वेलेंटाइंस डे पर बात करेंगे गोरखपुर के उन कपल की जिनकी कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं हैं। जहां एक तरफ शालिनी और सुरेंद्र की प्यार की कहानी बर्थडे पार्टी में पहली मुलाकात से शुरू हुई। धीरे- धीरे दोस्ती में बदली और कब प्यार हो गया पता ही नहीं चला। तो वहीं बिहार की निक्की और यूपी के मिहिर की प्रेम कहानी भी बहुत कुछ कहती है। इन दोनों को परिवार ने मिलाया। लेकिन मिहिर के प्यार और निक्की के सम्मान ने रिश्ते के डोर को ऐसे मजबूत किया कि उनके लिए हर दिन वैलेंटाइन डे है। इतना ही नहीं नेहा और अमित की केमिस्ट्री भी बेहद ही खास है। इन्हें भी परिवार ने ही मिलवाया लेकिन इंगेजमेंट के बाद और शादी से पहले इन दोनों ने लवर की तरह समय बिताएं। इन कपल का मानना है कि अपने पार्टनर के साथ हर, दिन हर पल खास होता है। बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ प्यार का सफर
शालिनी बताती हैं कि हमारा पहला वेलेंटाइन मैं कभी नहीं भूल सकती। सुरेंद्र ने मुझे ऐसा सरप्राइज दिया जिसने हम दोनों की जिंदगी बदल दी। सुरेंद्र मेरे कॉमन फ्रेंड थे, मैं उनको जानती तो थी लेकिन कभी मिले नहीं थे। 2 दिसंबर 2015 को मेरे बर्थडे पर बाकी दोस्तों के साथ मैंने उन्हें भी बुला लिया। उस दिन हम पहली बार मिले। उनको मैं पसंद आई। हम नॉर्मली दोस्तों की ग्रुप्स में मिलते रहते थे। लेकिन उन सब में भी हमारी वाइब मैच होने लगी। धीरे- धीरे सुरेंद्र भी मुझे पसंद आने लगे। हम दोनों एक साथ समय बिताने लगे। लगभग 2 महीने ही बीते होंगे कि वैलेंटाइन वीक शुरू हुआ। सुरेंद्र ने हर दिन मुझे छोटी- छोटी गिफ्ट दिया और फिर वैलेंटाइन के दिन उसने डरते-डरते धीमी आवाज में मुझसे पूछ ही लिया- क्या तुम मुझसे शादी करोगी। मैंने तो इसके बारे में कभी सोचा ही नहीं था। मैं उसकी बाते सुनकर शॉक्ड हो गई, समझ नहीं आया क्या बोलूं, दो मिनट के लिए सोचा और फिर हां कह दिया। घर वालों को मनाना थोड़ा कठिन था लेकिन हम दोनों ने साथ मिलकर वह भी कर लिया और कुछ ही महीनों बाद 11 जुलाई 2016 को हमने शादी कर ली। तबसे हमने हर साल वैलेंटाइन मनाया लेकिन हमारे लिए पहला वाला हमेशा खास है। क्योंकि असली कहानी वहीं से शुरू हुई थी। और दिल कहे हर दिन ‘वैलेंटाइन’
इनसे थोड़ी अलग कहानी है निक्की रानी और डॉ. मिहिर कुमार की। इनकी मिलना सिर्फ दो लोगों या दो परिवारों का मिलना ही नहीं है बल्कि दो राज्यों यूपी और बिहार का जुड़ना भी है। निक्की बताती हैं कि वो बिहार की रहने वाली हैं, जबकि उनके पति यूपी के। यूपी में उनकी कोई रिश्तेदारी थी जिनके माध्यम से परिवार के लोगों ने इन दोनों को मिलवाया। पहली मुलाकात में ही दोनों ने एक- दूसरे को पसंद कर लिया। शादी तय होने के बाद मिहिर ने निक्की को एक की-पैड मोबाईल दिया। दोनों घंटों फोन से बात करते थे। इतना ही नहीं उस समय व्हाट्सएप यूज न करने के बावजूद वे दोनों टेक्स्ट मेसेज से ही चैटिंग करते थे। 2009 में दोनों की शादी हुई। तबसे लेकर आजतक मिहिर ने मुझे जीवन में हर खुशी दी है। शादी से पहले तो हमने वैलेंटाइन डे नहीं मनाया लेकिन मिहिर के होने से मेरा हर दिन वैलेंटाइन डे है। पिछले साल का वैलेंटाइन डे की बात करूं तो हम दोनों ने एक दूसरे को सरप्राइज दिया था। उनके घर आने से पहले मैंने अपने कमरे को बहुत ही खूबसूरत ढंग से सजाया जिसे देखकर वो काफी खुश हुए। वे भी मेरे लिए एक खूबसूरत सा पेंडेंट लेकर आए थे, मुझे बहुत अच्छा लगा। शादी से पहले लवर की तरह मिलते थे
गोरखपुर के ही रहने वाले नेहा और अमित की शादी तो अरेंज मैरिज ही हुई थी लेकिन किसी लव मैरिज से कम नहीं थी। नेहा बताती है कि शादी से पहले और इंगेजमेंट के बाद वाला समय हम दोनों के लिए सबसे यादगार पल है। हम घरवालों को बिना बताए एक दूसरे से मिलते, मूवी जाते थे। उस बीच जब वैलेंटाइन वीक आया तो मैं उनसे मिलना चाहती थी लेकिन वो मिलता नहीं था कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देता था। मैं थोड़ी दुखी होती थी कि ये वाला समय कभी नहीं मिलेगा। लेकिन 14 फरवरी के एक दिन पहले ही वो मेरी बहन के साथ मिलकर मुझे बहुत बड़ा सरप्राइज दिया। प्यारे से रिंग के साथ बड़ा सा टेड्डी वियर, रोज, चॉकलेट और एक लेटर भेजा। मुझे यह देखकर बहुत अच्छा और फिर हम वैलेंटाइन वाले दिन मिले। हमारी शादी 2019 में हुई थी। तबसे लेकर आजतक हर साल वैलेंटाइन वीक में हम उस दिन को याद करते हैं। इतना ही नहीं अभी तक अमित और मैं उस दिन एक दूसरे के लिए कुछ न कुछ स्पेशल जरूर करते हैं।
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