बॉलीवुड के विनाश के दावों पर जॉन अब्राहम का करारा जवाब: “इंडस्ट्री को नवाचार की आजादी दें!”

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बॉलीवुड का माहौल इन दिनों कंटेंट और नई सोच के इर्द-गिर्द घूम रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘डिप्लोमैट’ के बाद अभिनेता जॉन अब्राहम ने इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा की है। उनका मानना है कि अच्छी फिल्में उत्पन्न हो रही हैं, लेकिन इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए अधिक सहयोग और रचनात्मक स्वतंत्रता की आवश्यकता है। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने बॉलीवुड की स्थितियों और सोशल मीडिया पर फैल रही नकारात्मकता पर अपने विचार साझा किए।

जॉन अब्राहम ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ से बात करते हुए कहा, “फिल्म उद्योग में जो प्यार और अपनापन है, वही मुझे चिंतित भी करता है। मुझे बॉलीवुड की चिंता होती है। मैं यह नहीं कहता कि मैं अकेला हूं जो कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन कई लोग हैं जो परिवर्तन लाने के इच्छुक हैं।” उनके अनुसार, वे एक व्यावसायिक हीरो हैं और बड़े सेटअप में काम करने का पूरा प्रयास करेंगे, लेकिन जब बात नई रचनाओं की आती है, तो उन्हें जरूरी स्वतंत्रता भी मिलनी चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए सहायता और वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता महसूस होती है।

इंडस्ट्री में अक्सर चर्चा होती है कि बॉलीवुड खत्म हो जाएगा, लेकिन जॉन का कहना है कि इससे बेहद दूर बात यह है कि वे लगातार अच्छी फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं और उद्योग का विकास हो रहा है। उनकी हालिया फिल्म ‘डिप्लोमैट’ एक राजनीतिक थ्रिलर है, जिसमें उन्होंने एक गंभीर किरदार निभाया है। हालांकि फिल्म का प्रमोशन ज्यादा नहीं किया गया, फिर भी इसने दर्शकों के बीच आकर्षण पैदा किया और बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया। जॉन की अभिनय क्षमता को भी दर्शकों द्वारा सराहा गया है।

जॉन अब्राहम की आगामी परियोजना ‘तेहरान’ है, जिसमें वे एक और गहन जियोपॉलिटिकल थ्रिलर में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ मानुषी छिल्लर भी होंगे। इस फिल्म का निर्माण प्रसिद्ध निर्माता दिनेश विजान कर रहे हैं। जॉन अब्राहम की कला न केवल उन्हें एक सफल अभिनेता बनाती है, बल्कि उनके विचारों और जज़्बातों को साझा करने की शक्ति भी प्रदान करती है, जो समकालीन बॉलीवुड की आवश्यकताओं और चुनौतियों को उजागर करता है।

सारांश में, जॉन अब्राहम की आवाज़ बॉलीवुड की वर्तमान दिशा और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है। उनकी चिंता सिर्फ अपने करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग के समग्र विकास और प्रगति के लिए है। यह स्पष्ट है कि जब तक कलाकारों को स्वतंत्रता और समर्थन नहीं मिलेगा, तब तक वे अपनी रचनात्मकता को सही मायनों में उजागर नहीं कर पाएंगे।