रोहतक में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर 3 गांवों की पंचायत:10 दिन का अल्टीमेटम; बोले- ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा

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रोहतक जिले के महम शहर के अशोक नगर में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ तीन गांवों की एक पंचायत हुई। इस पंचायत में फैसला लिया गया कि रोहिंग्या मुसलमानों को 10 दिनों के भीतर यह जगह छोड़नी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो पंचायत अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी। पंचायत की अगुवाई अजीत अहलावत ने की, जबकि अध्यक्षता विकास श्योराण ने संभाली। इस दौरान रोहिंग्या समुदाय के लेबर प्रधान को भी पंचायत में बुलाया गया था। पंचायत में अशोक नगर, इमलीगढ़ और कृष्णगढ़ सहित तीनों गांवों के लोग शामिल हुए। देश की सुरक्षा को खतरा बताया पंचायत सदस्यों ने तर्क दिया कि महम शहर में रह रहे रोहिंग्या देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उनकी गतिविधियां संदिग्ध होती हैं और वे कथित तौर पर गैर-कानूनी कार्यों में संलिप्त रहते हैं। आस-पास के लोगों के लिए वे हमेशा खतरा बने रहते हैं, इसलिए उन्हें यहां से हटाया जाना आवश्यक है। बच्चों-महिलाओं की सुरक्षा का हवाला दिया ग्रामीणों ने तर्क दिया कि ये लोग जहां भी रहते हैं, वहां का माहौल खराब कर देते हैं और अपराध करते हैं। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। आरोप है कि ये लोग एक सिंडिकेट के तहत काम करते हैं और महिलाओं को बहकाकर अपराधों में शामिल करवाते हैं। ये लोग रहे मौजूद तीनों गांवों के लोग इन गतिविधियों से परेशान और अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इस मौके पर रामेश्वर, सोमबीर यादव, कृष्ण यादव, कृष्ण ढाका, सतबीर प्रधान, बलदेव, सन्नी ढाका, मोनू, बंटी, नसीब, राहुल, अजमेर, राजेश, भूप सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।