पूर्व मंत्री रणजीत सिंह का संपत सिंह पर विवादित बयान:बोले-हुक्का भरने रखा था, चौधरी देवीलाल मंत्री बना गए; घूम फिर कर फिर INLD आ गए

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हरियाणा के पूर्व सीएम ओपी चौटाला के छोटे भाई और पूर्व बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो.संपत सिंह पर विवादित बयान दिया है। रणजीत सिंह ने पिता और पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का नाम लेते हुए कहा कि संपत सिंह को तो उन्होंने हुक्का भरने के लिए लगाया था। लेकिन मंत्री तक बना गए। संपत को काफी लंबा चला दिया, अब वो कई जगह घूम कर फिर से इनेलो में आ गया। बता दें कि, प्रो.संपत सिंह 5 नवंबर को कांग्रेस छोड़कर इनेलो में शामिल हुए थे। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने उसी दिन उन्हें राष्ट्रीय संरक्षक का पद सौंपा था। हालांकि, इस बयान पर जब भास्कर ऐप ने प्रो.संपत सिंह से बातचीत की तो उन्होंने इसपर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। जानिए रणजीत सिंह ने क्या कहा… बोले-महम कांड ने सारा इतिहास बदल दिया रणजीत सिंह ने महम कांड का नाम लेकर इनेलो पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल चौटाला में बैठकर तय करते थे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन बनेगा। उस वक्त से अब कहां पहुंच गए, उस पर कुछ नहीं कहूंगा। एक महम कांड ने सारा इतिहास बदल दिया। परिवार में झगड़ा तो था, आज भी है, तब भी था। मेरे और ओमप्रकाशजी में था कि कौन-कौन सीएम बने। 50 से ज्यादा एमएलए मेरे साथ थे, सिर्फ 15 एमएलए ओमप्रकाश चौटाला के साथ थे। फिर भी घर का फैसला था, ओमप्रकाश सीएम बन गए और मैं उनकी कैबिनेट में शामिल हो गया। कांड तो सारा महम से हुआ। महम कांड में गोलियां चली, उससे सारा नाश हो गया। फिर इलेक्शन आ गए तो 90 में से 85 सीट जीतने वाले चौधरी देवीलाल तीन-तीन बार हार गए। भूपेंद्र हुड्‌डा से लोकसभा चुनाव हारे, घिराय में छत्रपाल से हार गए। अगर रणजीत सिंह होता तो यह नाश नहीं होता। मैंने तो कहा था परिवार इकट्‌ठा हो जाए- रंजीत रणजीत सिंह ने कहा कि बड़े भाई ओमप्रकाश चौटाला के निधन पर जब लोग आ रहे थे तो मैं लोगों की भावनाएं समझ रहा था। सारे हरियाणा में चर्चा थी कि परिवार इकट्‌ठा हो जाए। सबसे पहले मैंने कहा कि भई इकट्‌ठे हो जाओ लोगों की भावनाएं हैं। मगर किसने क्या कहा, वो सब लोग सुन चुके हैं, उस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। मैं बीजेपी के साथ न जाता तो कांडा चला जाता रणजीत ने कहा कि बीजेपी में मैं इंडेपेंडेट जीतकर गया। रानियां से निर्दलीय लड़ा और बीजेपी-कांग्रेस की जमानत जब्त करवाई। मैंने बीजेपी को समर्थन दे दिया। पर मेरे लिए भी सोचना था। मैं बीजेपी में नहीं जाता तो कांडा जाता, कांडा नहीं जाता तो सोमवीर सांगवान जाता। जेजेपी वाले भी गई। सरकार तो जिसके पास 40 एमएलए थे, उनकी बननी थी। बीजेपी-जेजेपी की सरकार में दुष्यंत डिप्टी सीएम, रणजीत सिंह बिजली एवं जेल मंत्री, जेपी दलाल वित्त मंत्री, देवेंद्र बबली पंचायत मंत्री और कमलेश ढांडा भी मंत्री थे। आपका आना-जाना तो था, दफ्तर भी थे, जाकर कह सकते थे। और मैं भी ग्रीवेंस कमेटी फतेहाबाद का इंचार्ज था, मैं भी आकर अफसरों को धमका देता था। तुम्हारा राज में हिस्सा तो था। अब कहां हो तुम, हो क्या कहीं। सारा गया। मेरा कहने का मतलब कि सारा कुछ चौधरी देवीलाल का कद बना। उसके डाउन फाल का क्या कारण था। उत्थान-पतन तो हर परिवार का होता है। इनेलो ने रंजीत सिंह के बयान का दिया जवाब इनेलो पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विकास मेहता का कहना है कि अगर रणजीत सिंह चौधरी देवीलाल के इतने ही शुभचिंतक होते तो उन्हें और उनकी पार्टी को छोड़कर क्यों जाते। उन्होंने हमेशा ही उनकी पार्टी की खिलाफत की है। अब रणजीत सिंह अपना जनाधार खो चुके हैं। प्रो.संपत सिंह इनेलो के बेहद सीनियर नेता है। उनके लिए ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देती। हाल ही में फतेहाबाद में एक्टिव हुए हैं प्रो.संपत सिंह
प्रो.संपत सिंह कांग्रेस में शामिल होने के बाद फतेहाबाद छोड़कर हिसार जिले के नलवा क्षेत्र में राजनीति कर रहे थे। मगर अब दोबारा से इनेलो में वापसी के बाद उन्होंने फतेहाबाद और भट्‌टू क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी है। वह लगातार लोगों से संपर्क कर पुराने साथियों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। उनके बेटे गौरव संपत भी सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सुख-दुख में शामिल होने पहुंच रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि साल 2029 में इनेलो प्रो.संपत सिंह या उनके बेटे गौरव को फतेहाबाद से चुनावी मैदान में उतार सकती है।