएस के गठन में यह प्रस्ताव रखा गया है कि आतंकवाद विरोधी सेवा में तैनात-संलग्न पुलिस अधिकारियों (कॉन्स्टेबल से डीएसपी रैंक तक) के साथ-साथ तोड़फोड़ विरोधी जांच दल और बम निरोधक दल के सदस्यों को मूल वेतन का 30 प्रतिशत विशेष भत्ता के रूप में दिया जाएगा। क्या बोले ACS होम गृह विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल ने कहा कि अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) के प्रस्ताव को तैयार कर लिया गया है। कुछ संशोधन थे, जिसको किया गया है। सीएम नायब सैनी ने इसको लेकर एक मीटिंग 10 फरवरी को थी, जिमसें इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई थी। सीएम की मंजूरी के बाद अब इस प्रस्ताव को वित्त विभाग भेजा गया है।
हरियाणा में इसी साल होगा एटीएस का गठन:CM सैनी ने मंजूरी दी; 5 विभाग बनेंगे, DSP-कॉन्स्टेबल को बेसिक सैलरी का 30% अलाउंस मिलेगा
